संबंधों में भावनात्मक असुरक्षा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 19, 2013
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

लोगों की सोच व जीवन शैली में समय के साथ-साथ तेजी से परिवर्तन आ रहे हैं। आज पति-पत्‍नी को एक दूसरे के साथ से ज्यादा ऑफिस में सहकर्मियों का साथ भाता है, और जब लाइफ लाइन पार्टनर की गैरमौजूदगी में सहकर्मियों के साथ दिल की बात शेयर होने लगती है, तब न चाहते हुए भी एक दूसरे के बीच भावनात्मक संबंध पनपने लगते हैं, जिसका असर जल्द ही उनके वैवाहिक जीवन में नजर आने लगता है।

sambandho me bhavnatmak asurakshaआज इमोशनल अफेयर के केस तेजी से फैल रहें हैं, इसमें विवाहित पुरूष ही नहीं, बल्कि स्त्रियां भी तेजी से जुड रही हैं। और कहीं न कहीं इमोशनल अफेयर की जडें भावनात्मक असुरक्षा से ही संबंघित हैं। इमोशनल अफेयर जुडने का मुख्य कारण वैवाहिक जीवन में कुछ न कुछ कमी होना ही होता है। पति-‍पत्‍नी यही समझते हैं, कि उनका पार्टनर उन्हें और उनकी परेशानियों को नहीं समझ पा रहा है। यही वजह है कि दोनों के मन में ही भावनात्मक असुरक्षा पनपने लगती है।

 

[इसे भी पढ़ें : भावनात्मक असुरक्षा के लक्षण]


कोई भी संबंध तभी प्रगाढ़ हो सकता है, जब दोनों तरफ से संबंध एक बराबर चल रहे हो। संबंधों को लेकर भावनात्मक असुरक्षा का कारण धोखा भी हो सकता है, और संबंधों को बनाये रखने के लिए विश्वास भी बेहद आवश्यक है। कई बार छोटे-मोटे कारणों से भी संबंधों में दरार आने लगती है शुरूआत में तो इसका अंदाजा नहीं होता, लेकिन धीरे-धीरे इसका प्रभाव दिखाई पड़ने लगता है। जिससे संबंधों को लेकर भावनात्म‍क असुरक्षा दोनों तरफ से घर करने लगती है। कई बार संबंधों को लेकर भावनात्मक असुरक्षा का कारण धोखा भी होता है। जब एक साथी दूसरे को प्यार में धोखा दे रहा हो। तो ऐसे में भावनात्ममक असुरक्षा का होने स्वाभाविक है।

अगर हम मौजूदा हालात पर नजर डालें तो इस बात को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगे कि आज व्यक्ति खुद को सबसे बेहतर साबित करने के लिए अपने समय का निर्धारण नहीं कर पाता और अधिकाधिक पैसे कमाने को ही अपना ध्येय समझ लेता है। इसी चक्कर में आए-दिन कई प्रेमी जोड़े एक-दूसरे से अलग हो रहे हैं। इतना ही नहीं आत्म-केन्द्रित होती मानसिकता और पैसे की ओर बढ़ता आकर्षण वैवाहिक संबंधों को भी प्रभावित कर रहा है।

 

[इसे भी पढ़ें : भावनात्मक शोषण क्‍या है]


प्राय: देखा जाता है कि विवाहित जोड़े में से कोई एक अपने काम में इस कदर उलझ जाता है कि दूसरे व्यक्ति की अपेक्षाएं व उसकी भावनाएं इससे प्रभावित होने लगती हैं। वह भावनात्मक रूप से खुद को अकेला समझने लगता है इसके साथ ही उसे अपने साथी से दूर होने का डर भी सताने लगता है। कभी-कभार व्यक्ति अपने साथी से इतना ज्यादा जुड़ जाता है कि उससे अलग होने का डर ही उसके लिए असुरक्षा की भावना में परिवर्तित हो जाता है। उसे हमेशा यहीं भय सताता रहता है कि कहीं उसका साथी उसे किसी और के लिए छोड़ ना दे।

संबंधों में भावनात्मक असुरक्षा क्या है

जब कभी दो दोस्तों या साथियों के रिश्ते में अपनापन खत्म होने लगता है और रिश्तों में पहले जैसी गर्मजोशी नहीं रहती तो दोनों तरफ से असुरक्षा की भावना पनपने लगती है। संबंधों में भावनात्मक असुरक्षा उस वक्त और बढ़ जाती है,जब दूसरा व्यक्ति किसी भी बात की सही तरह से प्रतिक्रिया नहीं देता।


क्यों होती है भावनात्मक असुरक्षा

कई बार भावनात्मक असुरक्षा का कारण अत्यधिक जुड़ाव होना है तो कई बार रिश्तों में होने वाली बोरियत हो जाती है। लेकिन कभी-कभी किसी तीसरे व्यक्ति के कारण भी रिश्तों में भावनात्मक असुरक्षा पनपने लगती है। अगर पति पत्नी की पसंद-नापसंद एक दूसरे से बिलकुल अलग होती है, तो भी ऐसे रिश्तों को लंबे समय तक जबरन ढोने से भावनात्म‍क असुरक्षा बढ़ सकती है।

[इसे भी पढ़ें : भावनात्मक लगाव पर नियंत्रण]

भावनात्मक असुरक्षा होने पर क्या करें

  • आपके रिश्ते में अगर भावनात्म‍क असुरक्षा पनपने लगी है, तो आपस में बात करके अपने डर और परेशानी का हल निकालने की कोशिश करनी चाहिए। किसी भी समस्या का हल सिर्फ बातचीत से ही निकाला जा सकता है इसीलिए जरूरी है कि आपस में मिलकर आमने-सामने बात की जाए जिससे सब समस्याओं को आसानी से सुलझाया जा सकें।
  • समस्या की जड़ तक पहुंचकर उसे दूर करने के सभी उपायों को ढूंढना चाहिए। अपनी समस्याओं को स्वयं ही सुलझाने का प्रयास करें।
  • पारस्परिक संबंधों को तभी सुखी बनाया जा सकता है जबकि संबंध सुरक्षित रहे और प्यार में धोखा न दिया जाए साथ ही एक साथी दूसरे को ठीक उसी तरह से प्रतिक्रियाएं दे जैसे वो उन दिनों में दिया करता था जब रिलेशंस अच्छे थे।
  • संबंधों को लेकर भावनात्मक असुरक्षा तभी खत्म होगी जब दोनों आपस में एक-दूसरे की बातें सुनें और मिलकर उन कारणों को खोजे जिससे असुरक्षा की भावना पनपने लगी है।

 

 

 

Read More Article on Dating in hindi.

Write a Review
Is it Helpful Article?YES2 Votes 42347 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर