एलर्जी के बारे में जानिये ये जरूरी बातें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 19, 2014
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Quick Bites

  • किसी को भी, किसी भी उम्र में किसी भी चीज से हो सकती है एलर्जी।
  • एलर्जी के समय इम्‍यून सिस्‍टम इम्‍यूनोग्‍लोबिन का स्राव करता है।
  • एलर्जी का निदान करने के लिए डॉक्‍टर रक्‍त जांच का लेता है सहारा।
  • एलर्जी होने पर कुछ दवाओं का भी सेवन किया जा सकता है।

किसी चीज अथवा परिस्थिति के प्रति हमारे शरीर के प्रतिरोधक क्षमता की अत्‍यंत संवेदनशील प्रतिक्रिया को ही एलर्जी कहा जाता है। पालतू जानवर की रूसी, कण, नये खाद्य पदार्थ, और भी दवाओं के कारण भी एलर्जी हो सकती है। सामान्‍य एलर्जी उत्‍पन्‍न करने वाले कणों को एलर्जन कहा जाता है। इन चीजों के संपर्क में आने पर कुछ लोगों को एलर्जी हो जाती है, बल्कि कुछ बिलकुल सामान्‍य रहते हैं।

जिन लोगों को इन चीजों से एलर्जी नहीं होती, उनका इम्‍यून सिस्‍टम इन तत्‍वों को खतरनाक नहीं मानता और ऐसी चीजों के प्रति किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं करता। वहीं जिन लोगों को इन चीजों से एलर्जी होती है, उनका इम्‍यून सिस्‍टम इन बाहरी चीजों को खतरनाक मानकर उन्‍हें खत्‍म करने की कोशिश करता है।
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कैसे होती है एलर्जी

एलर्जी पीडि़त किसी व्‍यक्ति का इम्‍यून सिस्‍टम एलर्जन के संपर्क में आने पर उसे बैक्‍टीरियम, वायरस अथवा विषैले पदार्थ के तौर पर लेता है। ऐेसे समय इम्‍यून सिस्‍टम इम्‍यूनोग्‍लोबिन का स्राव करता है। यह एक एंटीबॉडी है जो एलर्जन को खत्‍म करने का काम करता है। इस एंटीबॉडी के स्राव से हिस्‍टामाइन जैसे कुछ केमिकल का निर्माण होता है। ये केमिकल एलर्जिक प्रतिक्रिया करते हैं, जो एलर्जन के द्वारा उत्‍पन्‍न हुई लगती है। उदाहरण के लिए, हिस्‍टामाइन श्‍वास नली की मांसपेशियों को टाइट कर देती है। इससे नाक और ज्‍यादा कफादि उत्‍पन्‍न करती है।

वास्‍तव में एलर्जन एलर्जी उत्‍पन्‍न नहीं करते। हमारा इम्‍यून सिस्‍टम नुकसान न पहुंचाने वाले एलर्जन हानिकारक रोगजनकों और उत्पन्न करता है और अतिरंजित प्रतिक्रिया करता है। इसके साथ ही एलर्जिक प्रतिक्रिया फौरन नहीं होती। इम्‍यून सिस्‍टम एलर्जन को याद करने में समय लेता है। समय के साथ-साथ इम्‍यून सिस्‍टम एलर्जन को पहचानने लगता है और इसके प्रति संवेदनशील हो जाता है। इस प्रक्रिया सेंसिटाइजेशन कहा जाता है और यह कई दिनों या वर्षों तक चल सकती है। एक बार जब इम्‍यून सिस्‍टम किसी तत्‍व के प्रति संवेदनशील हो जाता है, तो यह उससे लड़ने के लिए एंटीबॉडी का निर्माण करने लगता है, जिससे एलर्जी के लक्षण और संकेत नजर आने लगते हैं।

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सामान्‍य एलर्जन

धूल मिट्टी, ऊन, पालतू जानवरों की रूसी, पेनिसिलिन, अंडे की सफेदी, मछली, दूध, मूंगफली, गेहूं, सोया, मच्‍छर के काटने, मधुमक्‍खी के काटने, और घर पर इस्‍तेमाल होने वाले सामान्‍य उत्‍पादों व अन्‍य कई चीजों से एलर्जी हो सकती है।

निदान

एलर्जी का निदान कुछ खास जांच द्वारा किया जा सकता है। डॉक्‍टर एलर्जी से जुड़े कुछ लक्षणों से संबंधित सवाल पूछ सकता है। वह आपसे एलर्जी की नियमितता और समय के बारे में पूछ सकता है। इसके बाद डॉक्‍टर रक्‍त जांच के द्वारा अन्‍य संभावित कारणों और निदानों की जांच कर सकता है। एक्‍जिमा से पीड़ित मरीजों के लिए डॉक्‍टर पैच टेस्‍ट भी सुझा सकता है।

खतरे और इलाज

किसी भी संभावित एलर्जन से किसी भी व्‍यक्ति को कभी भी एलर्जी हो सकती है। एलर्जी किसी भी उम्र में हो सकती है। समय के साथ-साथ एलर्जी बढ़ भी सकती है। एलर्जी से बचने का सबसे अच्‍छा तरीका यही है कि एलर्जन से दूर रहा जाए। दवायें भी एलर्जी के लक्षण को कम कर सकती हैं। लेकिन ये एलर्जी को कम नहीं कर सकतीं।

 

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