डिप्रेशन के मरीजों के लिए रामबाण है मछली का तेल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 07, 2016
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Quick Bites

  • मछली खाने से दूर होती है अवसाद की समस्या।
  • मछली के तेल में होता है ओमेगा-3 फैटी एसिड।
  • जो चलाता है मस्तिष्क की क्रियाओं को सुचारु रुप से।
  • दुनिया में लगभग 35 करोड़ लोग अवसादग्रस्त।

अवसाद से बचना है तो खूब मछली खाएं। मछली अवसाद से भी बचाएगी और दिमाग भी तंदुरुस्त रखेगी। अब तो इस बातकी पुष्टि एक स्टडी में भी हो गई है। मछली का तेल या मछली के तेल से बने उत्पाद कुछ लोगों में अवसाद के लक्षण को कम करने में सहायक होते हैं। एल्ट्स पर हुई एक स्टडी के अनुसार ओमेगा-3 फैटी एसिड अवसाद  को कम करने में मददगार होते हैं, लेकिन इस पर और अधिक रिसर्च होनी जरूरी है। 


मछली का तेल ओमेगा-3 फैटी एसिड का सबसे अच्छा स्रोत हैं जो कि मस्तिष्क की क्रियाओं को सुचारु रुप से चलाने में सहयोग करते हैं। जो लोग अवसादग्रस्त होते हैं उनमें ब्रेन केमिकल का ब्लड लेवल कम होता है जिसे इकोसुपेनथुएइनोइक ( eicosapentaenoic - ईपीए) एसिड और डोएकोएसुहेकसुईनोइक (  docosahexaenoic - डीएचए) एसिड कहते हैं। ईपीए और डीएचए मचली के तेल में काफी मात्रा में होते हैं।


हफ्ते में तीन से चार बार मछली खाने से शरीर को ये हेल्दी ऑयल प्राप्त होते हैं। इसी तरह गर्भवती महिलाओं के लिए मछली काफी फायदेमंद है। रोजाना 340 ग्राम मछली का सेवन गर्भवती महिला और उसके होने वाले बच्चे के लिए काफी फायदेमंद होता है।

शोध में हुई पुष्टि

मछली के तेल पर हुए शोध में इस बात की पुष्टि हुई है कि मछली के सेवन से हमें विटामिन डी और ओमेगा 3 फैटी एसिड प्राप्त होता है जो हमें अवसाद से बचाता है। यह शोध ऑस्ट्रेलिया-अमेरिका द्वारा किया गया है। शोध में पता चला है कि ओमेगा 3 फैटी एसिड अवसाद में डूबे हुए मरीजों के इलाज में प्रभावकारी सिद्ध होता है।


ये ओमेगा 3 फैटी एसिड मछली के तेल के कैप्सूल में काफी मात्रा में होते हैं।


यह शोध ऑस्ट्रेलिया की मेलबर्न युनिवर्सिटी और अमेरिका की हॉवर्ड युनिवर्सिटी के शोधार्थियों ने मिलकर 55 सालों में हुए 40 अंतर्राष्ट्रीय परीक्षणों का अध्ययन कर इस परिणाम की पुष्टि की है। इन परीक्षणों के अध्ययन के दौरान इन शोधार्थियों ने पाया कि ओमेगा 3, विटामिन डी और सिंथेटिक यौगिक एस-एडीनोसिलमेडियोनीन (एसएएमई) का प्रयोग सभी तरह के अवसाद के इलाज को बढ़ावा देने में किया जा सकता है।

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इन मरीजों के लिए विशेष तौर पर फायदेमंद

मछली का तेल खासकर उन मरीजों में विशेष रूप से फायदेमंद हैं, जिनको परंपरागत अवसादरोधी चिकित्सा का फायदा नहीं मिल पा रहा है। शोध के मुख्य शोधार्थी जीरोम सैरिस ने बताया, “हमारे शोध में सबसे मजबूत निष्कर्ष ओमेगा 3 मछली के तेल का अवसादरोधी दवाओं के साथ संयोजन रहा है।”

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35 करोड़ लोग अवसादग्रस्त

ये शोध अवसादग्रस्त मरीजों के लिए फायदेमंद सिद्ध होने वाली है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनिया में लगभग 35 करोड़ लोग अवसाद से होने वाली मानसिक विकलांगता से ग्रस्त हैं। अकेले ऑस्ट्रेलिया में यह आंकड़ा लगभग 10 लाख के करीब है।

 

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