जूतों, चलने का स्‍टाइल और भी बहुत से कारणों से प्रभावित होती है पैरों की सेहत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 18, 2013
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • अपने पैरों की सही देखभाल कर आप उसे बना सकती हैं खूबसूरत और स्‍वस्‍थ
  • पैरों के लिए हमेशा सही आकार के ही जूते लें, जरा टाइट जूतों से होता है नुकसान
  • अपने पैरों को नियमित स्‍क्रब करते रहिये इससे पैरों की त्‍वचा नरम बनी रहेगी
  • अपने चलने का अंदाज रखिए सही ताकि पैरों पर बेवजह न पड़े कोई दबाव

पैर हमारे लिए क्‍या कुछ नहीं सहते। ऐसे में पैरों की सही देखभाल करना हमारा दायित्‍व बनता है। जानिए कैसे हम अपने पैरों की सही तरीके से देखभाल कर सकते हैं। 

हमारे हाथों की तुलना में पैरों की त्वचा अधिक मोटी होती है जिसकी रोजाना देखभाल नहीं करने से यह समय के साथ गंदी हो जाती है। अनेक लोगों को फटी एड़ियों की समस्या का सामना करना पड़ता है जो लम्बे वक्त में पैरों के स्वास्थ्य पर ध्यान न देने के कारण होती है।

 

foot care

सही न हो देखभाल हो तो सकता है नुकसान

हमारे पैरों की डेड त्वचा सेल्स को एक्सफॉलिएटेड करने की ज़रूरत होती है और नियमित माइश्चराईज़िग त्वचा को सूखने से बचाने के लिये महत्त्वपूर्ण है अन्यथा पैरों में बिवाईयां फट सकती हैं जिनमें खून भी आ सकता है। आपके पैरों की माइश्चराईज़िंग आपके चेहरे की देखभाल जैसी महत्वपूर्ण है। हर बार स्नान के वक्त पैरों को अच्छी तरह धोने या स्क्रब करने की आदत डालें। इससे आपके पैरों की केयर आसान हो जाती है।

 

चलने का स्‍टाइल है जिम्‍मेदार

पैरों की त्वचा के साथ फ्रिक्शन की संभावना ज़्यादा होती है जिसके लिये सही से फिट न होने वाले जूते या चलने का गलत स्टाईल जिम्मेदार होता है। पैर के तलुवे पर एक ही बिन्दु पर लगातार दबाव पड़ने से कॉर्न और कॉलस विकसित हो जाते हैं त्वचा कड़ी हो जाती है और बाद में इसमें दर्द हो सकता है।

 

प्‍यूमिस स्‍टोन से करें स्‍‍क्रब

रोजाना पैरों की देखभाल जैसे कि झांवा पत्थर (प्युमिस स्टोन) से स्क्रबिंग करना डेड सेल्स को हटा सकता है और पैरों में समस्याएं उत्पन्न होने की रोकथाम में मदद करता है। प्युमिस स्टोन या फुट स्क्रब से स्क्रबिंग करके कार्न्स और कॉलसेज से बचाव करें यह डेड त्वचा को हटाने में मददगार है जो बाद में कडी और मोटी होना शुरू हो जाती है और चलने-फिरने के समय दर्द उत्पन्न करती है।


माश्‍चरइजर रखे पैरों को नरम

अपने पैरों को वैसे ही माइश्चराइज़ करें जैसे आप शरीर के अन्य हिस्सों की केयर करते हैं। पैरों के तलुवों को मुलायम रखने के लिये इनमें कोई ऑयल ग्लैंड्स नहीं होतीं इसलिये किसी क्रीम को नियमित लगाने का रूटीन बनाना ज़रूरी है।यदि आपके पैर अत्यन्त सूखे हैं और त्वचा कटी-फटी है तो रात में सोने जाने के वक्त किसी हैवी ड्यूटी मॉइश्चराईज़र या पेट्रोलियम जेली का अच्छी तरह प्रयोग करें और बेहतर अवशोषण के लिये इसे कॉटन सॉक्स से कवर करें।

 

foot care

जूते हों सही

सही तरह से फिट आने वाले जूते पहनें क्योंकि ढीला या ज़्यादा कसा जूता आपके पैरों को सही तरह से सहारा न देकर काफी नुकसान पहुंचा सकता है। नये जूतों की खरीदारी दोपहर के काफी बाद या शाम के वक्त करें क्योंकि कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि दिन के दौरान हमारे पैरों में कुछ सूजन आ जाती है।

देख लें कि आपके अंगूठे हिल सकते हैं लेकिन नये जूते ट्राई करते वक्त आपकी एड़ियां बाहर नहीं आनी चाहिये।

  • हमारे पैरों में फंगल इंफेक्शन होने की संभावना ज़्यादा होती है और इससे बचाव के लिये हाइजीन का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। पैरों को कभी भी गीला नहीं रखना चाहिये इन्हें अच्छी तरह से खासकर अंगूठों के बीच की जगह को सुखा लेना चाहिये। पैरों के नाखून नेल कटर की सहायता से सही तरह से काटने चाहिये।
  • यदि आपके पैर दर्द करते हैं तो आप इन्हें सी सॉल्ट मिले गुनगुने पानी में डुबो सकते हैं। इससे दर्द से राहत मिलती है और नर्व को आराम मिलता है।
  • अपने पैरों को रिलैक्स करने के लिये आप हाथों से हल्के गूंधते हुए तलुवों की मसाज कर सकते हैं। हल्के से हाथों को घुमाने और सॉफ्ट मसाज से आपके पैरों को रिलैक्स होने में मदद मिलती है।
  • यदि आपकी एड़ियों में दर्द हो तो हाई हील शूज से बचें क्योंकि इससे खिंचाव और दर्द ज़्यादा बढ़ सकता है।

 

Read More Articles on Feet Care in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES16 Votes 17057 Views 1 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

टिप्पणियाँ
  • neetu12 Feb 2013

    very nice tips

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर