आयुर्वेद से करें पायरिया का उपचार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 24, 2011
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Quick Bites

  • पायरिया दांतों की एक गंभीर बीमारी है।
  • सरसों का तेल बहुत ही प्रचलित औषधि है।
  • दिन में दो बार दांतों को अच्‍छे से ब्रश करें।
  • मसाले रहित उबली सब्जियों का सेवन करें।

पायरिया दांतों की एक गंभीर बीमारी है जो दांतों के आसपास की मांसपेशियों को संक्रमित करके उन्हें हानि पहुंचाती है। यह बीमारी स्वास्थ्य से जुड़े अनेक कारणों से होती है, और सिर्फ दांतों से जुड़ी समस्याओं तक सीमित नहीं होतीं। पायरिया की समस्‍या दांतों और मसूड़ों पर निर्मित हो रहे जीवाणुओं के कारण होती है।

pyrrhoea in hindi

पायरिया के लक्षण और कारण:

दांतों में खान पान के कण अटकना और दांतों का सड़ना, दांतों पर अत्यधिक मैल जमना, मुंह से दुर्गन्ध आना और मुंह में अरुचिकर स्वाद का निर्माण होना, जीवाणुओं का पसरण, मसूड़ों में जलन का एहसास होना और छालों का निर्माण होना, जरा सा छूने पर भी मसूड़ों से रक्तस्राव होना इत्यादि पायरिया के लक्षण होते हैं। लेकिन घबराइये नहीं क्‍योंकि इससे बचने में कुछ आयुर्वेदिक उपाय आपकी मदद कर सकते हैं।

सरसों का तेल और सेंधा नमक

यह पायरिया के उपचार के लिए एक बहुत ही प्रचलित औषधि है। सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर दांतों पर लगाने से दांतों से निकलती हुई दुर्गन्ध और रक्त बंद होकर दांत मजबूत होते हैं और पायरिया जड़ से निकल जाता है।


अरंडी का तेल

200 मिलीलीटर अरंडी का तेल, 5 ग्राम कपूर, और 100 मिलीलीटर शहद को अच्छी तरह मिला दें, और इस मिश्रण को एक कटोरी में रखकर उसमे नीम के दातुन को डूबोकर दांतों पर मलें और ऐसा कई दिनों तक करें। यह भी पायरिया को दूर करने के लिए एक उत्तम उपचार माना जाता है।


कच्‍चे अमरुद

अमरुद विटामिन सी का बहुत अच्छा स्रोत होने के कारण दांतों के लिए बहुत लाभकारी होता है। समस्‍या होने पर कच्चे अमरुद पर थोडा सा नमक लगाकर खाने से भी पायरिया के उपचार में सहायता मिलती है।

neem for pyrrhoea in hindi

नीम की पत्तियां

नीम के पत्तों की राख में कोयले का चूरा और कपूर मिलाकर रोज रात को लगाकर सोने से पायरिया में लाभ होता है। इसके अलावा यह पाउडर मसूड़ों से रक्तस्राव और पस के निर्माण पर नियंत्रण रखता है, और मुंह से दुर्गन्ध हटाने में भी सहायता करता है। आप अपने दांतों में नीम के दातुन से ब्रश भी कर सकते हैं।


क्या करें क्या न करें:

  • कब्ज से बचें। गर्म पानी में सेंधा नमक मिलाकर नहाने की भी सलाह दी जाती है।
  • दिन में दो बार दांतों को सही और नियमित रूप से ब्रश करना बहुत जरूरी होता है।
  • शरीर में मौजूद विषैले तत्वों के निष्काशन के लिए पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करें।
  • विटामिन सी युक्त फल, जैसे कि आंवला, अमरुद, अनार, और संतरे का भी सेवन भरपूर मात्रा में करें।
  • पायरिया के इलाज के दौरान रोगी को मसाले रहित उबली सब्जियों का ही सेवन करें।
  • धूम्रपान और तम्बाकू के सेवन से भी बचें क्योंकि यह पायरिया की बीमारी को बढाते हैं।


आयुर्वेद के अनुसार पायरिया दाँतों की देखभाल में कमी, अस्वस्थ खान पान और पेट का अच्छी तरह से साफ न होने के कारण होता है। अतः इन कारणों से बचें।

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते हैं।

Image Source : Getty & blogspot.com
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टिप्पणियाँ
  • khamkar vishwajeet virendra01 Jul 2012

    dekho east, dekho west ayurveda is sabse best

  • sunil singh06 May 2012

    ayurveda is best .........

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