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हमारे हाथों की तुलना में पैरों की त्वचा अधिक मोटी होती है जिसकी रोजाना देखभाल नहीं करने से यह समय के साथ गंदी हो जाती है। अनेक लोगों को फटी एड़ियों की समस्या का सामना करना पड़ता है जो लम्बे वक्त में पैरों के स्वास्थ्य पर ध्यान न देने के कारण होती है।
हमारे पैरों की डेड त्वचा सेल्स को एक्सफॉलिएटेड करने की ज़रूरत होती है और नियमित माइश्चराईज़िग त्वचा को सूखने से बचाने के लिये महत्त्वपूर्ण है अन्यथा पैरों में बिवाईयां फट सकती हैं जिनमें खून भी आ सकता है। आपके पैरों की माइश्चराईज़िंग आपके चेहरे की देखभाल जैसी महत्वपूर्ण है। हर बार स्नान के वक्त पैरों को अच्छी तरह धोने या स्क्रब करने की आदत डालें। इससे आपके पैरों की केयर आसान हो जाती है।
पैरों की त्वचा के साथ फ्रिक्शन की संभावना ज़्यादा होती है जिसके लिये सही से फिट न होने वाले जूते या चलने का गलत स्टाईल जिम्मेदार होता है। पैर के तलुवे पर एक ही बिन्दु पर लगातार दबाव पड़ने से कॉर्न और कॉलस विकसित हो जाते हैं त्वचा कड़ी हो जाती है और बाद में इसमें दर्द हो सकता है।
रोजाना पैरों की देखभाल जैसे कि झांवा पत्थर (प्युमिस स्टोन) से स्क्रबिंग करना डेड सेल्स को हटा सकता है और पैरों में समस्याएं उत्पन्न होने की रोकथाम में मदद करता है। नीचे कुछ खास बिंदु दिये गये हैं, जिनको अपने पैरों की देखभाल के लिये आपको अपनाना चाहिये :
देख लें कि आपके अंगूठे हिल सकते हैं लेकिन नये जूते ट्राई करते वक्त आपकी एड़ियां बाहर नहीं आनी चाहिये।

