दिल की सेहत के लिए घटाएं वजन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 19, 2012
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Quick Bites

  • शोध के अनुसार मोटो लोगों को हार्ट अटैक का खतरा अधिक।
  • यह न केवल बूढ़े बल्कि नौजवानों के लिए भी है खतरनाक।
  • कम वसायुक्‍त खायें, कॉफी और चाय की मात्रा कीजिए सीमित।
  • कम नमक खाइए और कम से कम 7 घंटे की नींद लीजिए।

Dil ki sehat ke liye vajan ghataye
दिल की सेहत के लिए घटाएं वजन 

दिल के मरीज वजन घटाकर दिल के दौरे के खतरे को कम कर सकते हैं। दिल के दौरे का खतरा अकसर मोटे लोगों में होता है। मोटे और टाइप-2 मधुमेह से पीडित लोग अब बडी आसानी से दिल के दौरे के खतरे को कम कर सकते हैं। मोटे और मधुमेह से ग्रस्त लोगों में दिल का दौरा ज्यादा पडता है। मधुमेह रोगियों और मोटे लोगों में दिल का दौरा पडने का खतरा 6 गुना ज्यादा होता है। जो लोग अपना वजन 6 किलो तक घटा लेते हैं उनमें दिल का दौरा पडने की गुंजाइश कम होती है। अनियमित दिनचर्या और खाद्य-पदार्थों में ज्यादा मात्रा में वसा का सेवन करने के कारण मोटापा बढता है और दिल की बीमारियां शुरू होती हैं। 

क्या कहते हैं अध्ययन – 

नए अध्ययन के अनुसार मोटे और मधुमेह टाइप-2 से पीडित लोग अगर अपना वजन 6 किग्रा तक घटाते हैं, तो उनकी धमनियों की कठोरता 20 प्रतिशत तक कम हो जाती है। मधुमेह से पीडित लोगों को दिल का दौरा पडने का खतरा छह गुना ज्यादा होता है। मधुमेह रोगियों में दिल का दौरा पडने से ज्यादातर हुई मौतों का कारण धमनियों की कठोरता है। क्योंकि, धमनी की कठोरता का सीधा संबंध सूजन और संक्रमण से होता है। इस अध्ययन में यह पता चला कि वजन घटाने से धमनी की कठोरता में कमी आती है। 


क्यों होती है दिल की बीमारी – 
केवल बूढे और मोटे लोगों को ही दिल का दौरा नहीं पडता , दिल का दौरा किसी को भी और किसी भी उम्र में पड सकता है। दरअसल, जीवनशैली और खान-पान दिल के दौरे का कारण बनता है। जंकफूड और तला हुआ खाद्य-पदार्थ खाने से दिल की बीमारी शुरू होती है। जो लोग अपने खाने में अत्यधिक वसा, नमक, अंडे और मांस खाते हैं, उनको दूसरों के मुकाबले दिल का दौरा बढने का खतरा 35 प्रतिशत ज्यादा होता है। ज्यादा वसायुक्त खाना खाने से मोटापा बढता है और मोटे लोगों को दिल का दौरा अधिक पड़ता है। धूम्रपान और तंबाकू का सेवन करने से भी दिल का दौरा पड़ता  है। 

दिल की बीमारी रोकने के कुछ उपाय - 
नियमित दिनचर्या और खान-पान में बदलाव करके दिल के दौरे की गुंजाइश कम की जा सकती है। साइकलिंग, वाकिंग, जिम, स्वीमिंग और योगा सुबह-शाम नियमित रूप से करने से रक्त  संचार अच्छे से होता है जो कि दिल को मजबूत करता है। 

खाने में कम वसायुक्त खाद्य-पदार्थों का सेवन कीजिए। 

नमक की मात्रा कम लीजिए। रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद लीजिए।

काफी और चाय की मात्रा को सीमित कीजिए। 

धूम्रपान और तंबाकू का सेवन मत कीजिए। 

ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की आदत डालिए। 



बेहतर और तंदरुस्त शरीर के लिए मजबूत दिल का होना बहुत जरूरी होता है। दिल अगर कमजोर होगा तो कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं। आप जब कोई उत्साहवर्धक काम करते हैं तब दिल की धडकन बढ जाती है। इसालिए दिल का मजबूत होना बहुत जरूरी है। अगर आपको दिल से संबंधित कोई समस्या है तो अपने चिकित्सक से संपर्क कीजिए। 

