गर्भावस्था के पहले ट्राइमेस्टर में खानपान के साथ जरूरी जांच अवश्‍य करायें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 26, 2012
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Quick Bites

  • जी मिचलाना, घबराहट, थकावट, उल्टी जैसी समस्‍या हाती है पहली तिमाही में।
  • इन दिनों भूखा न रहें, थोड़े-थोड़े अंतराल पर अल्पमात्रा में फल, ग्लूकोज लीजिए।
  • कैफीनयुक्‍त चाय व कॉफी ज्‍यादा न पियें, इससे मिसकैरेज की संभावना बढ़ाती है।
  • समय-समय पर आपको अपने हीमोग्लोबिन की जांच कराना जरूरी होता है।

गर्भधारण करने के बाद महिला को अपने स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति सजग हो जाना चाहिए। खासकर पहली तिमाही में महिला को खान-पान का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए क्‍योंकि इस दौरान मतली और नौजिया की ज्‍यादा संभावना होती है।

precaution during firstइस नौ महीने के सफर में गर्भवती महिलाओं को अपने होने वाले बच्चे के लिए कई सावधानियां बरतनी होती है। गर्भावस्था के इन नौ महीनो की गिनती आखिरी माहवारी के प्रथम दिन से की जाती है। इन नौ महीनो को तीन ट्राइमेस्टर में विभाजित किया जाता है। हालांकि यह गर्भावस्‍था के शुरूआती दिन होते हैं लेकिन ये शुरूआती दिन बहुत जरूरी हैं। पहली तिमाही में आपने ध्‍यान रख लिया तो कई प्रकार की जटिलताओं से बचा जा सकता है। आइए हम आपको बताते हें कि गर्भावस्‍था की पहली में किन-किन बातों का ध्‍यान रखा जाना चाहिए।

 

प्रथम ट्राइमेस्टर

मासिक धर्म के रुकने के बाद पहले तीन महीने इस चरण में आते हैं। इस समय भ्रूण का विकास होता है और वो मानव भ्रूण का आकार लेने लगता है। इस दौरान डॉक्टर से पूछे बिना कोई भी दवा लेना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि कई दवाएं इस अवधि में हानिकारक हो सकती हैं और बच्चे में संरचनात्मक विकार पैदा कर सकती हैं। इस समय महिला को जी मिचलाने,घबराहट होने ,थकावट होने,उल्टी आने जैसी शिकायतें होती हैं ,जो तीन माह होते ही आपने आप ठीक हो जाती है। स्तनों में भी भारीपन आ सकता है।इस अवधि में फोलिक एसिड के अलावा किसी दवा की जरूरत नहीं होती है।


गर्भावस्‍था की पहली तिमाही में सावधानी


भूखा न रहें

महिला को इन दिनों भूखा नहीं रहना चाहिए और थोड़े-थोड़े अंतराल पर अल्पमात्रा में फल, ग्लूकोज मिला पानी आदि लेते रहना चाहिए। मिर्च और चिकनी चीजों से परहेज करना चाहिए।

 

नियमित जांच जरूरी

जैसे ही आपको पता चलता है कि आप गर्भवती हैं, तुरंत डाक्टर से मिलें। हर 15 दिन बाद डाक्टर से अपना चेकअप करवाती रहें।

 

कैफीन से बचें

गर्भावस्था के दौरान ज्यादा चाय व कॉफी लेने से बचना चाहिए क्योंकि इसमें कैफीन होता है जिससे गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती है।


खून की कमी न हो

ऐसे समय में खून की कमी नहीं होनी चाहिए। समय-समय पर आपको अपने हीमोग्लोबिन की जांच कराना जरूरी होता है। चुकंदर का जूस, हरी सब्जियां, फल जैसी खून बढ़ाने वाली चीजों का सेवन करना चाहिए।

 

वजन का बढ़ना

गर्भावस्था में वजन बढना आम बात है लेकिन जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ना समस्या है क्योंकि इसे उच्च रक्तचाप, हृदययरोग, मधुमेह की समस्या हो सकती है। इसलिए ज्यादा चर्बी बढाने वाली चीज़ों से परहेज करें।

 

कमर दर्द

कमर का दर्द आजकल की आम समस्या है लेकिन गर्भकाल में इसकी संभावना बहुत अधिक बढ जाती है। ऐसा कई बार कैल्शियम की कमी से भी होता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा कैल्शियम वाली चीजों का सेवन करें।

 

 

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