ये 5 संकेत बताते हैं सही नहीं है आपका ब्लड सर्कुलेशन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 09, 2018
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर इन दिनों काफी आम है।
  • हाई ब्लड-प्रेशर किसी भी व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकता है।
  • शरीर में मौजूद रक्त शिराओं की कुल लंबाई लगभग 60,000 मील या 90,000 किलोमीटर है।

यकीन करना मुश्किल होगा मगर हमारे शरीर में मौजूद रक्त शिराओं की कुल लंबाई लगभग 60,000 मील या 90,000 किलोमीटर है। इन रक्त शिराओं में बहता हुआ खून हमारे शरीर के हर अंग और हर छोर तक पहुंचता है। इसी रक्त प्रवाह के कारण हमारा जीवन संभव है और इसके प्रवाह की एक निश्चित गति सीमा है। रक्त प्रवाह यानि ब्लड प्रेशर अगर सामान्य से तेज या धीरे हो जाए, तो ये स्वास्थ्य के लिए कई गंभीर परेशानियों का कारण बन सकता है। हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर इन दिनों काफी आम है। इसकी प्रमुख वजह लोगों की बिगड़ी दिनचर्या है। इस बीमारी में मरीज की धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त के प्रवाह में रुकावट उत्पन्न होती है। इस कारण रक्त का दबाव बढ़ या घट जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर

रक्त द्वारा धमनियों पर डाले गए दबाव को ब्लड-प्रेशर या रक्तचाप कहते हैं। हाई ब्लड-प्रेशर किसी भी व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकता है। यह बीमारी पुरुष व महिला किसी को भी हो सकती है। एक बार अगर आप इस रोग के शिकार हो गए तो इससे निकल पाना मुश्किल होता है। इसलिए सावधानी बरतना ही इसका सबसे बड़ा इलाज है। हाई ब्लड-प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’कहा जाता है। यह अपने साथ अन्य कई बीमारियां लेकर आता है। जिससे शरीर के अन्य हिस्से भी प्रभावित होते हैं। कुछ शारीरिक संकेतों द्वारा आप इस बीमारी का पता लगा सकते हैं।

शुरुआती समस्याएं

उच्‍च रक्‍तचाप के प्रारंभिक लक्षण में संबंधित व्‍यक्ति के सिर के पीछे और गर्दन में दर्द रहने लगता है। कई बार इस तरह की परेशानी को वह नजरअंदाज कर जाता है, जो आगे चलकर गंभीर समस्‍या बन जाती है।

इसे भी पढ़ें:- सुबह पेट साफ नहीं होता तो रोजाना करें ये 1 छोटा सा काम

स्ट्रेस या तनाव

यदि आप खुद को ज्‍यादा तनाव में महसूस कर रहे हैं, तो यह उच्‍च रक्‍तचाप का संकेत हो सकता है। ऐसे में व्‍यक्ति को छोटी-छोटी बातों पर गुस्‍सा आने लगता है। कई बार वह सही-गलत की भी पहचान भी नहीं कर पाता। किसी भी समस्‍या से बचने के लिए जरूरी है कि आप जांच करा लें।

चक्कर आना

उच्‍च रक्‍तचाप के लक्षणों में सिर चकराना भी आम है। कई बार शरीर में कमजोरी के कारण भी सिर चकराने की परेशानी हो सकती है। ऐसे कोई लक्षण दिखाई दें, तो पहले अपने डॉक्‍टर से परामर्श कर लें।

इसे भी पढ़ें:- आपकी कई परेशानियों की वजह हो सकती है आपकी तकिया

नक्सीर या नाक से खून आना

सांस न आना, लंबी सांस आना या सांस लेने में परेशानी होने पर एक बार अपने चिकित्‍सक से संपर्क करें। ऐसे में व्‍यक्ति के उच्‍च रक्‍तचाप से ग्रस्‍त होने की प्रबल आशंका होती है। साथ ही यदि नाक से खून आए, तब भी आपको जांच करानी चाहिए।

हार्ट बीट बढ़ना और नींद

यदि आप महसूस करते हैं कि आपके हृदय की धड़कन पहले के मुकाबले तेज हो गई हैं या आपको अपने हृदय क्षेत्र में दर्द महसूस हो रहा है, तो यह उच्‍च रक्‍तचाप का भी कारण हो सकता है। आमतौर पर उच्‍च रक्‍तचाप के रोगियों के साथ यह समस्‍या होती है कि उन्‍हें रात में नींद आने में परेशानी होती है। हालांकि यह परेशानी किसी चिंता के कारण या अनिंद्रा की वजह से भी हो सकती है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Healthy Living in Hindi

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES965 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर