डायबिटिक्‍स के लिए व्यायाम

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 29, 2011
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सामान्यतः डायबिटीज मिलिटअस को मधुमेह के रूप में जाना जाता है। यह चयापचय रोगों का समूह है जो सामान्य चयापचय क्रिया को भंग कर देते हैं जिसमें भोजन को सेलुलर स्तर पर ग्लूकोज (ऊर्जा) में परिवर्तित किया जाता है। यह तब होता है जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है या अगर करता भी है, तो शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन को कुशलतापूर्वक जवाब देने में असफल रहती हैं।

 

इंसुलिन अग्न्याशय (पेट के पीछे एक बड़ी ग्रंथि) द्वारा हमारे शरीर में छोड़ा गया एक हार्मोन है जब हम खाना खा रहे होते हैं। इसका काम शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा के लिए ग्लूकोज के रूप में चीनी का उपयोग करने में मदद का होता है। खून में यह चीनी खाना और तरल पदार्थों (पानी के अलावा) से आती है। जब हम खाना खाते हैं तो अग्न्याशय इंसुलिन बनाता है जो कोशिकाओं को खून से ग्लूकोज को अवशोषित करने और विकास और ऊर्जा के लिए ग्लाइकोजन के रूप में स्टोर करने के लिए उत्तेजित करता है। मधुमेह से ग्रस्त लोगों में, अग्न्याशय या तो अपर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन होता है या पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन होता भी है तो कोशिकाएं सही प्रतिक्रिया देने में असफल रहती हैं। इस प्रकार अधिक ग्लूकोज रक्त में बनता है।
126mg/dl या इससे अधिक फास्टिंग रक्त ग्लूकोज मधुमेह को दर्शाता है।

 

 मधुमेह के तीन प्रकार होते हैं। 

 

टाईप 1 मधुमेह: इस स्थिति में, अग्न्याशय बहुत कम या नहीं के बराबर इंसुलिन का उत्पादन करता है। टाईप 1 मधुमेह से ग्रस्त व्यक्ति को प्रतिदिन इंसुलिन इंजेक्शन देना पड़ता है।
 
टाईप 2 मधुमेह: यह मधुमेह का बहुत ही साधारण प्रकार है जिसमें अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन पैदा करता है लेकिन कुछ कारणों से शरीर के सेल प्रतिरोध करते हैं और इस इंसुलिन को जवाब नहीं देते। इसे इंसुलिन प्रतिरोध कहा जाता है। इस प्रकार रक्त में ग्लूकोज अधिक बनता है क्योंकि यह शरीर इसे ईंधन के रूप में उपयोग करने में सक्षम नहीं है। 
मोटे लोगों के लिए टाईप 2 मधुमेह एक बड़ा खतरा है। मध्य खंड (पेट के आसपास) अतिरिक्त चर्बी इंसुलिन प्रतिरोध का खतरा बढ़ा देती है।

 

जेस्टेशनल मधुमेह: मधुमेह का यह प्रकार के गर्भावस्था के दौरान विकसित होता है। आमतौर पर यह बच्चे के जन्म के बाद गायब हो जाता है लेकिन संभावना है जिस औरत को जेस्टेशनल मधुमेह था उसे  अभी या बाद में टाईप 2 मधुमेह हो जाए। 
मधुमेह शरीर के लगभग हर हिस्से को प्रभावित करता है। यह अक्सर दृष्टि को गड़बड़ कर देता है (दृष्टिहीनता), हृदय रोग (दिल और रक्त वाहिका रोग), स्ट्रोक (मस्तिष्क को ऑक्सीजन युक्त रक्त की कमी के कारण नुकसान), गुर्दे की विफलता और तंत्रिका नुकसान हो सकता है। यह गर्भावस्था को जटिल कर सकता है और बच्चे में जन्म दोष हो सकते हैं। मधुमेह के इलाज में चिकित्सक द्वारा सलाह दी गई दवा, स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम शामिल है।

 

अभ्यास के दौरान मांसपेशियां ऊर्जा के लिए खून से चीनी का उपयोग करती हैं इस प्रकार रक्त शर्करा का स्तर नीचे आ जाता है। रक्त शर्करा के स्तर का कम होना व्यायाम की अवधि (कब तक) और तीव्रता (कितना कठिन) पर निर्भर करता है। नियमित व्यायाम मोटे लोगों में शरीर की वसा की खपत में मदद करता है और इसलिए टाईप 2 मधुमेह के जोखिम को कम करता है। एक सुनियोजित व्यायाम इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करके रक्त शर्करा को कम करता है। यह सेल्स को कुशलतापूर्वक इंसुलिन को स्वीकार करने में मदद करके इंसुलिन प्रतिरोध कम करता है। यह रक्त परिसंचरण में सुधार, हृदय और फेफड़ों को मजबूत, रक्तचाप पर नियंत्रण और एक स्वस्थ वजन बनाए रखता है। इससे मधुमेह संबंधी सभी जटिलताओं का जोखिम कम हो जाता है।

 

मधुमेह के लिए एक व्यायाम 

 

ए) एरोबिक या कार्डियोवास्कुलर अभ्यास

 

तरीका

 

तेज चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, तैरना और समूह एरोबिक

 

तीव्रता

 

HRR का 50% से 80% ( हार्ट रेट रिजर्व)

 

आवृत्ति

 

प्रति सप्ताह 3 से 7 दिन। दैनिक व्यायाम शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करने में और अधिक मदद करेगा।

 

अवधि

 

20 से 60 मिनट।

 

 

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