गर्भवास्था की दूसरी तिमाही योग और स्‍वीमिंग करके रखें खुद को फिट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 26, 2012
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Quick Bites

  • दूसरी तिमाही में वजन बढ़ता है जिससे शरीर में कमजोरी और थकान होने लगती है।
  • इस दौरान किया जा सकता है एरोबिक एक्टिविटीज, जैसे - दौड़ना और जागिंग।
  • सेकेंड ट्राइमेस्‍टर में योगा और स्‍वीमिंग करने से भी रहते हैं फिट और एनर्जेटिक।
  • दूसरी तिमाही में महिला का वजन सामान्य से लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ता है। 

गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में शरीर का वजन बढ़ जाता है जिसके कारण शरीर में कमजोरी और थकान होना शुरू हो जाता है। ऐसे में शरीर को स्वस्‍थ्‍य और एनर्जेटिक बनाये रखने के लिए एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। दूसरी तिमाही में त्वचा में भी बदलाव हो जाता है।

Exercise In The Second Trimesterतीसरी तिमाही की तुलना में सेकेंड ट्राइमेस्टर में ज्यादा काम्लीकेशन्स नही होते हैं इसलिए आसानी से एक्सरसाइज किया जा सकता है। लेकिन इस दौरान ज्यादा मेहनत वाले व्या‍याम करने से बचना चाहिए। आइए हम आपको बताते हैं‍ कि प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में व्यायाम कैसे करें।

 

[इसे भी पढें : गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही में कैसे करें व्‍यायाम]

प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में व्यायाम


एरोबिक्‍स 

एरोबिक एक्टिविटीज, जैसे दौड़ना और जागिंग करना, गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में किया जा सकता है। दूसरी तिमाही में पेट बाहर की तरफ निकल जाता है इसलिए जागिंग और रनिंग आराम से कीजिए। सुबह उठकर जागिंग करना मां और भ्रूण दोनों के लिए फायदेमंद होता है। गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में मार्निंग वॉक धीरे-धीरे कीजिए, जिससे कि आप और बच्चे को कोई नुकसान न हो, कोशिश यह कीजिए कि जागिंग करते वक्त कोई आपके साथ हो।

 

स्वीमिंग 

अगर आप स्वीमिंग की शौकीन है तो गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में भी स्वीमिंग कर सकती हैं, स्वीमिंग करने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है। लेकिन, स्वीमिंग आराम से और धीरे-धीरे कीजिए। एक साथ ज्या‍दा देर तक लगातार स्वीमिंग करने से बचिए, स्वीमिंग को टुकड़ों में करने की कोशिश कीजिए। स्वीमिंग के दौरान पैरों की बजाय हाथों का ज्यादा प्रयोग कीजिए। स्वींमिंग किसी ट्रेनर की देखरेख में ही कीजिए।

 

योगा 

योगा तो किसी भी समय किया जा सकता है और योगा शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में योगा के जरिए आप फिट और हेल्दी रह सकती हैं। प्रेगनेंसी के सेकेंड ट्राइमेस्टर में योगा के आसनों को करते वक्त सावधानी बरतिये। इस दौरान पॉवर योगा जैसे आसनों को करने से बचें। खड़े होकर योगा करने की बजाय चटाई पर बैठकर करने वाले योगा के आसनों को अपनाइए।

 

[इसे भी पढ़ें : लेबर पीड़ा से राहत दिलाने वाले व्‍यायाम]

गर्भावस्‍था में व्यायाम के फायदे

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर शरीर को फिट और हेल्दी रखने के लिए एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। गर्भावस्था में भ्रूण के विकास के साथ-साथ मां का वजन और शरीर की बनावट में भी बदलाव आ जाता है। इसलिए दूसरी तिमाही में एक्सरसाइज से मां और शिशु दोनों स्‍वस्‍थ्‍य रहते हैं।


गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के दौरान महिला का वजन सामान्य वजन से लगभग 40 प्रतिशत तक ज्यादा हो जाता है। दिल की धड़कन की गति भी बढ़ जाती है। इसलिए गर्भावस्था के दूसरी तिमाही में व्या‍याम पूरी तरह से ट्रेनिंग लेकर ही करें, या‍ फिर किसी चिकित्सक से इस बारें में कंसल्ट कीजिए।

 

 

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