जानें क्‍या है आस्‍थानिक गर्भावस्‍था

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 27, 2011
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

अस्थानिक गर्भधारण, गर्भावस्था का एक जटिल रूप है।
इसमें गर्भ गुहा के बाहर ही प्रत्यारोपित हो जाता है।
गर्भ अपने स्थान से हट कर, दूसरी जगह स्थापित होता है। 
भ्रूण गर्भ के बाहर विकसित होना शुरू हो जाता है।

अस्थानिक गर्भधारण, गर्भावस्था का एक जटिल रूप है। अस्थानिक गर्भावस्था के दौरान गर्भ गुहा के बाहर ही प्रत्यारोपित हो जाता है। अस्थानिक गर्भधारण के असामान्य होने के कारण इसके जोखिम कारक भी बहुत से है। आइए जानें आखिर एक अस्थानिक गर्भावस्था क्या है।

 

  • जो गर्भ अपने स्थान से हट कर अन्य कहीं स्थापित होता है उस को अस्थानिक गर्भ कहते है, वैसे गर्भ की निश्चित जगह तो गर्भाशय है परन्तु कईं बार गर्भ, गर्भ गुहा के बाहर ही ठहर जाता है।
  • अस्थानिक गर्भावस्था वह है जब अंडा गर्भाशय के बाहर निषेचित हो जाता है और भ्रूण गर्भ के बाहर विकसित होना शुरू हो जाता है।
  • आमतौर पर देखने में आया है कि अस्थानिक गर्भावस्था सबसे अधिक फैलोपियन ट्यूब के अंदर होती है, लेकिन कुछ ऐसे मामले भी देखे गए है कि जब अंडा पेट के क्षेत्र में ही निषेचित हो जाता है।
  • फेलोपियन ट्यूब से बाहर निषेचन या निषेचित अंडे का फेलोपियन ट्यूब से बाहर अंडाशय की तरफ मूव कर जाना उदर गुहा गर्भधारण कहलाता है उदर गुहा में निषेचित अंडे का रोपण होने पर यही से रक्त आपूर्ती होने से भ्रूण विकसित होने लगता है। हालांकि इस तरह के गर्भ से अकसर गर्भपात हो जाता है लेकिन कई बार गर्भ का पूरा विकास भी हो जाता है इस प्रकार की सारी गर्भावस्थाओं को अस्थानिक यानी स्थान से हट कर गर्भावस्था कहते हैं।
  • जब कभी अंडे का निषेचन फैलोपियन ट्यूब या फिर पेट के क्षेत्र में होता है तो डॉक्टर्स गर्भपात कराने की सलाह देते हैं क्योंकि अस्थानिक गर्भावस्था के जोखिम कारक हो सकते हैं, ऐसे में महिला को कोई स्थायी क्षति पहुंच सकती है यानी कोई गंभीर बीमारी या कुछ भी हो सकता है। 
  • अस्थानिक गर्भावस्था के दौरान पेट में दर्द होना या बहुत अधिक रक्तस्राव होना है, ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और डॉक्टर के निर्देशानुसार ही कार्य करना चाहिए अन्यथा महिला को जान का जोखिम भी हो सकता है।
  • अस्थानिक गर्भधारण कई कारणों से हो सकता हैं जैसे - फेलोपियन ट्यूब में रुकावट, गर्भाशयी संक्रमण,फेलोपियन ट्यूब में संरचनात्मक विकार, सीजेरियन विकार यानी पहले कभी करवाई गई सर्जरी से होने वाले विकार, पहले भी अस्थानिक गर्भ ठहर चुका हो, प्रजनन शक्ति बढाने वाली दवाओं का सेवन, सहवास के तुरंत बाद ली जाने वाली गर्भ निरोधक पिल्स इत्यादि।
  • अस्थानिक गर्भावस्था को कुछ लक्षणों से पहचाना जा सकता है जैसे-पेट के एक हिस्से में बहुत अधिक दर्द हो और लगातार हो, मूत्र या मल त्यागने के मार्ग में कोई परेशानी या दर्द होना,रक्त चाप कम होना,बहुत अधिक कमजोरी होना और शरीर में पीलापन आना, हरदम बेहोशी महसूस करना इत्यादि।
  • अस्थानिक गर्भावस्था का निदान अल्ट्रासाउंड, रक्त जांच के स्तर और पेल्विक जांच के माध्यम से किया जा सकता है।

 

Read more articles on Pregnancy in Hindi.

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES79 Votes 58465 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर