गर्भावस्था के दौरान प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट युक्‍त आहार का सेवन करके आसानी से बढ़ा सकते हैं वजन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 18, 2012
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Quick Bites

  • कैल्शियम, प्रोटीन और आयरन का ज्‍यादा सेवन करें।
  • डेयरी उत्‍पाद का सेवन कम से कम २ या ३ बार करें।
  • हरी सब्जियां और ताज़े फलों का सेवन जरूर करें।
  • डायट में करबोहाइड्रेट और वसा की मात्रा न बढ़ायें।

गर्भवती होने के बाद महिला का वजन अपने आप बढ़ता है, लेकिन यदि महिला का वजन कम है तो उसके लिए परेशानी हो सकती है। इस दौरान आप खानपान पर ज्‍यादा ध्‍यान देती हैं जिससे वजन बढ़ता है। इस समय महिला को 300 अतिरिक्‍त कैलोरी की आवश्‍यकता होती है। कैलोरी की जरूरत को पूरा करने के लिए महिला को ज्‍यादा प्रोटीनयुक्‍त आहार का सेवन करना चाहिए।

Increase Weight During Pregnancy ऐसा माना जाता है कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को अपने वज़न पर बराबर नज़र रखनी चाहिए और उसे बढ़ने नहीं देना चाहिए। यदि आपका वजन कम है तो इसे बढ़ाने की कोशिश कीजिए, नहीं तो प्रसव के दौरान समस्‍या हो सकती है। लेकिन आपका वजन कम है तो कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन औश्र वसायुक्‍त आहार का सेवन करके आप अपना वजन बढ़ा सकती हैं। हमारे ये टिप्‍स आपके लिए कारगर हो सकते हैं।

 

वजन बढ़ाने के टिप्‍स

  1. गर्भावस्‍था के दौरान आहार में कैल्शियम, प्रोटीन और आयरन की आवश्यकता अधिक हो जाती है।
  2. इस दौरान सारे विटामिन और सप्लीमेंट की आवश्यकता भी अधिक होती है।
  3. वजन बढ़ाने के लिए दूध और दूध के उत्पादन का सेवन दिन में कम से कम २ या ३ बार करें।
  4. अपने आहार में हरी सब्जियां और ताज़े फलों का सेवन भी बढ़ा दीजिए।
  5. खानपान में करबोहाइड्रेट और फैट की ज्‍यादा मात्रा बिलकुल न बढ़ायें।

 

वजन बढ़ाने के अन्‍य टिप्‍स


लगातार खाते रहें

अक्सर ऐसा होता है कि एक गर्भवती महिला का पेट इस कदर अनाप शनाप खान पान से भरा होता है कि वह अपने आहार में अतरिक्त कैलरी जोड़ नहीं पाती। पूरे दिन में अल्प मात्रा में और थोड़े थोड़े अंतराल पर खान पान का सेवन करने से शरीर में अतिरिक्त कैलरीओं को जोड़ा जा सकता है। इससे मतली और सीने में जलन जैसी शिकायतों से भी जूझा जा सकता है। 

 

भोजन साथ लेकर जाएं

कार्यस्थल पर अपना आहार साथ लेकर जाएँ ताकि आप पूरा दिन कुछ न कुछ खा सकें। ऐसे खान पान लेकर जाएँ जिन्हें तैयार करने या  पकाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जैसे कि सूखे मेवे वगैरह। ताज़े फल और चीज़ या पनीर का भी सेवन किया जा सकता है।खाना पकाते समय उबालने, सेंकने, भूनने की प्रक्रिया का प्रयोग करें।

 

कम नमक का प्रयोग करें

खाने में कम से कम नमक का प्रयोग करें। नमक का ज्‍यादा प्रयोग करने से वजन कम होता है, इसलिए वजन बढ़ाना है तो ज्‍यादा नमक का प्रयोग करने से बचें।

 

पेय का सेवन

कृत्रिम पेयों का सेवन बिलकुल न करें, उसके बदले पानी या ताज़े फलों के रस का प्रयोग करें। जंक फ़ूड का सेवन करने से बचें। प्रोटीन युक्त आहार जैसे कि मांस, मछली, अंडे और दालों का सेवन करें।

 

वजन बढ़ाने के दौरान इस ग़लतफ़हमी में न रहे कि आपको चुपचाप सोये या बैठे रहना है। आपको हलके फुल्के व्यायाम करते रहना चाहिए। ऐसा करने से आपका बच्चा तंदरुस्त पैदा लेगा और आप मधुमेह की शिकार होने से भी बची रहेंगी।

 

 

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