एक सुई से रोशन होगी आंखें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 07, 2013
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ek sui se roshan hogi aankhe

 

दुनिया भर में लाखों लोग दृष्टिहीनता की बीमारी से परेशान हैं, लेकिन यह तकनीक उन सबके लिए उम्‍मीद की एक किरण बनकर आई है।


दृष्‍टिहीनता दूर करने की दिशा में वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिली है। ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने इस बड़ी समस्‍या से हमेशा के लिए राहत दिलाने का दावा किया है। एक इंजेक्‍शन के जरिए आंखों में डाली गई प्रीकर्सर कोशिकाओं के जरिए आंखों की रोशनी लौटाई जा सकती है। चूहों पर किए गए प्रयोग में शोधकर्ताओं को सफलता मिली है। इस खोज से दुनिया भर के लाखों दृष्टिहीनों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल सकते हैं।

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शोधकर्ताओं की इस नई तकनीक में देखने की क्षमता वाली कोशिकाओं को इंजेक्‍शन की मदद से आंखों में डाला जाता है। इसके बाद धीरे-धीरे व्‍यक्ति के आंखों की रोशनी लौट आती है। प्रमुख शोधकर्ता रॉबर्ट मैकलैरेन ने बताया कि यह पली बार है जब किसी अध्‍ययन से हमें यह पता चल है कि पूरी तरह से आंखों की रोशनी खो चुके व्‍यक्ति की दृष्टि भी लौटाई जा सकती है।

शोधकर्ताओं ने चूहों पर अध्‍ययन कर यह निष्‍कर्ष निकाला है। उन्‍होंने ऐसे चूहों को शोध में शामिल किया जिनकी रेटिना में रोशनी की संवदेना पैदा करने वाली फोटोरिसेप्‍टर कोशिकाएं मौजूद नहीं थीं। इसके चलते वे रोशनी और अंधेरे में फर्क करने में असक्षम थे।

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शोधकर्ताओं ने टीके की मदद से इन चूहों की आंखों में 'प्रीकर्सर' नामक कोशिकाएं डालीं जो रेटिना के ब्‍लॉक बनाती हैं। उन्‍होंने पाया कि इस प्रक्रिया के दो हफ्ते बाद आंखों से फिर से रेटिना का निर्माण हो गया जिससे चूहों को दिखाई देने लगा।

शोध के मद्देनजर प्रो. रॉबर्ट ने कहा, इस परीक्षण के द्वारा हमने आंखों के ढाचें का फिर से पूरी तरह निर्माण करने में सफलता पाई है। हालांकि पूर्व में भी इस तरह अध्‍ययन हो चुके हैं, जिसमें कुछ हद तक आंखों की रोशनी गंवा चुके चूहों की दृष्टि लौटाने में वैज्ञानिक कामयाब हुए थे।

यह पहला अध्‍ययन है जिसमें पूरी तरह अपनी दृष्टि खो चुके व्‍यक्ति की रोशनी लौटाने की उम्‍मीद हासिल हुई है। अध्‍ययन के परिणाम 'जर्नल प्रोसीडिंग्‍स ऑफ द नेशनली एकेडमी ऑफ सांइसेज' के ताजा अंक में प्रकाशित किए गए हैं।

 

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