मांसपेशियों में ऐंठन से छुटकारा पाने के आसान तरीके

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 04, 2014
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण हो सकती है मांसपेशियों में ऐंठन।
  • कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम की कमी भी होते हैं कारण।
  • शरीर की मालिश करने से मांसपेशियों को काफी आराम मिलता है।
  • शरीर में पानी की कमी के कारण भी मांसपेशियों में ऐंठन होती है।

मांसपेशियों में ऐंठन तब होता है जब अचानक से मांसपेशियों पर तेजी से बल पड़ता है। हालांकि इसके ठीक होने में आमतौर पर कुछ ही समय लगता है, लेकिन इस दौरान होने वाला दर्द काफी तेज और असहनीय हो सकता है। मांसपेशियों में ऐंठन अक्सर स्वास्थ्य और पोषण की कमी का एक संकेत भी होता है। जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स, कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियमकी कमी। विभिन्न कारकों के कारण ऐंठन के कई प्रकार होते हैं। ज्यादातर यह समस्या पैरों में होती है, हालांकि इन तरीकों की मदद से मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या से बचा जा सकता है।

 Prevent Muscle Cramps In Hindi

खूब पानी पियें

शरीर में पानी की कमी ना होने दें। शरीर में पानी की कमी से भी पैर की उंगलियों सहित कई अंगों की मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। खासतौर पर व्यायाम के समय जब पसीना बहुत ज्यादा बहता है, तब खूब पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो अत्यधिक इलेक्ट्रोलाइट्स के कारण मांसपेशियों में ऐंठन होती है। वहीं दूसरी और यदि शरीर ज्यादा हाइड्रेट हो जाए तो भी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। इसलिए हाइड्रेशन को संतुलित रखें। इसके लिए छोटे व्यायाम सत्र में थोड़ा-थोड़ा कर पानी पियें और लंबे व्यायाम सत्र के दौरान डायलूट स्पोर्टस ड्रिक उपयुक्त होता है। अापको दिन में भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहने की आदत डालनी चाहिये, खासतौर पर सोने से पहले। क्योंकि सोते समय शरीर काफी तरल खोता है।

 

Prevent Muscle Cramps In Hindi

मिनरल्स की कमी ना होने दें

शरीर में मिनरल्स की कमी बिल्कुल न होने दें। मांसपेशियों में ऐंठन या अचानक दर्द मिनरल्स जिसे कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम की वजह से होता है। इसलिए हमें रोज जरुरत के हिसाब से कैल्शियम के 1000 मिलीग्राम और पोटेशियम की 4.7 ग्राम मात्रा लेनी चाहिए। विशेषकर मैग्नीशियम 400-420 मिलीग्राम पुरुषों के लिए और 310-320 मिलीग्राम महिलाओं के लिए आवश्यक होता है। केलों में उच्च मात्रा में पोटेशियम होता है, साथ ही कच्चे एवकाडो, भुने आलू, पालक और वसा मुक्त या स्किम्ड दूध भी इसके अच्छे श्रोत होते हैं। आप इन्हें भी अपनी डाइट में शामिल कर सकतें हैं। साथ ही पोटेशियम और कैल्शियम का भी सेवन करें। दोनों मिनरल्स शरीर में तरल पदार्थ बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इसके लिए पोटेशियम से भरपूर भोजन, जैसे केला, अंडा, और मछली और कैल्शियम के लिए फैट फ्री दूध या दही का सेवन करें।

मालिश करें

शरीर की मालिश करें (खासतौर पर पैरों की)। पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन होने पर उन्हें गर्म पानी में भिगोयें। मालिश करने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है। ये मांसपेशियों में ऐंठन से बचने के एककारगर और आसान तरीका है। इससे शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है और ऐंठन की संभावना कम हो जाती है। मालिश के लिए आप कोई भी सोम्य तेल प्रयोग कर सकते हैं।

रोज़ व्यायाम और स्ट्रेच करें

रोज़ थोड़ा व्यायाम करें। दिन में रोज़ पैरों और शरीर की स्ट्रेचिंग करें। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और ऐंठन होने की संभावना भी कम होती है। अगर पैर में ऐंठन रात के समय हो तो पैरों को धीरे से स्ट्रेच करें। इससे आपके पैरों का ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है और मांसपेशियों में ऐंठन नहीं होती।



Read More Articles On Sports & Fitness In Hindi.

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES24 Votes 3334 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर