सप्‍ताह में एक बार सीफूड के सेवन से कम होता है अल्‍जाइमर का खतरा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 15, 2016
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Quick Bites

  • अल्जाइमर भूलने की बीमारी है, जिसमें दिमाग कमजोर हो जाता है।
  • एपीओई युक्त मरीज सीफूड खाकर अल्जाइमर से बच सकते हैं।
  • मरीजों को सप्ताह में दो बार सीफूड का सेवन करना चाहिए।
  • सीफूड के सेवन से मस्तिष्क में मर्करी का स्तर बढ़ता है।

एक अमरीकी रिपोर्ट के अनुसार वृद्धावस्था में अल्जाइमर के खतरे को कम करने के लिए सीफूड का सेवन फायदेमंद होता है। बहरहाल मछलियां वैसे भी हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती हैं। लेकिन सीफूड की इसमें कोई तुलना नहीं है। शोधकर्ताओं के मुताबिक सप्ताह में एक बार मछली का सेवन करने वाले ऐसे वृद्धों, जिनमें यह खास जीन ‘एपीओई’ नहीं पाई जाती, के लिए सीफूड खास कारगर नहीं है।

  • अल्जाइमर वास्तव में एक ऐसा रोग है जिसमें मरीज को भूलने की बीमारी लग जाती है। इस बीमारी के तहत मरीज न सिर्फ भूलने की आदत से मजबूर हो जाता है बल्कि उसमें आत्मविश्वास की कमी होने लगती है, फैसले लेने में असमर्थ महसूस करता है। इसके अलावा मरीज को सामान्यतौर पर बोलने में दिक्कत महसूस होती है।
  • अल्जाइमर रोग के लिए ‘एपीओई4’ जीन प्रमुख ज्ञात आनुवांशिक जोखिम कारक है। रश विश्वविद्यालय मेडिकल केंद्र के शोधार्थियों ने मस्तिष्क में मर्करी के स्तर की जांच की, जो समुद्री भोजन में प्रमुख तौरपर पाया जाता है। साथ ही यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के लिए हानिकारक होता है, इस बात का भी पुष्टि हुई।
  • उन्होंने यह भी जाना कि समुद्री भोजन का सेवन मस्तिष्क में मर्करी का स्तर बढ़ा देता है लेकिन बीटा एम्लाइड प्रोटीन प्लेक्स और टाउ प्रोटीन टैंगल्स का स्तर नहीं बढ़ाता, जो अल्जाइमर रोग की पहचान है।

    कनाडा की लावाल यूनिवर्सिटी से एडलट्रॉट क्रागर और राबर्ट लाफरेस ने बताया, ‘यह शायद पहला अध्ययन होगा जो यह बताता है कि अल्जाइमर या डिमेंशिया का मस्तिष्क में मर्करी के स्तर से कोई संबंध नहीं है। इसलिए समुद्री भोजन में पाए जाने वाले मर्करी की चिंता किए बगैर समुद्री भोजन का सेवन किया जा सकता है।’

    नियमित रूप से सीफूड खाने से या सीफूड की मात्रा बढ़ाने से अल्जाइमर के खतरे में तेजी से गिरावट महसूस की जाती है। दरअसल सीफूड खाने से रोगी पहले की तरह चीजों को भूलने की बजाय कुछ कुछ चीजों को याद करने की क्षमता हासिल करने लगता है।
  • हालंकि यह कहना पाना मुश्किल है कि मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता है। लेकिन यह आवश्यक तौरपर कहा जा सकता है कि सीफूड की मदद से अल्जाइमर होने के खतरे को कम किया जा सकता है। खासकर बुजुर्ग लोगों के लिए यह कारगर दवा के रूप में उभरी है।विशेषज्ञों ने शोध में पाया है कि जो लोग सीफूड सप्ताह में कम से कम दो बार आवश्यक तौर पर खाते हैं, उन्हें अल्जाइमर के खतरे से मुक्ति तुलनात्मक रूप से जल्दी मुक्ति मिल जाती है।

 

लेकिन शोधार्थियों ने यह भी जोड़ा है कि जिन मरीजों में एपीओई होता है, सीफूड उन पर ही कारगर है। एपीओई युक्त मरीज ही सीफूड का सप्ताह में कम से कम दो बार सेवन कर अल्जाइमर से दूर हो सकते हैं।

 

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