किशोर गर्भावस्था से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्‍य

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 08, 2011
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • किशोरावस्था की उम्र में गर्भधारण करने को कहते हैं 'टीनेज प्रगनेंसी'।
  • अभिभावकों की बच्‍चों को इस समस्या से बचानें में होती है अहम भूमिका।
  • नेशनल केम्पेन टू प्रेवेंट टीन एंड अन्प्लांड प्रेगनेंसी के आंकड़े हैं चौंकाने वाले।
  • गर्भनिरोधक, अनचाहे गर्भधारण और गर्भपात जैसी जानकारियां देना जरूरी।

 

किशोर गर्भावस्था अर्थात टीनेज प्रगनेंसी के आंकड़े दिन प्रति दिन भारत में बढ़ते जा रहे हैं। किशोरावस्था में गर्भधारण होने को टीनेज प्रगनेंसी कहा जाता है। इसके होने के कई कारण होते हैं जैसे बालविवाह, कम उम्र में प्रेम संबंध या कई दुखद मामलों में बलात्कार भी। चलिए जानते हैं किशोर गर्भावस्था से संबंधी कुछ महत्वपूर्ण तथ्य।

किशोर गर्भावस्था संबंधी बातें अगर कोई लड़की किशोरावस्था की उम्र में है (13 से 19 साल की उम्र के बीच का समय) और वह गर्भधारण कर ले तो उसे टीनेज प्रेगनेंसी कहते हैं। यह समस्या विकसित देशो में बहुत ज्यादा है, अगर इसकी तुलना तीसरी दुनिया या विकासशील देशो से की जाए। नेशनल केम्पेन टू प्रेवेंट टीन एंड अन्प्लांड प्रेगनेंसी के आंकडो के हिसाब से यूएस में 30% तक लडकियां 20 साल की उम्र में पहुंचने से पहले कम से कम एक बार गर्भधारण कर लेती हैं इसका मतलब है की कई समय पर टीनेज प्रेगनेंसी की  कई सारी घटनाये हो सकती हैं । इण्डिया में यह समस्या बाल विवाह के साथ जुड़ी हुई है ।

 

अभिभावकों का भी यह दायित्व बनता है कि वे अपने टीनएज बच्‍चों को संभालें, जोर- जबर्दस्ती से नहीं बल्की प्यार से उन्हें सही गलत का ग्यान दें और उनका विश्वास जीतें। टीनएज के दौर में बच्‍चों में काफी शारीरिक और मानसिक परिवर्तन आते हैं। ऐसे में बच्चों के साथ समंजस बिठाना, उनकी समस्‍याओं को समझना और उनका समाधान करना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन ये ही समय होता है जब आपको बडप्पन दिखाते हुए इन परिस्थितियों को संभालना होता है।

 

टीनेज प्रेगनेंसी सेब जुड़े कुछ मुद्दे


  • एक अनियोजित टीनेज प्रेगनेंसी गलत नहीं है पर यह बात तब सही हो जाती है जब किशोर मां इसके लिए तैयार नहीं होती है। उनमे मातृत्व की भवाना देर से आती है या वे इसे दे ही नहीं पाती हैं ।
  • किशोरों का शरीर बढ़ रहा होता है और किशोर मां की दशा में उन्हें अपने बच्चे को भी पोषण देना पड़ता है इसलिए उसे तुरंत पोषण परामर्श की ज़रूरत पडती है। जिसके बिना वह रुधिर क्षीणता, जन्म के दौरान बच्चे का कम वजन और ऐसी ही कुछ अन्य बीमारियों और समस्याओं का शिकार बन जाती है।
  • जवान मांओ पर टीनेज प्रेगनेंसी का जीवनभर प्रभाव रहता है। सबसे लंबा चलने वाला प्रभाव बच्चे को पालने के लिए मानसिक तनाव का होता है।

  • यूनिसेफ के आंकड़े बताते हैं की टीनेज प्रेगनेंसी और मातृत्व भारत में नौ गुना ज्यादा है और यह उन महिलाओं में ज्यादा है जो की कभी स्कूल नहीं गयी।
  • भारत में मात्र मृत्यु दर की गंभीरता टीनेज प्रेगनेंसी के साथ काफी सम्बन्धित है। आधारीय स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण किशोर मांए इस तनाव को बड़ी मुश्किल से झेल पाती हैं और इनमे बच्चे को पैदा करने के बाद बुरे प्रभाव भी बहुत होते हैं।
  • हर साल बच्चों को जन्म देते समय लगभग 78000 महिलाओं की मृत्यु हो जाती है।
  • टीनेज प्रेगनेंसी की समस्या भारत में अब शहरी इलाको में भी दिखने लगी है। जो की किशोरों में शादी से पहले सम्भोग करने की आदत को बढ़ावा देने की वजह से हुई है और इसके अलावा बच्चों को सही यौन संबंधी ज्ञान भी नहीं दिया जाता है क्योंकि अभिभावक अपने बच्चे के ऐसा बर्ताव करने के बारे में सोचते भी नहीं है।

 

टीनएज बच्‍चे इस उम्र में सेक्‍स के बारे में जानने के लिए उत्सुक होते हैं और मीडिया या अपने निजी अनुभवों से सेक्‍स के बारे में ज्‍यादा से ज्‍यादा जानकारी हांसिल करना चाहते हैं। ऐसे में आप अपने टीनएज बच्‍चों के साथ गर्भनिरोधक, अनचाहे गर्भधारण और गर्भपात जैसे महत्‍वपूर्ण मामलों पर बात कर उन्हें इस बारे में समझा सकते हैं। उन्‍हें इस उम्र में बताना और समझाना जरूरी होता है कि उनकी सीमा रेखा क्‍या है और इन बातों की सही उम्र क्या है।

साथ ही इस उम्र के बच्‍चे बाहरी दुनिया में रहना ज्‍यादा पसंद करते है, क्‍योंकि उन्‍हे केवल अपने दोस्‍तों के साथ रहना ज्यादा पसंद होता है। ऐसे में अक्‍सर बच्‍चों की परिवार से काफी दूरी हो जाती है। आसे में बच्‍चों के साथ बैठकर बात करना और उन्हें समझाना कि परिवार का महत्‍व जीवन में ज्‍यादा होता है, जरूरी होता है। ताकी वे टीनेज प्रगनेंसी जैसी स्थिति में न पड़ें।

 

Read More Articles on Pregnancy in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES18 Votes 49412 Views 1 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

टिप्पणियाँ
  • punita23 Aug 2012

    nice info

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर