गर्भावधि मधुमेह पर नियंत्रण के लिए बनाइये आदर्श डायट चार्ट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 02, 2013
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Quick Bites

  • एक आदर्श डायट चार्ट बनाकर आप गर्भावधि मधुमेह को कर सकती हैं नियंत्रित।
  • इसके लिए एक डायट चार्ट बनाइये और नियमित रूप से उसका पालन कीजिए।
  • सुबह का नाश्‍ता करना बिलकुल न भूलें, यह आपको दिनभर ऊर्जावान रखता है।
  • रात को सोने से दो घंटे पहले डिनर करें, इससे खाना अच्‍छे से पच जाता है।

गर्भावधि मधुमेह मे एक आदर्श डाइट आपके रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित करती है, और साथ ही आपके और आपके गर्भ मे मौजूद शिशु की पोषक तत्वों की जरूरत को भी पूरा करती है। क्यूंकि आपके चिकित्सक आपकी आवश्यकताओं के बारे में भली प्रकार से जानते हैं, वे आपको एक उपयुक्त भोजन योजना सुझा सकते हैं।

garbhavadhi madhumah ke liye aahar yojanaयदि आप गर्भवतती हैं और आपको गर्भावधि मधुमेह की समस्या है तो आप निम्न भोजन योजना का पालन कर सकती हैं। लेकिन यह ध्यान अवश्य रखें कि प्रत्येक महिला की गर्भावधि मधुमेह के दौरान भोजन की अलग-अलग जरूरतें होती है, ऐसे मे अपने डाइटीशियन तथा चिकित्सक से अपने डाइट प्लान पर विचार विमर्श अवश्य कर लें।

 
आपकी भोजन योजना, अपके वजन, ऊंचाई, गतिविधि, गर्भावस्था के चरण और अपने शर्करा की मात्रा आदि पर आधारित होती है गर्भावधि मधुमेह मे उचित भोजन योजना का पालन करने से कार्बोहाइड्रेट आदि की सहायता से शरीर मे रक्त शर्करा का स्तर ठीक रखा जा सकता है। हमारे द्वारा सुझाई भोजन योजना तथा भोजन के विकल्पों से आपका स्वाद और सेहत दोनो भली-चंगी रहेंगी।  

सुबह छः से सात बजे के बीच

एक गिलास बिना चीनी का दूध (तकरीबन 250 से 300 एम एल), 25 ग्राम भुने हुए चनों के साथ लें।

नाश्ता (सुबह 8 से 9 बजे के बीच)

नाश्ते के इस समय एक कप दूध (बिना चीनी का) के साथ में एक उबला अण्डा तथा दो गेहूं वाली ब्रेड के पीस 50 ग्राम पनीर के साथ लें। अथवा आप एक कटोरी दही के साथ सब्जी से भरी दो रोटियां ले सकती हैं। इसके अतिरिक्त तासरा विकल्प है कि आप ना बराबर तेल में बने दो छोटे डोसे या तीन इडली, सांभर के साथ भी ले सकती हैं।

ग्यारह बजे करीब

आप 150 ग्राम के करीब अमरूद, नाशपाती, बेर, सेब या मौसमी ले सकती हैं।

दोपहर का भोजन

आप इस समय के खाने की शुरुआत टमाटर, गाजर, चुकन्दर और ककडी के एक छोटी प्लेट सलाद के साथ कीजिए। साथ में एक कटोरी सब्जी, एक कटोरी दाल, एक कटोरी दही और तीन रोटी लें। आप रोटियां कम कर चावल शामिल कर सकती हैं। बस ध्‍यान रखें की यह सब बनाने में दो चम्मच से अधिक तेल ना लगा हो।  

शाम करीब चार बजे

इस समय आप के पास दो विकल्प हैं। या तो आप एक कप दूध लें या बिना चीनी की लस्सी।  

शाम छः बजे

शाम को आप सब्जी के रस या सूप के साथ एक कटोरा अंकुरित  अनाज ले सकती हैं।  

डिनर (8 से 9 बजे के बीच)

भोजन के इस समय आप सुबह के नाश्ते वाले व्यंजन ही ले सकती हैं किन्तु स्वाद बदलने के लिए आप मटर के साथ पनीर (मटर पनीर), मिश्रित सब्जी, सोया डली करी, साबुत मूंग की दाल, मसूर दाल, या मटर मसाला, हरी बीन्स और गाजर की सब्जी ले सकती हैं।  रात का खाना पकाने के लिए भी तेल की मात्र दो चम्मच का ही प्रयोग करें     

सोने से पूर्व

रात को सोने से पूर्व एक छोटा गिलास दूध और एक फल ले सकती हैं।

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इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

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