दिल को बीमार कर रही है लाइफ-स्टाइल: वर्ल्ड हार्ट डे पर विशेष

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 28, 2012
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

dil ki bimari

लगातार बढ़ता काम का दबाव। हर महीने टारगेट पूरा करने का दबाव। भीड़ में टिके रहने की कवायद। और मुश्किल होते काम के हालात। इन सब बातें कॉरपोरेट कल्चर में आम हो चुकी हैं। लेकिन, इस आधुनिक जीवनशैली की भागदौड़ में सेहत कहीं पीछे छूटा मुद्दा हो गया है। और यह लापरवाही कहीं न कहीं जानलेवा साबित हो रही है।

हाल ही में हुआ एक सर्वे बताता है कि पर्याप्त शारीरिक व्यायाम न करना, खानपान की आदतों में कोताही बरतना जैसी आदतें कॉरपोरेट जगत में काम करने वाले कर्मचारियों की सेहत और खासकर उनके दिल को बीमार बना रही है। सर्वे में बताया गया है कि कॉरपोरेट में काम करने वाले सत्तर फीसदी से ज्यादा लोग हृदय रोगी बन रहे हैं।

 

इसे भी पढें- दिल का मामला है

दिल की बीमार होती सेहत के पीछे मोटापा सबसे बड़ी वजह है। एक और चौंकाने वाली बात जो इस सर्वे में सामने आई है वह यह कि दिन की शिफ्ट की अपेक्षा रात की पाली में काम करने वाले कर्मचारियों में यह खतरा 52 फीसदी अधिक होता है। 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे है और इसी मौके पर यह सर्वे जारी किया गया।

इस सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि रात में काम करने वाले कर्मचारी जंक फूड का सेवन अधिक करते हैं। इसके साथ ही कम नींद और व्यायाम की कमी उनकी सेहत को और अधिक खराब कर रही है। इसी के चलते उन्हें हाई-बीपी, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रोल और कई अन्य गंभीर बीमारियां हो जाती हैं।

इसे भी पढें- बादाम खाइए, हृदय रोग का खतरा घटाइए

 

सर्वे में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्‍नई, अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे सहित देश भर के 18 बड़े शहरों को शामिल किया गया। एक और जो महानगरीय जीवनशैली के दिल पर पड़ने वाले असर की ओर इशारा करती है वह यह कि दिल्ली के कर्मचारियों में हृदय रोग सबसे अधिक है। इसके बाद अन्य शहरों का नंबर आता है।

भारत में भी दिल के मरीजों की तदाद बढ़ती जा रही है। हार्ट अटैक से दुनिया भर में हर साल करीब 1.71 करोड़ लोग जान गंवा रहे हैं। हृदय रोग से मरने वालों में सबसे कम उम्र के सबसे ज्यादा लोग भारत में हैं।

हृदय रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और स्वयंसेवी संगठन वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन की पहल पर साल 2000 से हर साल विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है।

 

इसे भी पढें- हृदय रोगो के लक्षण दिल के मरीजों के लिए लाभदायक टीएएच


अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2012 में जहां 3.2 करोड़ लोग ही दिल की बीमारियों से ग्रस्त हैं, वहीं 2015 तक इनके मरीजों की तादाद दोगुनी हो जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 तक भारत में मौतों और विकलांगता का सबसे बड़ा कारण दिल के रोग होंगे। चिकित्सकों का कहना है कि धूम्रपान, मदिरा सेवन के साथ-साथ जंक फूड का सेवन करने के कारण युवाओं में हृदय रोग में वृद्धि हो रही है।

विशेषज्ञों की मानें तो दिल की बीमारी के रोगियों की संख्या दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है। दो दशक पहले तक 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को दिल की बीमारी होती थी, लेकिन अब 25 साल के जवान इस बीमारी से पीड़ित हैं।


हार्ट रोग विशेषज्ञ बताते हैं, हाई ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा अधिक रहता है। मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज नियमित रूप से अपनी जांच कराएं। खून में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित रखें और मोटापा बढ़ने नहीं दें।



इसे भी पढें- क्या हैं हार्ट अटैक के लक्षण

 

हृदय रोग के कारण-

अनियमित लाइफ स्टाइल।

जंक फूड।

मदिरा और धूम्रपान का सेवन।

मानसिक तनाव।

ब्लड प्रेशर और डायबिटीज।

अनुवांशिकता के कारण।

हृदय को कैसे रखें स्वस्थ-

नियमित व्यायाम करें।

तनावमुक्त रहें।

धूम्रपान, शराब व अन्य किसी नशे का सेवन नहीं करें। समय समय पर शारीरिक जांच कराएं।

बढ़ते वजन को नियत्रिंत रखें।

फल व हरी सब्जियों का सेवन करें।

Write a Review
Is it Helpful Article?YES11661 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर