गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान व्यायाम

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 27, 2013
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Quick Bites

  • व्‍यायाम करने से कम होती है प्रसव में होने वाली पीड़ा।
  • गर्भस्‍थ शिशु को फायदा देता है महिला का व्‍यायाम करना।
  • वार्मअप करने के बाद ही व्‍यायाम शुरू करना चाहिए।
  • कमर के बल लेटने वाली एक्‍सरसाइज करने से परहेज करें।

हर महिला के लिए गर्भावस्‍था का समय सबसे सुखद अहसास वाला होता है। प्रेग्‍नेंसी के 40 हफ्तों के दौरान महिला का स्‍वस्‍थ रहना जरूरी है। गर्भवती महिला के स्‍वास्‍थ्‍य से ही गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत जुड़ी होती है। पहली तिमाही में आपको एक्‍सरसाइज के बारे में किसी प्रशिक्षु से बात करनी चाहिए। गर्भावस्‍था के दौरान एक्टिव और फिट रहने के लिए दिनचर्या में व्‍यायाम को शामिल करना जरूरी है।

exercise during pregnancy
गर्भावस्‍था में महिला का वजन बढ़ता है। गर्भावस्‍था में की गई कसरत से यह लाभ होता है कि आपको प्रसव के दौरान पीड़ा कम होती है और शिशु के जन्‍म के बाद शरीर जल्‍द पुराने आकार में आ जाता है। अपनी दिनचर्या में शारीरिक श्रम को शामिल कर सकती हैं या बतौर व्‍यायाम खेलना, दौड़ना, योग, नृत्‍य और सुबह के समय टहल सकती हैं। ऐसा करने से आपको और आपके बच्‍चे को इसका फायदा मिलेगा। एक शोध से भी साफ हो चुका है कि गर्भावस्‍था के दौरान व्‍यायाम करने से गर्भ में पल रहे शिशु का दिमाग मजबूत होता है। इस लेख के जरिए हम आपको बताते हैं गर्भावस्‍था की पहली तिमाही के दौरान व्‍यायाम के बारे में।

व्‍यायाम के लिए ध्‍यान रखने वाली बातें

पहली तिमाही में आपको व्‍यायाम शुरू करने से पहले चिकित्‍सक से यह जानकारी करनी चाहिए कि आप कौन-कौन से व्‍यायाम कर सकती हैं या किस तरह का व्‍यायाम आपके लिए फायदेमंद रहेगा। यदि आप गर्भधारण से पहले किसी तरह का व्‍यायाम नहीं करती, तो आपको गर्भधारण के बाद कठिन व्‍यायाम नहीं करना चाहिए।

यदि एरोबिक एक्‍सरसाइज शुरू कर रही हैं, तो इसके लिए किसी इंस्‍ट्रक्‍टर से दौड़ने, स्‍वीमिंग करने, साइक्लिंग करने या वॉकिंग के बारे में बात कर सकती हैं। शुरुआत में आप एरोबिक एक्‍सरसाइज को हफ्ते में तीन दिन 15- 15 मिनट तक, इसके बाद धीरे-धीरे इस अभ्‍यास को बढ़ाकर 30 मिनट तक कर सकती हैं।

व्‍यायाम के लिए टिप्‍स

  • एक्‍सरसाइज से पहले वार्मअप करें। वार्मअप करने के बाद ही व्‍यायाम शुरू करना चाहिए।
  • खुद को हर दिन एक्टिव रखने की कोशिश करें। यदि आप व्‍यायाम नहीं कर पाती, तो प्रतिदिन 30 मिनट तक टहलें।
  • गर्मियों में शरीर पर जोर देने वाली एक्‍सरसाइज को ट्राई न करें।
  • आपको ज्‍यादा से ज्‍यादा मात्रा में पानी पीना चाहिए।
  • यदि आप एक्‍सरसाइज क्‍लास में जा रही हैं, तो ध्‍यान रखें कि आपका ट्रेनर योग्‍य हो। और उसे यह भी जानकारी हो कि गर्भावस्‍था की किस अवस्‍था में किस तरह का व्‍यायाम करना सही रहेगा।
  • गर्भावस्‍था में स्‍वीमिंग करना अच्‍छा रहता है, क्‍योंकि इस समय पानी आपका वजन बढ़ाने में मददगार साबित होगा। कुछ स्‍थानीय स्‍वीमिंग पूल योग्‍य प्रशिक्षकों से ट्रेनिंग भी दिलाते हैं।

 

ऐसी एक्‍सरसाइज से रहें दूर

  • कमर के बल लेटने वाली किसी भी एक्‍सरसाइज को ट्राई करने से बचें।
  • व्‍यायाम के लिए ऐसे किसी भी खेल का सहारा न लें, जिससे आपके चोट लगने का खतरा हो, जैसे- किकबॉक्सिंग, जूडो और स्‍कवाश आदि।


फिट रहने के लिए व्‍यायाम

गर्भावस्‍था के दौरान आप अपनी दिनचर्या में व्‍यायाम को शामिल कर फिट रह सकती हैं। व्‍यायाम करने से आपकी मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, जिससे आप इस दौरान बढ़ने वाले वजन से आसानी से सामंजस्‍य बैठा सकती हैं। व्‍यायाम से जोड़ मजबूत होते हैं, रक्‍त संचार बढ़ता है, पीठ दर्द में आराम मिलता है और आप सामान्‍य दिनों के मुकाबले बेहतर महसूस करती हैं।

कमर दर्द से आराम

कमर दर्द गर्भावस्‍था में होने वाली सबसे बड़ी समस्‍या होती है। गर्भ में पल रहे शिशु का विकास होने के साथ-साथ आप महूसस करती हैं कि नीचे से आपकी कमर का आकार भी बढ़ता है और यह कमर दर्द का कारण भी हो सकता है। व्‍यायाम से उदरीय (पेट की) मांसपेशियों में खिंचाव आता है और इससे आपको कमर दर्द में राहत मिलती है। कमर दर्द गर्भावस्‍था के दौरान होने वाली सबसे बड़ी समस्‍या होती है।

 

 

 

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टिप्पणियाँ
  • taruna27 Nov 2013

    garbhawastha ke dauran exercise karne se aap tho fit rahti hi hai sath hi aapka hone wala baccha bhi swasthya rahta hai. eske alava exercise karne ka ye bhi fayda hota hai ki aapko labour pain me bahut kam problem hoti hai.

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