पीठ दर्द उपचार के दौरान क्‍या करें और क्या न करें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 14, 2014
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Quick Bites

  • व्‍यायाम की कमी के कारण युवाओं में बढ़ रही है यह समस्‍या।
  • गलत पोस्‍चर में लगातार काम करने के कारण बढ़ता है दर्द।
  • पीठ की जकड़न दूर करने के लिए गर्म पट्टी का प्रयोग कीजिए।
  • भारी सामान न उठायें और काम के बीच ब्रेक जरूर लीजिए।

अनियमित दिनचर्या ने लोगों को कई बीमारियां दी हैं, इनमें से एक है- पीठ दर्द। उठने-बैठने की सही मुद्रा का ध्यान न रखने और व्यायाम की कमी की वजह से गर्दन, पीठ और कमर दर्द की समस्याएं बहुत तेजी से बढ़ रही हैं।

जहां पहले पीठ व कमर दर्द से जुड़े मामले उम्रदराज लोगों में देखने को मिलते थे, वहीं अब स्वस्थ व सक्रिय जीवनशैली के प्रति लापरवाह 20-30 साल के युवा भी बड़ी संख्या में बैक पेन की गिरफ्त में आ गये हैं।

हमारी रीढ़ की हड्डी कई तरह के वर्टेब्र से मिल कर बनती है, यही वर्टेब्र एक दूसरे के ऊपर गोल आकार में रखे होते हैं। इनके बीच में एक कुशन या गद्दे के समान सॉफ्ट डिस्क होती है, जो वर्टेब्र को आपस में रगड़ने या टकराने से रोकती है। इस डिस्क के कारण ही रीढ़ की हड्डी में लचीलापन भी होता है। लेकिन घंटों मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप पर समय बिताने और व्यायाम की कमी के कारण पीठ दर्द के मामले बढ़ रहे हैं।

Back Pain Treatment

 

उपचार के समय क्‍या करें

  • पीठ दर्द के समय जकड़न हो सकती है, इसे दूर करने के लिए गर्दन और पीठ पर गर्म पट्टी का प्रयोग करें। इससे गर्दन और पीठ की कसी हुई मांसपेशियां ढीली होंगी और जकड़न से छुटकारा मिल सकता है।
  • पीठ दर्द की शिकायत होने पर शरीर को सही मुद्रा में बनायें, इससे पीठ दर्द को कम करने में मदद मिलती है और इसके कारण भविष्य में भी पीठ दर्द की शिकायत नहीं होती है।
  • लैपटॉप पर काम करते समय आगे की तरफ अधिक न झुकें, बल्कि लैपटॉप को ऊंचे स्थान पर रखें, इससे गर्दन और सिर से ऊपर रखने में मदद मिलेगी। यदि आप कई घंटों तक लैपटॉप पर काम करेंगे तब भी इस मुद्रा से दर्द कम होगा।
  • लगातार काम करने की बजाय छोटे-छोटे ब्रेक अवश्‍य लें, नियमित अन्तराल पर ब्रेक लेने से लगातार बैठने के अभ्यास पर ब्रेक लगेगा।
  • इसके अलावा य‍ह भी सलाह दी जाती है कि काफी मात्रा में पानी पियें। खाने के बाद एक छोटी वॉक पर जाइए, और और कुछ न हो तो ऑफिस में दूसरी तरफ बैठे अपने दोस्त के पास एक चक्कर जरूर लगा आइये।
  • नियमित व्यायाम और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कीजिए, शरीर को लचीला और अच्छी शारीरिक मुद्रा बनाये रखने के लिए योग और व्यायाम सबसे सही तरीके हैं। इससे तनाव भी कम होता है और यह शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है।

Dos and Don'ts for Back Pain

उपचार के समय क्‍या न करें

  • बैक पेन की शिकायत होने पर लगत मुद्रा में बिलकुल न बैठें, अपने बैठने व सोने की मुद्रा को ठीक करें। कुर्सी पर बैठते समय मेज की ऊंचाई का ध्यान रखें। गलत मुद्रा में बैठने से पीठ की मांसपेशियों में लचक आ जा सकती है।
  • लेट कर टीवी बिलकुल भी न देखें, लेटकर टीवी देखने से आपके शरीर का पोस्‍चर सही नहीं होता और पीठ का दर्द बढ़ सकता है।
  • बाईक और कार चलाते समय भी ध्‍यान रखें, लंबे समय तक बिलकुल भी गाड़ी न चलाएं और लांग ड्राइव पर जाने के बारे में सोचिये भी मत।
  • भारी सामान न उठायें, भारी सामान उठाने से पीठ की हड्डी में दर्द हो सकता है, इसलिए यदि आपको पीठ दर्द की शिकायत हो तो भारी सामान उठाने से परहेज करें।
  • झुकते समय अपने घुटनों को मोड़ें और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और वजन को शरीर के दोनों भागों में बराबर रखें।



पीठ में दर्द की वजह हो सकती है, लेकिन अधिक वजन को इसका प्रमुख कारण माना जाता है। गलत मुद्रा के कारण मांसपेशियों में खिंचाव, मोच व लचक आना, हड्डियों और डिस्क में विकृति आना भी इसका कारण है। रीढ़ की डिस्क क्षतिग्रस्त होने से यह दिक्‍कत और बढ़ जाती है। अधिक समस्‍या होने पर चिकित्‍सक से संपर्क कीजिए।

 

 

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