पार्किंसन रोग के लिए जीन भी होता है जिम्‍मेदार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 08, 2016
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

पार्किंसन रोग केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र का एक रोग है, जिसमें रोगी के शरीर के अंग कंपन करते रहते हैं। इस रोग का कारण जानने के लिए वैज्ञानिकों ने एक ‘तीसरे जीन’ की खोज की है, जो पार्किंसन रोग का कारण है। इस शोध से पता चला है कि टीएमईएम230 नामक जीन में उत्परिवर्तन से पार्किंसन रोग होता है। इस रोग में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में विकार पैदा होता है, जिससे व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। इस रोग में अक्सर झटके भी आते हैं।

parkinsons disease in hindi


प्रमुख शोधार्थी अमेरिका के नार्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर टीपू सिद्दिकी ने बताया, “इस अध्ययन से पता चलता है कि इस रोग का कारण जीन में उत्परिवर्तन है।” इस शोध के निष्कर्षो से पता चलता है कि यह जीन एक प्रोटीन का उत्पादन करता है, जो न्यूरॉन्स में न्यूरोट्रांसमीटर डोपेमाइन के पैकेजिंग में शामिल है। पार्किंसन रोग में डोपोमाइन का उत्पादन करनेवाले न्यूरॉन्स की संख्या घट जाती है।


जिन लोगों के जीन में यह बदलाव देखा गया, उनमें कंपकपाहट, धीमी गतिविधियां और अकड़न जैसे लक्षण देखे गए। उनमें डोपेमाइन न्यूरॉन की कमी और जीवित बचे न्यूरॉन में प्रोटीन की असामान्य संचय देखा गया। सिद्दिकी के अनुसार, “पार्किंसन का जिम्मेदार यह खास जीन केवल उत्तरी अमेरिका की आबादी के लिए ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि दुनिया के विभिन्न नस्लों और पर्यावरणीय स्थितियों में भी पाया जाता है।”


यह शोध काफी लंबा लगभग 20 सालों तक चला। शोधकर्ताओं ने शोध के दौरान एक परिवार के 65 सदस्यों के जीन का विश्लेषण किया, जिनमें से 13 सदस्य पार्किंसन रोग से पीड़ित थे। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि वे इस जीन में बदलाव का एक सामान्य कारण ढूंढ़ निकालेंगे, जिससे इसके प्रसार का विश्लेषण किया जा सके।


Image Source : Getty

Read More Health News in Hindi

Write a Review Feedback
Is it Helpful Article?YES1 Vote 521 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर