गर्भावस्था के दौरान तेज दर्द और जलन हो सकते हैं खतरे के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 04, 2012
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Quick Bites

  • प्रेग्‍नेंसी में सीने में जलन, पीठ का दर्द और थकावट सामान्‍य है।
  • 100 से 104 डिग्री तापमान तक बुखार हो सकता है नुकसादेह।
  • हाई बीपी के कारण उल्टियों के दौरान आखों से रक्‍तस्राव होना।
  • योनी से गुलाबी या भूरे रंग के तरल पदार्थ का लगातार स्राव होना।

garbhavastha ke dauran khatre ke lakshan

वो महिलाएं जो पहली बार गर्भवती होती हैं, उन्‍हें अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्‍यकता होती है। ऐसी अवस्‍था में आपकी थोड़ी सी लापरवाही बड़ी समस्‍या बन सकती है। आपके लिए यह जानना भी मुश्‍किल हो जाता है कि आपमें कौन से लक्षण सामान्‍य हैं और कौन से असामान्‍य। गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को कुछ बेचैनियों का अनुभव हो सकता है, और कुछ परेशानियाँ जैसे कि सीने में जलन, बार बार पेशाब आना, पीठ का दर्द, और थकावट का होना एक आम बात है ।     

पर कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जो आपके और आपके होनेवाले बच्चे के लिए खतरे के संकेत हो सकते हैं। हालाँकि अधिकतर गर्भावास्था में ऐसी कोई समस्याएँ नहीं होतीं, लेकिन फिर भी हर गर्भवती महिला को इनके बारे में जानना बहुत ज़रूरी होता है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके ।

गर्भावस्‍था के खतरे

  • गर्भावस्था के 20 सप्ताह के भीतर सामान्य मरोड़ से अलग मरोड़ का अनुभव करना ।
  • 100 से 104 डिग्री तापमान तक बुखार होना।
  • वज़न की कमी और शुष्कता के साथ लगातार उल्टियों का आना। डिहाइड्रेशन की निशानियाँ हैं: प्यास का बढ़ना, शुष्क मुंह, कमजोरी और सर में हल्कापन महसूस होना, गहरे रंग का पेशाब या कम पेशाब आना।   
  • उल्टियों के दौरान हुए उच्च रक्तचाप के कारण आँखों की रेटिना में रक्तस्राव का होना।
  • 140/90 से अधिक रक्तचाप का होना, और साथ में सिरदर्द, चेहरे, आँखों, हाथ और पैरों की सूजन , धुंधला नज़र आना।
  • गर्भ में बच्चे की सामान्य से कम गतिविधि (एक घंटे में चार से कम लातें मारना)।
  • हर 10 मिनट या उससे अधिक अवधि में सिकुडन का एहसास होना।
  • योनी से गुलाबी, या भूरे रंग के तरल पदार्थ का स्राव होना।
  • पीठ के नीचे की तरफ हल्का सा दर्द होना।
  • पेशाब करते समय जलन का एहसास होना, या पेशाब कम आने का अर्थ है कि आपको किसी प्रकार का संक्रमण हुआ है।
  • पेट के आसपास किसी प्रकार की चोट का लगना, आपके होनेवाले बच्चे को हानि पहुंचा सकता है और गर्भनाल को गर्भाशय की दीवार से अलग कर सकता है, तो ऐसी किसी चोट के लगने पर तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करें।
  • बेहोशी, बार बार चक्कर आना, धड़कन के तेज़ होने जैसे लक्षणों को अनदेखा न करें ।

हालाँकि अनेक मामलों में यह अवस्था खाना न खाने पर होती है, या निर्जलीकरण के कारण भी हो सकती है, पर ऐसा भी हो सकता है कि आपके अंदर खून की कमी हो गई है या कोई अन्य वजह भी हो सकती है। तो बेहतर होगा कि आप अपने चिकित्सक की तुरंत सलाह लें।    

 

 

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