हाइपोथायरायडिज्म का कारण हैं ये आहार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 16, 2015
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Quick Bites

  • थायराइड ग्रंथि की अतिसक्रिया है हाइपोथायराइडिज्‍म।
  • कई आहार ऐसे भी हैं जिनके सेवन होती है समस्‍या।
  • ऐसे आहारों का सेवन करने से बचें जिसमें आयोडीन हो।
  • प्रोसेस्‍ड और फैटी आहार का सेवन करने से बचें।

थायराइड ग्रंथि हमारे गले में पायी जाती है, यह थॉयरॉक्सिन हार्मोन का स्राव करती है। जब थायरॉयड ग्रंथि से थायरॉयड हॉर्मोन का उत्पादन पर्याप्त नहीं हो पाता है तो हाइपोथायरायडिज्म की समस्‍या होती है। हाइपोथायरायडिज्म के कई कारण हैं, लेकिन इस समस्‍या के लिए सबसे अधिक जिम्‍मेदार आहार भी होता है। इसलिए ऐसे आहार का सेवन करने से बचें जो थायराइड की समस्‍या का कारण बनते हैं। इस लेख में विस्‍तार से जानिये ऐसे आहार के बारे में जिनके सेवन से हाइपरथायराइडिज्‍म की समस्‍या होती है।

 

Hypothyroidism in Hindi

 

कॉफी का अधिक सेवन  

कॉफी का सेवन करने वालों के लिए यह बुरी खबर हो सकती है, क्‍योंकि इसके अधिक सेवन से हाइपरथायराइडिज्‍म की समस्‍या हो सकती है। इसलिए कॉफी का सेवन संभलकर कीजिए। हो सके तो एक दिन में 3 कप से अधिक कॉफी पीने से बचें।

खाने में ना ले गोईट्रोजेंस

गोईट्रोजेंस एक ऐसा पदार्थ है जिसके सेवन से थायराइड ग्रंथि प्रभावित होती है। इसलिए गोइंट्रोजेंस वाले पदार्थों का ज्यादा सेवन करने बचें। गोईट्रोजेंस वाले पदार्थों में ब्रोकोली, ब्रसेल्स, स्प्राउट्स, गोभी, फूलगोभी, गोभी, कोल्हाबी, शलजम, बाजरा, पालक, स्ट्रॉबेरी, आड़ू, मूंगफली, मूली, और सोयाबीन आदि शामिल हैं।

 

Hypothyroidism in Hindi

 

फाइबर की सही मात्रा

फाइबर आपके लिए सेहतमंद है पर इसका जरूरत से ज्यादा सेवन आपके थायराइड ग्रंथि को प्रभावित कर सकता है। इसलिए कोशिश करें कि आपके नियमित आहार में फाइबर की मात्रा 25 ग्राम से अधिक न हो। अनाज, सब्जियां, फल, सेम और फलियों आदि से मिलने वाला फाइबर से आपको हाइपोथायराइडिज्‍म की समस्‍या हो सकती है। यदि आप फाइबर की मात्रा ज्यादा ले रहें हो तो इसके बारे में अपने डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें।

प्रोसेस्ड फूड

प्रोसेस्ड फूड में सोडियम की मात्रा अधिक पाई जाती है और सोडियम हाइपोथायरायडिज्म के लिए अच्छा नहीं होता है। इससे हाई ब्लडप्रेशर की संभावना बढ़ जाती है। प्रोसेस्ड फूड लेते समय उसमें सोडियम की मात्रा की जांच जरूर कर लीजिए। एक दिन में केलव 1500 मिलीग्राम सोडियम का ही सेवन करना चाहिए।

वसायुक्त भोजन से करें परहेज  

वसा हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है, लेकिन अगर इसकी अधिक मात्रा (असंतृप्‍त वसा) लेने से थायराइड की समस्‍या हो सकती है। यदि आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल असामान्य रूप से बढ़ रहा है तो इसके कारण हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं और यह थॉयराइड का कारण बन सकता है। जैतून का तेल, घी, नाशपाती, सन बीज, मछली, बादाम और अखरोट, के अलावा वसा रहित खाद्य-पदार्थ पनीर, दही, पनीर और नारियल के दूध का सेवन कीजिए, इसमें स्‍वस्‍थ वसा पायी जाती है।

हालांकि थायराइड को साइलेंट किलर माना जाता है, लेकिन हाइपोथायराइडिज्‍म के कारण शरीर में सूजन की समस्‍या हो सकती है, थकान की भी शिकायत होती है। इसलिए अगर ऐसे लक्षण आपको दिखें तो चिकित्‍सक से परामर्श जरूर लें।

 

 

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