दूसरे ट्राइमेस्टर में मिसकैरेज के कारण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 05, 2012
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Quick Bites

  • स्वास्थय समस्याओं के कारण गर्भपात की संभावना हो सकती है।
  • किसी खास दवाओं के सेवन से भी गर्भपात हो सकता है।
  • भारी सामान उठाने या अचानक से उठने-बैठने से बचें।
  • गर्भावस्था में होने वाले संक्रमण भी गर्भपात का कारण हो सकते हैं।

किसी भी महिला के लिए गर्भपात या मिसकैरेज होना बहुत ही दुखद होता है वो भी जब गर्भपात दूसरे ट्राइमेस्टर में हो। इस समय तक महिलाएं आपने आने वाले बच्चे के लिए काफी सपने सजाने लगती हैं।

doosre trimester me miscarriage ke kaaran

पहली तिमाही में गर्भपात होना आम बात है लेकिन दूसरी तिमाही में गर्भपात होना सामान्य नहीं है। दूसरी तिमाही का अर्थ है 12 से 20 वें हफ्ते के बीच गर्भपात होना। गर्भपात होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे, स्मोकिंग, शराब पीना या फिर गर्भ निरोध दवाएं लेना आदि। अक्सर देखा गया है कि दूसरी तिमाही में गर्भपात, फाइब्रॉइड ( कैंसर रहित ट्यूमर) व गर्भनाल की समस्या से होता है। इसके अलावा गर्भपात की मुख्य वजह (80%) असामान्य क्रोमोसोम का होना भी है। जानें दूसरी तिमाही में गर्भपात के कारणों के बारे में-

स्वास्थ्य संबंधी समस्या

महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी समस्या गर्भपात की मुख्य वजहों में से एक है। डायबिटीज, उक्त रक्तचाप (हाईपरटेंशन), गुर्दे संबंधी समस्या, सीलिएक रोग (छोटी आंत कारोग) व थायरायड ग्रंथि के रोगों विकसित हो रहा भ्रूण प्रभावित  होता है जिससे गर्भपात हो सकता है।

 

संक्रमण

संक्रमण से दूसरी तिमाही में गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। टोक्सोप्लाज़मोसिज़ व वैजाइनल इंफेक्शन की वजह से गर्भपात होने का खतरा रहता है। इसके अलवा असुरक्षित यौन संबंध से होने वाले रोग जैसे एड्स, सिफिलिस (syphilis)आदि से भी गर्भपात हो सकता है।

 

दवाएं

गर्भावस्था में डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी तरह की दवाएं नहीं लेनी चाहिए क्योंकि उनसे गर्भपात हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक गर्भावस्था में  बिना जाने समझे दवाएं लेने से मिसकैरेज हो सकता है।

 

 

गर्भपात के अन्य कारण

  • गर्भावस्था में एल्कोहल व ड्रग्स लेना।
  • गर्भावस्था में धूम्रपान करना।
  • किसी खतरनाक केमिकल के संपंर्क में रहना।
  • गर्भावस्था में ज्यादा से ज्यादा कैफीन का प्रयोग।
  • गर्भावस्था में कोई भी शारीरिक आघात होना।
  • शरीर में फोलिक एसिड की कमी से भी गर्भपात हो सकता है।


गर्भपात से बचने के लिए जरूरी है इसके लक्षणों को जानना। आइए जानें क्या है गर्भपात के लक्षण।

  •  गर्भावती होने के बाद अगर रक्तस्राव होता है तो यह खतरनाक है।
  • पेट के‍ निचले हिस्से में दर्द होना।
  • टखनों में दर्द, पीरियड के संकेत होना बहुत ही आम लक्षण होते हैं।
  • सफेद और गुलाबी रंग का डिसचार्ज, वजन में गिरावट, ब्रेस्ट  का कड़ा होना, मतली आना आदि संकेतो से आसानी से पता चल सकता है कि मिसकैरेज होने वाला है।
  • भ्रूण की हार्टबीट और मूवमेंट में कमी आना भी मिसकैरेज का साफ और सीधा संकेत होता है।

 

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