दिल के मरीज वजन घटाकर दिल के दौरे के खतरे को कम कर सकते हैं। दिल के दौरे का खतरा अकसर मोटे लोगों में होता है। मोटे और टाइप-2 मधुमेह से पीडित लोग अब बडी आसानी से दिल के दौरे के खतरे को कम कर सकते हैं।

Reduce Weight for Heart Healthमोटे और मधुमेह से ग्रस्त लोगों में दिल का दौरा ज्यादा पडता है। मधुमेह रोगियों और मोटे लोगों में दिल का दौरा पडने का खतरा 6 गुना ज्यादा होता है। जो लोग अपना वजन 6 किलो तक घटा लेते हैं उनमें दिल का दौरा पडने की गुंजाइश कम होती है। अनियमित दिनचर्या और खाद्य-पदार्थों में ज्यादा मात्रा में वसा का सेवन करने के कारण मोटापा बढता है और दिल की बीमारियां शुरू होती हैं। 

 

क्या कहते हैं अध्ययन

नए अध्ययन के अनुसार मोटे और मधुमेह टाइप-2 से पीडित लोग अगर अपना वजन 6 किग्रा तक घटाते हैं, तो उनकी धमनियों की कठोरता 20 प्रतिशत तक कम हो जाती है। मधुमेह से पीडित लोगों को दिल का दौरा पडने का खतरा छह गुना ज्यादा होता है। मधुमेह रोगियों में दिल का दौरा पडने से ज्यादातर हुई मौतों का कारण धमनियों की कठोरता है। क्योंकि, धमनी की कठोरता का सीधा संबंध सूजन और संक्रमण से होता है। इस अध्ययन में यह पता चला कि वजन घटाने से धमनी की कठोरता में कमी आती है। 

 

क्यों होती है दिल की बीमारी

केवल बूढे और मोटे लोगों को ही दिल का दौरा नहीं पडता , दिल का दौरा किसी को भी और किसी भी उम्र में पड सकता है। दरअसल, जीवनशैली और खान-पान दिल के दौरे का कारण बनता है। जंकफूड और तला हुआ खाद्य-पदार्थ खाने से दिल की बीमारी शुरू होती है। जो लोग अपने खाने में अत्यधिक वसा, नमक, अंडे और मांस खाते हैं, उनको दूसरों के मुकाबले दिल का दौरा बढने का खतरा 35 प्रतिशत ज्यादा होता है। ज्यादा वसायुक्त खाना खाने से मोटापा बढता है और मोटे लोगों को दिल का दौरा अधिक पड़ता है। धूम्रपान और तंबाकू का सेवन करने से भी दिल का दौरा पड़ता  है। 

 

दिल की बीमारी रोकने के कुछ उपाय

नियमित दिनचर्या और खान-पान में बदलाव करके दिल के दौरे की गुंजाइश कम की जा सकती है। साइकलिंग, वाकिंग, जिम, स्वीमिंग और योगा सुबह-शाम नियमित रूप से करने से रक्त  संचार अच्छे से होता है जो कि दिल को मजबूत करता है।

  • खाने में कम वसायुक्त खाद्य-पदार्थों का सेवन कीजिए।
  • नमक की मात्रा कम लीजिए। रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद लीजिए।
  • काफी और चाय की मात्रा को सीमित कीजिए।
  • धूम्रपान और तंबाकू का सेवन मत कीजिए।
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की आदत डालिए। 

 

 

बेहतर और तंदरुस्त शरीर के लिए मजबूत दिल का होना बहुत जरूरी होता है। दिल अगर कमजोर होगा तो कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं। आप जब कोई उत्साहवर्धक काम करते हैं तब दिल की धडकन बढ जाती है। इसालिए दिल का मजबूत होना बहुत जरूरी है। अगर आपको दिल से संबंधित कोई समस्या है तो अपने चिकित्सक से संपर्क कीजिए। 

 

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टिप्पणियाँ
  • Suman Kumari16 Jul 2013

    मोटापा तो कई बीमारियों की जड़ है। इसे कम करके हम सेहतमंद रह सकते हैं। आपने बहुत उपयोगी जानकारी दी है कि मोटापा दिल की बीमारियों का कारण हो सकता है। पहले माना जाता था कि मोटा व्‍यक्ति यानी खाते पीते घर का है। अब ऐसा नहीं है। अब तो मोटापा आलस्‍य की निशानी है और बीमारियों का घर।

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