गर्भावस्था में आयरन बहुत जरुरी होता है, क्योंकि इस दौरान गर्भवति महिलाओं को कई तरह की स्वास्थ समस्याओं से जूझना पड़ता है। जिसमें खून की कमी सबसे बड़ी समस्या है। आयरन शरीर में हिमोग्लोबिन बनाता है,इसलिए गर्भवती महिलाओं को आयरन से भरपूर चीज खाने की सलाह दी जाती है। कई बार डॉक्टर महिलाओं को आयरन के टैबलट व कैप्सूल भी खाने को देते हैं। आईए जानें क्यों जरुरी है गर्भावस्थाट में आयरन
गर्भावस्था के दौरान आयरन
- महिलाओं में आयरन की जरूरत हीमोग्लोबिन बनाने के लिए होती है। यह प्रोटीन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है जो शरीर के विभिन्न अंगों तथा ऊतकों में ऑक्सीजन वहन करने का काम करता है।
- गर्भवती महिलाओं को सामान्य से 50 प्रतिशत अधिक रक्त की मात्रा चाहिए होती है, इसलिए आयरन की जरुरत भी बढ़ जाती है।
- अगर गर्भवती महिला के खाने में आयरन की उतनी मात्रा नहीं है जितनी कि उसके शरीर को जरूरत है तो गर्भवति महिला को आयरन की कमी या एनीमिया भी हो सकता है। गर्भावस्था में यह रोग फोलिक एसिड की कमी के कारण भी हो सकता है।
- आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया से समय से पहले डिलवरी और कम वजन या अल्पविकसित शिशु पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है।
- मां में खून की कमी होने से शिशुओं के दिमाग में लाइलाज किस्म की क्षति होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है।
कितनी मात्रा में ले आयरन
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को रोज 30 मिलीग्राम आयरन की जरुरत होती है। गर्भावस्था की पहली एवं तीसरी तिमाही में आयरन की सबसे ज्याजदा आवश्यकता होती है। एनीमिया से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं को रोज 120 मिलीग्राम का आयरन सप्लीमेंट लेना चाहिए।
आयरन की कमी के लक्षण
कमजोरी होना, बहुत ज्यादा थकान होना, सांस लेने में समस्या होना, नाखूनों, आखों या होठों का पीला होना आयरन की कमी के लक्षण हैं।
आयरन के स्रोत
- हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन का एक अच्छा स्रोत हैं। गर्भवती महिलाओं को रोज अपने खाने में पालक, मेथी, बथुए का साग शामिल करना चाहिए।
- आयरन से भरपूर अन्य सब्जियां हैं, ब्रोकोली, टमाटर, मशरूम, चुकंदर, कद्दू, शतावर तथा शकरकंदी।
- गर्भवती महिलाएं चुकंदर का जूस भी ले सकती हैं। इससे शरीर में बहुत जल्दी खून बनता है।
- चर्बीरहित मॉस, चिकन तथा मछली शामिल करने का प्रयास करें।
- भोजन लोहे के बर्तनों में पकायें।
- सब्जियों में मेथी या धनिये के पत्ते डालें जिससे स्वाद तो बढ़ता ही है, साथ में उनके पोषक तत्वों भी मिलता है।
- काजू, नारियल, पिस्ता, किशमिश व अखरोट जैसे मेवे खाएं।
- सोयाबीन, लोबिया, राजमा, काबुली चना और दालों जैसी फलियां।
- फल जैसे कि तरबूज, अंगूर, सेब, केला, संतरा व स्ट्राबेरी
- आटा या पास्ता, अनेक अनाजों से बनी ब्रेड, दलिया ।

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