अस्थमा में जरूर कराएं ये जांच

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 20, 2012
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Quick Bites

  • अस्थमा पर विभिन्न जाचों द्वारा नियंत्रण पाया जा सकता है।
  • अस्थमा में चेस्ट का एक्सरे भी जरूर कराना चाहिए।
  • ब्लड टेस्ट द्वारा अस्थमा का पता नहीं लगाया जा सकता है।
  • इसमें श्वांस नलिकाओं की भीतरी दीवार पर सूजन आ जाती है।

शहरों में पोल्यूशन बढ़ने की वजह से अस्थमा रोगियों की संख्या हर रोज बढ़ रही है। अस्थमा या दमा एक गंभीर बीमारी है जो श्वांस नलिकाओं को प्रभावित करती है। अस्थमा होने पर श्वांस नलिकाओं की भीतरी दीवार पर सूजन आ जाती है। इस स्थिति में सांस लेने में दिक्कत होती है और फेफड़ों में हवा की मात्रा कम हो जाती है। इससे खांसी आती है, नाक बजती है, छाती कड़ी हो सकती है, रात और सुबह में सांस लेने में तकलीफ आदि दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। दमा का दौरा पड़ने पर श्वांस नलिकाएं पूरी तरह बंद हो जाती हैं जिससे शरीर के महत्व पूर्ण अंगों में आक्सीजन की आपूर्ति बंद हो जाती है। अस्थमा एक गंभीर बीमारी है और इसका दौरा पड़ने पर व्यक्ति की मौत तक हो सकती है।

 

Asthma In Hindi

 

अस्थमा के लिए जांच

अस्थमा को ठीक नहीं किया जा सकता लेकिन विभिन्न जाचों द्वारा इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है ताकि दमा पीड़ित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सके।


स्पिरोमेटी

यह एक सामान्य प्रकार का टेस्ट  होता है जो किसी भी मेडिकल क्लिनिक में हो सकता सकता है। इस जांच से सांस लेने की दिक्कत या हृदय रोग को पहचाना जा सकता है। इस जांच से आदमी के सांस लेने की गति का पता चलता है।

 

पीक फ्लो

इस जांच द्वारा पता लगया जा सकता है कि आदमी अपने फेफड़े से कितनी तेजी से और आसानी से सांसों को बाहर कर रहा हे। अस्थमा को बेहतर तरीके से कंट्रोल करने के लिए यह जरूरी है कि आप अपनी सांसों को तेजी से बाहर निकालें। इस मशीन में एक मार्कर होता है जो सांस बाहर निकालते समय स्लाइड को बाहर की ओर ढ़केलता है।

 

चेस्ट एक्सरे

अस्थमा में चेस्ट का एक्सरे कराना चाहिए। चेस्ट एक्सरे द्वारा अस्थमा को फेफडे की अन्य बीमारियों से अलग किया जा सकता है। एक्सरे द्वारा अस्थमा को देखा नहीं जा सकता लेकिन इससे संबंधित स्थितियां जानी जा सकती हैं।

 

 

Asthma In Hindi

 

एलर्जी टेस्ट

कई बार डॉक्टर एलर्जी टेस्ट के बारे में सलाह देते हैं, इस टेस्ट से यह पता लगाया जा सकता है कि आदमी कि ट्रिगर्स की सही स्थिति क्‍या है और कौन सी परिस्थितियां आपको प्रभावित कर सकती हैं।

 
स्किन प्रिक टेस्ट

स्किन प्रिक टेस्ट बहुत साधारण तरीके से होता है और एलर्जिक टिगर्स जानने का बहुत ही प्रभावी तरीका होता है। यह बहुत ही सस्ता, तुरंत रिजल्ट देने वाला और बहुत ही सुरक्षित टेस्ट होता है।

 

ब्लड टेस्ट

ब्लड टेस्ट द्वारा अस्थमा का पता नहीं लगाया जा सकता है लेकिन शरीर के त्वचा की एलर्जी के लिए यह टेस्ट बहुत ही कारगर होता है।

 

शारीरिक परीक्षण

अस्थमा की जांच के लिए डॉक्टर आपका शारीरिक परीक्षण  भी कर सकते हैं जैसे, चेस्ट  के घरघराहट की आवाज सुनना। चेस्ट के घरघराहट की आवाज से अस्थतमा की गंभीरता को पहचाना जा सकता है।


अस्थमा कई कारणों से होता है, अनेक लोगों में यह एलर्जी मौसम, खाद्य पदार्थों, परफ्यूम जैसी खुश्बू आदि से हो सकता है। अस्थंमा धूल, सिगरेट का धुआं, पेंट या रसोईं की गंध, जानवरों की त्वचा, पेड और घास के परागकणों से हो सकता है। अगर माता-पिता को दमा है तो बच्चे में अस्थमा या दमा के  होने की संभावना होती है।

 

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