युवाओं में धूम्रपान का कारण हो सकती है ई-सिगरेट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 29, 2013
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using e cigaretteकुछ साल पहले सिगरेट के सेवन से होने वाले खतरों से बचने के लिए ई-सिगरेट को सुरक्षित विकल्‍प के तौर पर पेश किया गया था। ले‍किन हाल ही में हुई शोध के बाद चेतावनी दी गई है कि ई-सिगरेट से युवा धूम्रपान की लत का शिकार हो सकते हैं।


ऐसा माना जाता है कि युवा ई-सिगरेट का इस्‍तेमाल सिगरेट की लत को छोड़ने के लिए करते हैं। शोध से साफ हुआ है कि ई-सिगरेट से युवा सिगरेट पीना बंद नहीं करते, बल्कि और ज्‍यादा पीना शुरू कर देते हैं।


सैनफ्रांसिस्‍को में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया के वरिष्‍ठ लेखक स्‍टेनटोन ए ग्‍लेनट्ज ने बताया कि हम इस बात के गवाह है कि नए युग में निकोटिन एक महामारी का रूप ले रही है और बच्‍चे निकोटिन के आदी हो रहे हैं।


ई-सिगरेट एक बैटरी युक्‍त डिवाइस है, जो कि देखने में बिल्‍कुल सिगरेट की तरह लगती है। और इससे शरीर में निकोटिन व अन्‍य तरह के कैमिकल जाते हैं।


शोधकर्ताओं के मुताबिक ई-सिगरेट को सिगरेट के सुरक्षित विकल्‍प के तौर पर प्रचारित किया गया। इस कारण यह अमेरिका समेत पूरी दुनिया में किशोरों और प्रौढ़ों में तेजी से लोकप्रिय हो गई।


अध्‍ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पता लगया कि कोरिया में 75 हजार युवा ई-सिगरेट का इस्‍तेमाल करते हैं। ग्‍लेनट्ज ने बताया कि हमारे शोध का उद्देश्‍य ई-सिगरेट से युवाओं पर पड़ने वाले असर का पता लगाना था।


शोधकर्ताओं के मुताबिक कोरिया में पांच में से चार युवा ई-सिगरेट का इस्‍तेमाल करते हैं। इनमें से कुछ ड्युल स्‍मोकर हैं, जो तम्‍बाकू और ई-सिगरेट दोनों का प्रयोग करते हैं।

 

 


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