फल-सब्जियां बचाएंगी कैंसर से

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 15, 2012
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

fal sabjiya bachayengi cancer se

रविशंकर तिवारी/एसएनबी नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा ने कुछ रोग प्रतिरोधक शाक-सब्जियां विकसित की हैं। इन सब्जियों के सेवन से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने की आशंका कम होती है। साथ ही यदि बीमारी हो गई है तो उससे लड़ने की क्षमता भी इनमें है। दो वर्ष पूर्व गोभी और गाजर की इन खास किस्म को परीक्षण के बाद अब किसानों को खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्तर भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में बेहतर खेती की उम्मीद जताई जा रही है। रंगीन शाक-सब्जियां सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं। इनकी गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए पूसा के कृषि वैज्ञानिकों ने गाजर व गोभी की कुछ नई प्रजातियां विकसित की हैं, जो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को रोकने में मददगार साबित हो सकती हैं।

 

पूसा ने हाल ही में गाजर की चार वेरायटी, पूसा असीता, पूसा रुधिरा, पूसा यमदागिनी और पूसा नवज्योति विकसित की है, जिनमें एंटी कैंसर ड्रग्स तत्व की बहुलता है। इसके अलावा गोभी की कुछ प्रजातियां जैसे पूसा ब्रोकली केटीएस-1, पूसा शरद, पूसा सुक्ति, पूसा स्नोबॉल के-1 व पूसा स्नोबॉल केटी-25 है। कैंसर प्रतिरोधक इन सब्जियों की खेती उत्तर भारत के किसानों ने शुरू कर दिया है। औषधीय उपयोगिता को देखते हुए कुछ लोग किचन गार्डन में भी गाजर व गोभी उगा रहे हैं। वि बाजार में भी इसकी मांग हैं। शाक-सब्जी विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रीतम कालिया ने बताया कि लाल, नारंगी और काले रंग की गाजर को विकसित किया गया है।

 

काले रंग की गाजर (पूसा असीता) में प्रचुर मात्रा में एंथासाइनीन पाया जाता है, जो शरीर में कोलेस्ट्राल को कम करता है। 100 ग्राम गाजर में 520 मिलीग्राम एंथासाइनीन की मात्रा है। पूसा यामदागिनी और पूसा नवज्योति का रंग नारंगी है, जिसमें बीटा कारोटिन और लाइकोपीन नामक औषधीय तत्व पाए जाते हैं, जो आंख की रोशनी के लिए फायदेमंद होता है। इस गाजर का लगातार सेवन करने वाले को लाइकोपीन नामक तत्व कैंसर से दूर रखता है। उन्होंने बताया कि क्रीम कलर वाले गाजर को विकसित करने के लिए काम चल रहा है। इस गाजर में ल्यूटिन की मात्रा सर्वाधिक होगी, जो एंटी कैंसर के लिए कारगर साबित होगी।

 

पूसा ने फूल गोभी व बंद गोभी की कुछ प्रजातियां विकसित की हैं, जिसमें ग्लूकोसाइलेट्स नामक तत्व पाए जाते हैं। पकाने के बाद सल्फरोफेन व इंडोथिन कार्बिनोल नामक तत्व की अधिकता हो जाती है। गोभी की इन किस्मों को सर्दी व गर्मी में भी पैदा किया जा सकता है। पूसा ब्रोकली सर्वाइकल कैंसर, फेफड़े का कैंसर, पेट का कैंसर और गले के कैंसर को होने से रोकता है। इसमें कैंसर से लड़ने की क्षमता होती है। पूसा चौलाई (लाल पत्तेदार शाक) और पूसा किरण (हरे पत्तेदार) में भी कैंसर प्रतिरोधक क्षमता है।

पूसा ने विकसित की कैंसर प्रतिरोधक शाक-सब्जियां पर विशेष

Loading...
Write Comment Read ReviewDisclaimer
Is it Helpful Article?YES7 Votes 16116 Views 2 Comments
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर