आपके काम को खुशनुमा बना देंगी ये 5 बातें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 14, 2014
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Quick Bites

  • सकारात्‍मक छवी वाले व्यक्ति कर पाते हैं बेहतर काम।
  • बेहतर छवी बनाएं रखने से काम बनता है मज़ेदार।
  • आपका एटीट्यूड करता है एल्‍टीट्यूट का निर्धारण।  
  • खुद को माने लकी और माहौल को बनाएं खुशनुमा।

देश और दुनिया ताज़ी से तरक्कि करते जा रहे हैं, और ऐसे में तेज़ी से बढ़ रही है मंहगाई और लगों की कमाई भी। देखिये इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि जैसे-जैसे समय बदला है मंहगाई के साथ लोगों के पास काम के और पैसा कमाने के अवसर भी बढ़े हैं। जिस कारण जीवन में तनाव का स्तर भी तेज़ी से बढ़ा है। लोग ज्यादा से ज्यादा सुविधाओं को अर्जित कर सुख का भोग करना चाहते हैं, जिसके लिए वे पागलों की तरह काम करते हैं। इसी के चलते कई बार उनका काम जैसे एक बोझ बन जाता है, और दफ्तर का हर एक दिन पहाड़ जैसा दिखने लगता है। लेकिन वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अप ने काम का पूरा मज़ा लेते हैं और बेहतर जीवन व्यतीत करते हैं। आप भी अपने काम को आनंद लेकर कर सकते हैं, बशर्ते आप काम करने के तरीकों में कुछ सकारात्मक बदलाव लाएं। तो बताते हैं कि वे कौन से तरीके हैं जिनकी मदद से आप अपने काम को खुशनुमा बना सकते हैं।   

 

Happy At Work In Hindi

 

 

ज़रूरी है काम के दौरान खुश रहना

हर नज़रिये से आपके लिए आपके लिए काम के दौरान खुश और रिलैक्स रहना लाभदायक है। लेकिन यह भी सच है कि ऐसा कहना बहुत आसान है लेकिन करना थोड़ा मुश्किल, लेकिन नामुम्किन कतई नहीं। जाहिर है, टेंशन देने वाले बॉस, टांग खींचने वाले सहकर्मी, कम तन्ख्वाह़, दफ्तर की राजनिति, और प्रतिस्पर्धा के चलते काम के साथ खुश रहना थोड़ा सा मुश्किल है, लेकिन आपको यह भी नहीं भूलना चाहिए कि नौकरी का तनाव आपके शरीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को काफी प्रभावित करता है। और अगर आप सोच रहे हैं कि नौकरी बदल कर आप इससे छुटकारा पा लेंगे, तो यह सही समाधान न होगा। ऐसे में आपको ज़ररत है काम के सही प्रबंधन और जीवन और काम के बीच सही समंजस्य स्थापित करने की।

 

सकारात्मक रहें

देखिये काम में दिक्‍कतें हर इंसान को आती ही हैं। लेकिन आप सकारात्‍मक रहें और उम्‍मीद कभी भी न छोड़ें। समय, आपकी काबिलियत और खुद पर य़कीन सब कुछ सही कर देता है और अनुभव के साथ काम आसान होता जाता है। समस्याएं चुटकी बजाते ही दूर नहीं होने वाली, इनसे निपटने के लिए सही रणनिति की ज़रूरत होती है। ऐसे में, आपको इस बात की उम्मीद रखकर काम करना होगा कि सब कुछ धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा। पॉजिटिव सोच से आपको चीजों को ठीक करने में मदद मिलेगी। आप कैसे भी करके अपने मन को सब कुछ ठीक होने तक इंतजार करने के लिए मना लें और देखें कि सब कैसे ठीक होता चला जाता है।


बेहतर छवी बनाएं  

जब भी आप अपने दफ्तर में हों तो अपने साथियों के साथ अच्छा व्यवहार बनाएं। उनके साथ लंच करें, बाहर जाएं, रेस्‍ट रूम में कभी-कभी थोड़ी गपशप भी करें, इससे आपको एक बेहतर माहौल तैयार हो जाएगा। घर के लंच और कैंटीन के बोरिंग खाने को भूल जाइए। अपने सहकर्मियों के साथ लंच कीजिए, इसके लिए आप बाहर भी जा सकते हैं। इससे आप लोगों को एक-दूसरे के करीब आने में मदद मिलेगी।

 

Happy At Work In Hindi

 

 

एटीट्यूड करता है एल्‍टीट्यूट निर्धारित  

म़ुम्किन है कि आपको कई बार अपनी नौकरी पर गुस्‍सा आए और आपको इस गुस्‍से को जहां मौका मिले उतारने का मन करे। लेकिन इस आदत हो अपने एटीट्यूड (व्यवहार) में कभी शामिल ना होने दें, वरना आपके इस व्यवहार से आपको कई दिक्‍कतों का सामना करना पड़ सकता है। दफ्तर में बैठकर घरेलू बातों का किस्‍सा न छेड़े और न ही निजी समस्याओं का रोना रोएं, इन्हें लोगों से साझा भी ना करें। निजी बातों को हमेशा निजी ही रखें, इस तरीके से खुश रहेगें। अपने काम पर ध्‍यान दें और अपने कार्यप्रदर्शन को गिरने न दें। अपनी निजी समस्याओं को घर पर ही भूल कर आएं और दफ्तर को दफ्तर व घर को घर पर रखें। यह तरीके दफ्तर में खुश रहने के सबसे अच्‍छे तरीके हैं।  




धन्‍यवाद करना सीखें

लगातार काम करने से किसी का भी मूड खराब हो सकता है, इसलिए बेहतर होगा कि आप काम के बीच-बीच में ब्रेक लें। फिर चाहे जोक पढ़े, ऑनलाइन गेम खेलें, गाने सुनें या फिर किसी दोस्त से हल्का फुल्का मज़ाक करें। हां एक चीज़ आपकी बहुत मदद करती है, और वो है लोगों का धन्यवाद करना! तारीफ सुनना अगर आपको पसंद आता है तो बाकी लोगों को भी यह अच्‍छा लगता होगा। इसलिए, अपने सहकर्मियों की तारीफ करना सीखें, उनके सहयोग के लिए उन्‍हें धन्‍यवाद दें। जब भी आपको अपनी नौकरी पर गुस्‍सा आए तो सोचें कि दुनिया ना जाने ऐसे कितने लोग हैं जिनके पास नौकरी ही नहीं है, ऐसे में इश्वार को भी धन्यवाद दें और मुस्‍कराएं।



खुद को माने लकी और खुशनुमा माहौल बनाएं

गुस्से में टाइपिंग करने, फोन पटकने और ऑफिस ड्रॉअर को जोर से मारने से भले ही आपको अपना गुस्सा कम करने में मदद मिले। लेकिन आपको यह भी नहीं भूलना चाहिए कि आप कितने लकी हैं। मौजूदा मार्केट कंडिशन में तमाम बेरोजगार लोग ऎसे हैं, जो आपकी जगह आने के लिए बेताब हैं। फ्रेंडली माहौल से सब कुछ ठीक हो सकता है। अगर आप ऑफिस में अपने सहकर्मियों से कटे-कटे रहते हैं, तो आपको खुद ही तनाव हो जाएगा। हम आपको उनके साथ शॉपिंग करने जाने या फिर अपनी पर्सनल लाइफ की डिटेल्स शेयर करने के लिए नहीं कह रहे। लेकिन उनके साथ बातचीत करने से आपको बेहतर महसूस होगा।

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