गर्भधान के अगले दिन गर्भावस्था के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 19, 2013
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Quick Bites

  • गर्भधान के अगले दिन पहचाने जा सकते हैं गर्भावस्था के लक्षण।
  • माहवारी न आना व बार-बार पेशाब लगना भी हैं गर्भावस्था के लक्षण।
  • गर्भ की सही जानकारी के लिए होती है अल्ट्रासाउंड स्कैन की जरूरत। 
  • गर्भधारण करने के बाद हो जाता है बच्चेदानी का बाहरी भाग मुलायम।
 

आप गर्भवती हैं या नहीं इस सवाल का जवाब तलाशना कई बार पेचीदा हो जाता है। लेकिन कुछ बातों पर ध्यान देकर आप इसका पता लगा सकती हैं। यहां तक कि आप गर्भधान के अगले दिन भी गर्भावस्था के लक्षणों को पहचान सकती हैं। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं गर्भधान के अगले दिन गर्भावस्था के लक्षणों के बारे में।

Pregnancy symptoms एक स्वस्थ महिला को हर महीने माहवारी होती है। गर्भ ठहरने का सबसे पहला लक्षण यह होता है कि गर्भ ठहरने के बाद किसी भी महिला की माहवारी होना बंद हो जाता है। इसके साथ ही जी मचलाना, उल्टी होना, बार-बार पेशाब लगना और स्तनों में हल्का दर्द बना रहना आदि साधारण लक्षण होते है। इन शिकायतों को लेकर महिलाएं स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाती है। डॉक्टर महिला के पेट और योनि की जांच करती है और बच्चेदानी की ऊंचाई देखती है। गर्भधारण करने के बाद बच्चेदानी का बाहरी भाग मुलायम हो जाता है। इन सभी बातों को देखकर डॉक्टर महिला मां बनने का संकेत देती है।

 

गर्भवती होने के लक्षण-


•    माहवारी न आना।

•    स्तनों में कठोरता।

•    चक्कर आना या सुबह-सुबह उल्टी आना।  

•    बार-बार पेशाब का लगना।

•    शिथिलता या थकावट सा महसूस होना।

 

गर्भवती होने के लक्षणों के परीक्षणों के प्रकार-


यदि आपको गर्भ ठहरने का शक हो, तो आपको इसकी पुष्टि करनी चाहिए। इसके लिए आप घर पर ही गर्भ परीक्षण कर सकती है, ऐसा आप प्रेगनेंसी परिक्षण किट इस्तेमाल करके कर सकती हैं या फिर डॉक्टर से अपने खून की जांच करवा सकती हैं।

 

गर्भवती महिलाओं के खून और मूत्र में एच.सी.जी. होता है जो कौरिऔन से बनता है। ये कौरिऔन औवल बनाती है। औवल का एक भाग बच्चेदानी की दीवार से तथा दूसरा नाभि से जुड़ा होता है। इसके शरीर में पैदा होते ही खून और मूत्र में एच.सी.जी. आ जाता है। इस कारण महिला को अगले महीने के बाद से माहवारी होना रुक जाता है। एच.सी.जी. की जांच खून या मूत्र से की जाती है। इन परीक्षणों से आपके मूत्र में गर्भावस्था के हॉर्मोन की उपस्थिति का संकेत मिलता है। जिससे आपके रक्त में गर्भावस्था के हॉर्मोन की उपस्थिति का पता लगाया जा सकेगा। ये परीक्षण गर्भ ठहरने के 5 दिन बाद से ही सही होते हैं, किन्तु परिणाम आने में 12-24 घंटे लग जाते हैं।

 

यदि आपका गर्भ 13 सप्ताह से ज्यादा का हो, तो सही-सही गर्भ की सही जानकारी पाने के लिए अल्ट्रासाउंड स्कैन की जरूरत होती है। आपकी आखिरी माहवारी के पहले दिन से कितने सप्ताह बीत चुके हैं, इस पर गर्भावस्था का समय निर्भर करता है।

 

उदाहरण के लिए, यदि आपका मासिक चक्र सामान्यत: 28 दिनों का है और आप एक सप्ताह से महावारी नहीं हुई हैं, तो इसका अर्थ यह होगा कि आपको 5 सप्ताह का गर्भ है। और गर्भ 3 सप्ताह पहले ठहरा होगा।

 

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