मछली बनाये आपके दिल को सेहतमंद

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 28, 2014
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Quick Bites

  • मछली में मौजूद ओमेगा थ्री फैटी एसिड रखता है दिल को सेहतमंद।
  • यह धमनियों में प्‍लार्क जमने से रोकने में करता है मदद।
  • सप्‍ताह में दो बार मछली का सेवन करना है फायदेमंद।
  • मछली को तलने से उसमें मौजूद पोषक तत्‍व हो जाते हैं समाप्‍त।

मछली को इनसानी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। बात चाहे त्‍वचा में निखार की हो या फिर बच्‍चों को अस्‍थमा से निजात दिलाने की, मछली हमेशा से लोगों की पहली पसंद रही है। दिमाग को धार देनी हो या फिर आंखों की रोशनी तेज करनी हो, आपको मछली खाने की सलाह दी जाती है। इतना ही कैंसर से लड़ने और दिल को बीमारियों से बचाने में भी मछली को काफी मददगार माना जाता है।

health benefits of fish

फैटी मछली को अपने आहार में शामिल करने के कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ होते हैं। कई बार नाम के साथ फैटी लगा देखकर आपको इनके स्‍वास्‍थ्‍य गुणों को लेकर आशंका हो सकती है, लेकिन फैटी फिश समु्द्र में पाये जाने वाली सबसे पौष्टिक आहारों में शामिल हैं। सालमन, ट्यूना, सरडिन्‍स, मैक्‍रेल और ट्रॉट जैसी मछलियां ओमेगा थ्री फैटी एसिड से भरपूर होती हैं। अन्‍य मांसाहार में जहां नुकसानदेह सैचुरेटेड फैट अधिक पाया जाता है, वहीं मछली में यह नहीं मिलता।

कैसे मदद करती है मछली

बीते कई वर्षों में हुए शोध मछली के फायदों के बारे में बताते हैं। अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्‍यूट्रीशन में प्रकाशित एक महत्‍वपूर्ण शोध में यह बात सामने आयी कि मछली से ओमेगा थ्री फैटी एसिड लेने वाले लोगों में ट्राइग्लिसराइड का स्‍तर 25 से 30 फीसदी तक कम हो जाता है।

ट्राइग्लिसराइड रक्‍त में बहने वाली एक प्रकार की वसा होती है और मछली में मौजूद ओमेगा थ्री इसकी मात्रा घटाने में मददगार पाया गया है। ओमेगा थ्री फैटी एसिड धमनियों में प्‍लार्क जमा होने से भी हो सकता है। हालांकि, यह सब कैसे होता है इस बारे में अभी तक पूरा शोध किया जाना बाकी है।


ट्राइग्लिसराइड कम करने के साथ-साथ ओमेगा थ्री फैटी एस‍िड रक्‍तचाप और खून के थक्‍के जमने से भी रोकता है। यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा करता है और अर्थराइटिस के लक्षणों को भी दूर करने में सहायता करता है। डॉक्‍टर सप्‍ताह में दो बार मछली खाने की सलाह देते हैं।

 


दिल के फायदेमंद मछली

खारे पानी में मिलने वाली मछलियां दिल के लिए ज्‍यादा फायदेमंद होती हैं। उनमें ताजा पानी में पायी जाने वाली मछलियों के मुकाबले अधिक मात्रा में ओमेगा थ्री फैटी एसिड पाया जाता है। इसके लिए अमेरिकन डायएटिक एसोसिएशन आपको सालमन, ट्यूना, हेरिंग, सारडिन्‍स और मैक्‍केरेल जैसी मछलियों का सेवन करने की सलाह देता है।

कितनी मछली है जरूरी

व्‍यस्‍कों के लिए सप्‍ताह में दो बार मछली खाना फायदेमंद रहता है। अगर आपको दिल की बीमारी है तो आपको रोजाना एक से दो ग्राम तक फैटी एसिड मछली से लेना चाहिए। 12 वर्ष से कम आयु के बच्‍चों को मछली का सेवन कम करना चाहिए। इस उम्र के बच्‍चों को मछली से होने वाले संभावित खतरों से प्रभावित होने का भय अधिक होता है।

कौन सी मछली न खायें

टिलापिया और कैटफिश जैसी मछलियों का सेवन करने से बचना चाहिए, क्‍योंकि इनमें काफी अधिक मात्रा में अस्‍वास्‍थ्‍यकर फैटी एसिड होता है, जो आपके दिल को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। इसके साथ ही मछली पकाने का तरीका भी सेहत पर पड़ने वाले उसके प्रभावों को तय करता है। मछली को अधिक तेल में तलने से उसके पौष्टिक गुण नष्‍ट हो जाते हैं। ट्यूना सैंडविच आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है, सैंडविच के लिए आप आटे या मल्‍टीग्रेन ब्रेड का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

इसके साथ ही मछली को सेहतमंद बनाये रखने के लिए जरूरी है कि आप उसे माइक्रोवेव में बनायें। इसके कई फायदे होते हैं। पहला तो इसे बनाने में अधिक वक्‍त नहीं लगता इससे मछली अधिक सूखती नहीं है। और दूसरा, इसे बनाना भी आसान है।

 

किन्‍हें नहीं खानी चाहिए मछली

मछली में पारा होता है, जिसकी अधिक मात्रा शरीर में टॉक्सिन की मात्रा बढ़ा सकती है। पारा अजन्‍मे शिशु और बढ़ते बच्‍चे के मस्तिष्‍क और नर्वस सिस्‍टम को नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन, मछली में मिलने वाला पारा व्‍यस्‍कों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता।

फूड एंड ड्रग एडमिस्‍ट्रेशन (एफडीए) और इन्‍वायरमेंटल प्रोटेक्‍शन एजेंसी (ईपीए) के अनुसार इन लोगों को सीमित मात्रा में करना चाहिए मछली का सेवन -

  • गर्भवती अथवा गर्भधारण का प्रयास कर रही महिलाओं
  • स्‍तनपान करवा रही मातायें
  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्‍चे


अगर आप मछली नहीं खाते हैं, तो कोई बात नहीं। ओमेगा थ्री फैटी एसिड हासिल करने के लिए आप अखरोट, अलसी के बीज और कैनोला तेल आदि का सेवन कर सकते हैं।
इसके साथ ही इस बात का भी ध्‍यान रखें कि फैटी फिश, वजन बढ़ा भी सकती हैं। तो आप कितना खा रहे हैं इस बात का पूरा ध्‍यान रखें।

 

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