जानें अर्थराइटिस और जोड़ों के दर्द के लिए कैसे बनायें हॉट पेपर क्रीम

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 07, 2016
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Quick Bites

  • अर्थराइटिस जोड़ों की बीमारी है जो बढ़ती उम्र में होता है।
  • लेकिन जोड़ों का दर्द किसी भी उम्र में हो सकता है।  
  • जोड़ों के दर्द में मिर्च के इस क्रीम का इस्तेमाल करें।
  • क्रीम को लगाने पर जलन हो तो इस्तेमाल ना करें।

अर्थराइटिस यानि गठिया का दर्द, जो कि बढ़ती उम्र में होता है। इस बीमारी में मरीज को शुरू में बुखार आता है, फिर धीरे-धीरे मांसपेशियों में दर्द रहने लगता है और हमेशा शरीर में दर्द रहता है। इस बीमारी में कई बार वजन भी घटने लगता है। वहीं जोड़ों का दर्द किसी भी चोट या कमजोर हड्डियों की वजह से होता है। अर्थराइटिस और जोड़ों के दर्द की बीमारी में काफी अंतर है लेकिन इन दोनों का इलाज काली मिर्च की इस दवा के द्वारा किया जा सकता है।  

 

अर्थराइटिस की बीमारी

बढ़ती उम्र में शरीर में यूरीक एसिड की अधिकता होने से अर्थराइटिस की समस्या होने लगती है। दरअसल शरीर में यूरिक एसिड अधिक होने पर वह हड्डियों के जोड़ो में छोटे-छोटे क्रिस्‍टल के रूप में इकट्ठा होने लगता है जिससे जोड़ो में ऐंठन और बहुत तेज दर्द होता है। इसे गठिया का दर्द भी कहते हैं।

 

जोड़ों में दर्द

जोड़ों का दर्द भी बढ़ती उम्र में ज्वाइंट्स के बहुत अदिक घिस जाने पर होता है। लेकिन कम उम्र में कई बार अंदरुनी चोट लगने या हड्डियों पर बहुत अधिक दवाब पड़ने पर भी जोड़ों का दर्द होता है।  

अर्थराइटिस और जोड़ों के दर्द में काफी अंतर है लेकिन इसका उपचार आप काली मिर्च की ये दवाई बनाकर घर पर ही आसानी से कर सकते हैं। तो आइए इस लेख में सीखिए कि कैसे घर पर ही बनाए अर्थराइटिस की बीमारी की रामबाण दवा।

नोट- इस्तेमाल करने पर त्वचा में जलन होना लाजिमी है। ऐसे में अगर आपकी त्‍वचा अधिक संवेदनशील है तो सावधानी से इसका इस्तेमाल करें।

 

कैप्‍सीकम क्रीम रेसिपी

  • 3 चम्मच लाल मिरच पाउडर
  • 1 कप जोजोबा, ऑलिव या बादाम का तेल (इन तीनों में से कोई एक तेल का इस्तेमाल करें।)
  • 1/2 कप घिसा हुआ मोम
  • एक डबल बॉयलर
  • एक कांच का जार


बनाने की विधि
3 चम्मच लाल मिरच पाउडर में 1 कप जोजोबा ऑयल, ऑलिव ऑयल या बादाम का तेल मिलाएं। अब इसे बॉयलर में उबाले। उबालने के दौरान ही इसमें 1/2 कप घिसा हुआ मोम डालकर मिलाएं। इसे तब तक मिलाएं जब तक की मोम पूरी तरह से पिघल ना जाए। जब मोम पूरी तरह से पिघल जाए तो बॉयलर को बंद कर इस मिश्रण को ठंडा होने दें। जब ये ठंडा हो जाए तो इसे कांच के जार में बंद कर फ्रीज में रख दें। अब इसे रोजाना दर्द वाली जगह पर लगाएं। आराम मिलेगा। 

 

सुपर-स्ट्रेंथ क्रीम

  • 1 कप मोम
  • 4 चम्मच मिर्च का पाउडर
  • 4 कप जोजोबा, ऑलिव या बादाम का तेल (इन तीनों में से कोई एक तेल का इस्तेमाल करें।)
  • दस्ताने
  • एक डबल बॉयलर
  • एक कांच का जार


बनाने की विधि

4 चम्मच मिर्च के पाउडर को 4 कप जोजोबा ऑयल, ऑलिव ऑयल या बादाम के तेल के साथ मिलाकर बॉयलर में उबालें। मद्धम आंच में इस मिश्रण को 5-10 मिनट के लिए उबलने दें। जब ये अच्छी तरह से गर्म हो जाए तो इसमें मोम डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। फिर इसे फ्रीज में रखकर 10 मिनट के लिए ठंडा होने दें। अब इसे कांच के जार में डाल लें। फिर रोजाना एक हफ्ते तक दर्द वाली जगह पर सोने समय लगायें। अगर इससे जलन हो तो इसका इस्तेमाल करना बंद कर दे।

 

हल्दी-मिर्च क्रीम

इस क्रीम में एंटी-फ्लेमेटरी और दर्द विनाशक हल्दी और अदरक का इस्तेमाल भी किया जाता है जिसके कारण ये अधिक फायदेमंद है।

  • 3 कप जोजोबा, ऑलिव या बादाम का तेल (इन तीनों में से कोई एक तेल का इस्तेमाल करें।)
  • 3 चम्मच पीसी हुई मिर्च
  • 1/2 कप मोम
  • 3 चम्मच हल्दी
  • 2 चम्मच पीसा हुआ अदरक
  • एक डबल बॉयलर


बनाने की विधि
3 चम्मच हल्दी, 3 चम्मच पीसी हुई मिर्च और 2 चम्मच पीसा हुआ अदरक एक साथ मिलाएं। अब इसमें 3 कप जोजोबा तेल, ऑलिव ऑयल या बादाम का तेल मिलाएं। अब इसमें बॉयलर में 5-10 मिनट के लिए गर्म करें औऱ फिर इसमें 1/2 कप घिसा हुआ मोम डालें। अब मोम के पिघलने तक इसे गर्म करते रहें। जब ये पिघल जाए तो इसे ठंडा होने दें। जब ये ठंडा हो जाये तो इसे 10 मिनट के लिए रेफ्रीजरेटर में रख दें। अब इसे निकालकर कांच के जार में रख दें। अब जिन हिस्सों में दर्द दे  रहा हो वहां पर इस क्रीम को लगाकर मालिश करें। आराम मिलेगा।

 

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