इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज, ये हैं लिवर कैंसर के संकेत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 07, 2017
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Quick Bites

  • लिवर कैंसर का पुर्वानुमान लगाकर इस बीमारी के खतरों से बचा जा सकता है।
  • इसके फर्स्ट स्टेज में शरीर में होने वाले कई बदलाव पुर्वनुमान लगाने में सहायक हैं।
  • हेपैटोब्लॉस्टोमा वाले बच्चों  में 5 वर्षों के लिए सर्वाइवल रेट लगभग 70 प्रतिशत होती है।

अगर हमेशा पेट दर्द रहता है...

या फिर पेट के एक हिस्से में अचानक दर्द उठता है ...

या फिर यूरीन करने के दौरान दर्द देता है तो नजरअंदाज ना करें। क्योंकि ये लक्षण, लिवर कैंसर के संकेत हो सकते हैं।

 

लिवर कैंसर का इलाज आसानी से तभी संभव हो सकता  है जब रोगी के शरीर में इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान कर ट्रीटमेंट शुरू करवा लें। नहीं तो कैंसर अपने भयानक अवस्था में पहुंचते ही जानलेवा हो जाएगा।  लिवर कैंसर के इलाज के लिए सर्जरी का प्रयोग कर इसे बढ़ने से रोका जा सकता है। आमतौर पर कैंसर की कोशिकाओं का शरीर के एक अंग से दूसरे अंगों में फैलने की आंशका ज्यादा रहती है। इसका पहले से पता लगाने के लिए इंसान का अपने स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति सचेत होना चाहिए और ध्यान देना चाहिए कि उसे क्‍या-क्या तकलीफे हो रही है।

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फर्स्ट स्टेज के कई लक्षण

लिवर कैंसर के फर्स्‍ट स्‍टेज में शरीर के इंसान में कई बदलाव होते हैं जिनके लक्षण सामान्य स्थिती से बहुत अलग होते है। अगर इन सिथ्तियों पर ध्‍यान दिया जाए तो इस बीमारी का पूर्वानुमान लगा सकते हैं और समय रहते डॉक्‍टर के पास ले जाएं तो मरीज को जल्‍द ही कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। कभी-कभी जिन रोगियों में लिवर कैंसर पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाता है उनके इलाज के लिए डॉक्टर उपशामक थेरेपी की मदद लेते हैं। उपमाशक थेरेपी का मुख्य उद्देशय होता है रोगी को दर्द व अन्य समस्याओं से निजात दिलाकर एक आरामदायक जीवन देना।

लिवर कैंसर लिवर तक सीमित रहने पर ही पुर्वानुमान संभव

लिवर कैंसर वाले मरीज के लिए पूर्वानुमान इस पर निर्भर हैं कि क्या लिवर कैंसर लिवर तक सीमित है और क्या इसे सर्जरी से पूरी तरह निकाला जा सकता है। सर्जरी के बावजूद हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा और कोलेनजियोकार्सिनोमा वाले मरीजों में 5 वर्ष के लिए बचने की दर (सर्वाइवल रेट) 20 प्रतिशत से कम है। लिवर के सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण के बाद पूर्वानुमान बेहतर हो सकते हैं। हेपैटोब्लॉस्टोमा वाले बच्चों  में 5 वर्षों के लिए सर्वाइवल रेट लगभग 70 प्रतिशत होती है जब कैंसर लिवर तक सीमित हो और पूरी तरह से निकाला जा सकता हो। लिवर के एंजियोसरकोमा वाले अधिकांश मरीजों में बीमारी निदान के समय तक पहले ही काफी फैल चुकी होती है जिससे पूर्वानुमान आमतौर से निराशाजनक हो जाते हैं।

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ऐसे लगाएं लिवर कैंसर का पुर्वानुमान

थकान होना, वजन घटना और उल्टी होना लिवर के खराब होने के संकेत हैं। पीलिया कोई बीमारी नहीं है, यह वास्‍तव में एक चिन्‍ह् है कि आपका लिवर सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। जब शरीर में बिल्‍रूयूबिन की मात्रा ज्‍यादा हो जाती है तो पीलिया हो जाती है। यह लिवर कैंसर का पहला लक्षण है। अगर इन सब बीमारियों ने आपको घेर लिया है तो लिवर कैंसर की जांच करा लीजिए।

 

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