फिट डॉक्‍टरों की सलाह को गंभीरता से लेते हैं मरीज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 30, 2012
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fit doctor ki salah ko gambhirta se lete hain mariz

मरीज उन डॉक्‍टरों की सलाह अधिक मानते हैं जो खुद फिट होते हैं। अगर डॉक्‍टर फिट नहीं है, तो मरीज उनकी सलाह को अधिक गंभीरता से नहीं लेते। एक ताजा शोध में यह बात सामने आयी है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की मेडिसिन शाखा के शोधकर्ताओं ने इस बात का पता लगाया है। इस शोध में डॉक्‍टरों को सलाह दी गयी है कि अगर वे चाहते हैं कि मरीज उनकी बातों को अधिक गंभीरता से लें तो उन्‍हें खुद की फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए।




अमेरिकी रिसर्च में बताया गया है कि जिन डॉक्‍टरों का खुद का वजन अधिक होता है, वह अपने मरीजों से अधिक वजन से होने वाली परेशानियों के बारे में बात करने से हिचकिचाते हैं। अधिक वजन वाले सिर्फ 18 फीसदी डॉक्‍टर ही अपने मरीजों को वजन कम करने की सलाह देते हैं, वहीं सामान्‍य वजन वाले ऐसे डॉक्‍टरों की सलाह 30 फीसदी होती है। 



अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान में वरिष्‍ठ न्‍यूरोलॉजिस्‍ट डॉक्‍टर कमलेश्‍वर प्रसाद का कहना है कि जो फिट डॉक्‍टरों में आत्‍म-विश्वास अधिक होता है। वे अपने मरीजों से वजन कम करने के संबंध में अधिक खुलकर बात कर सकते हैं। वे उन्‍हें स्‍वस्‍थ खानपान और रोजाना व्‍यायाम की सलाह अधिक देते हैं। और डॉक्‍टर जो इन सलाहों को खुद नहीं अपनाते उनकी सलाह किसी भाषण से कम नहीं होती। वे मरीजों को प्रोत्‍साहित करने में कामयाब नहीं हो पाते।  



इसके साथ ही इस रिसर्च में यह बात भी सामने आई है कि जो डॉक्‍टर खुद ध्रूमपान करते हैं वे इससे जुड़ी समस्‍याओं के बारे में अपने मरीजों से खुलकर बात नहीं कर पाते। और न ही मरीज ही उनकी सलाह को अधिक गंभीरता से लेते हैं।
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