रोज मूंगफली खाने से कम होता है कैंसर से मृत्यु का खतरा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 12, 2015
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Quick Bites

  • मूंगफली से शरीर स्वस्थ और एनर्जी से भरपूर रहता है।  
  • दिल की बीमारी व कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है।
  • मोनोसेचुरेटेड फैटी एसिड का कम मृत्यु दर में योगदान।
  • ट्रांस फैटी एसिड मूंगफली के सुरक्षात्‍क प्रभाव को रोकता है।

मूंगफली एक पौष्टिक आहार है। यह आयरन, नियासिन, फोलेट, कैल्शियम और जिंक का अच्छा स्रोत हैं। आधी मुट्ठी मूंगफली के दानों में 426 कैलोरी 5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 17 ग्राम प्रोटीन और 35 ग्राम फैट होता है। इसमें विटामिन ई, के और बी6 भी भरपूर मात्रा में पाए जाते है। मूंगफली खाने से शरीर स्वस्थ रहता है और आप हमेशा एक एनर्जी महसूस करते है। इसके साथ-साथ मूंगफली कैंसर जैसे एक घातक रोग से होने वाले मौत के खतरे को भी कम करती है। एक नए अध्‍ययन से यह भी पता चला है कि मूंगफली के सेवन से कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं जिससे दिल की बीमारी व कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है।

peanut in hindi

कैंसर से मृत्यु का खतरा कम करती मूंगफली

एक नए अध्ययन से यह बात सामने आई है कि मूंगफली कैंसर और हृदय रोग से होने वाली जल्द मौत के खिलाफ रक्षा प्रदान करता है। मास्ट्रिच यूनिवर्सिटी के एक शोध ने पाया कि जो महिला या पुरुषों नियमित रूप से 10 ग्राम मूंगफली खाते हैं उनमें न खाने वालों की तुलना में मौत के कई प्रमुख कारणों से मरने का खतरा कम पाया जाता है।  

शोध के अनुसार

नीदरलैंड में शोधकर्ताओं ने कहा कि मूंगफली में विभिन्‍न प्रकार के विटामिन, फाइबर, एंटीऑक्‍सीडेंट और पॉलीअनसेचुरेटेड और मोनोसेचुरेटेड जैसे फैटी एसिड संभवतः कम  मृत्यु दर में योगदान करते हैं। लेकिन उनका मानना है कि मूंगफली सेहत के लिए फायदेमेंद है लेकिन नमकीन मूंगफली से जरूर परहेज करना चाहिए। इसके अलावा आपको मूंगफली के मक्‍खन यानी पीनट बटर के सेवन से भी बचना चाहिए क्‍योंकि इसमें मौजूद नमक और ट्रांस फैटी एसिड मूंगफली के सुरक्षात्‍क प्रभाव को रोकता है।

cancer cell in hindi

इसके अलावा, शोध के दौरान जिन महिलाएं ने मूंगफली का सेवन किया और धूम्रपान नहीं किया, उनमें डायबिटीज कम होने की रिपोर्ट मिली। प्रमुख शोधकर्ता पीट वैन डैन बैरन्‍ट ने कहा कि मूंगफली का अधिक सेवन को मृत्‍यु दर जोखिम में कमी के साथ नहीं जोड़ा जा सकता। यह अध्‍ययन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित हुआ है।

Image Source : Getty

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