पाचन क्रिया कैसे बना सकती है आपको बीमार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 21, 2014
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Quick Bites

  • पाचन क्रिया की समस्‍या है विश्‍वव्‍यापी।
  • पाचन क्रिया में गड़बड़ी से होती है कई शिकायतें।
  • तन और मन की सेहत के लिए जरूरी है अच्‍छी पाचन क्रिया।
  • आहार से पोषक तत्‍वों को अलग करने में मदद करती है पाचन क्रिया।

अगर आप मोटापे और पाचन क्रिया की परेशानी से जूझ रहे हैं तो इसके पीछे आपकी पाचन क्रिया जिम्‍मेदार हो सकती है। हो सकता है कि आप इसके बारे में अनजान हों। लेकिन, अधिक वजन और अन्‍य कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के तार कहीं न कहीं पाचन क्रिया से जाकर जुड़ते हैं।

अगर आप पाचन संबंधी समस्‍याओं से पीडि़त हैं या रहे हैं, तो आप इस तकलीफ को समझ सकते हैं। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, ब्‍लोटिंग, कब्‍ज, डायरिया, सीने में जलन, रिफ्लैक्‍स, गैस और अन्‍य कई समस्‍याओं की जड़ में पाचन क्रिया का असंतुलन ही होता है। हालांकि आप अकेले इस समस्‍या से पीडि़त हों, ऐसा नहीं है, दुनिया भर में करोड़ों लोग पाचन क्रिया की गड़बड़ी के शिकार हैं। अमेरिका में सबसे ज्‍यादा बिकने वाली पांच दवाओं में से दो पाचन संबंधी समस्‍याओं की ही होती हैं।

digestive system in hindi

लेकिन, समस्‍या केवल इतनी ही हो, ऐसा भी नहीं है। कई बार मरीज तो मरीज यहां तक कि डॉक्‍टर भी इस बात से अनजान रहते हैं कि पाचन क्रिया में गड़बड़ी आपके शरीर पर किस प्रकार असर डालती है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि खराब पाचन क्रिया के कारण एलर्जी, अर्थराइटिस, ऑटोइम्‍यून डिजीज, रेशेज, एक्‍ने, थकान, मूड डिस्‍ऑर्डर, ऑटिज्‍म, डिमेंशिया, कैंसर और अन्‍य कई बीमारियां भी हो सकती हैं।

तो अगर आपका हाजमा ठीक है तो आप कई स्‍वास्‍थ्‍यगत समस्‍याओं से बचे रह सकते हैं। सीने में जलन और बदहजमी तो पाचन क्रिया से जुड़ी सामान्‍य तकलीफ हैं। आपको यह समझने की जरूरत है कि स्‍वस्‍थ पाचन क्रिया ही वास्‍तव में स्‍वस्‍थ शरीर का आधार है। यह आपके शरीर से पूरी तरह जुड़ी हुई है।

आखिर क्‍यों जरूरी है अच्‍छी पाचन क्रिया

आपका पाचन तंत्र ही इस बात का निर्धारण करता है कि आखिर अपने भोजन से आप कौन से पोषक तत्‍व प्राप्‍त करते हैं और कौन से विषैले तत्‍वों को शरीर से बाहर निकाल पाते हैं। यानी हमारे संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य का नियंत्रण कहीं न कहीं हमारी पाचन क्रिया पर निर्भर करता है।

आंत्र स्‍वास्‍थ्‍य में सही पाचन, सही अवशोषण और भोजन का सही प्रकार से विखंडन शामिल होता है। लेकिन, यह एक बड़ा महत्‍वपूर्ण काम है जो कई अन्‍य कारकों पर भी निर्भर करता है। आइये जानें वे कौन से कारक हैं-

पाचन क्रिया में बैक्‍टीरिया

हमारे पेट में बैक्‍टीरिया की पांच सौ प्रजातियां मौजूद होती हैं, जो भोजन को पचाने में मदद करती हैं। इसके साथ ही ये बैक्‍टीरिया हार्मोंस को संतुलित रखने, टॉक्‍सिन को बाहर निकालने तथा विटामिन व अन्‍य हीलिंग तत्‍वों के निर्माण में भी सहायक होती हैं, इससे आपकी पाचन क्रिया और शरीर स्‍वस्‍थ रहता है। अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जरूरी है कि यह पारिस्थितिक तंत्र भी संतुलन में रहे।

digestive system in hindi


बैड बैक्‍टीरिया

अगर आपके शरीर में पैरासाइट्स या यीस्‍ट जैसे बुरे बैक्‍टीरिया का स्‍तर बढ़ जाये या फिर लैक्‍टोबासिलस अथवा बिफिडोबैक्‍टीरिया जैसे अच्‍छे बैक्‍टीरिया कम हो जाएं तो आपकी सेहत बिगड़ सकती है। तो सही पाचन क्रिया और अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बैक्‍टीरिया का सही संतुलन बेहद जरूरी होता है।

 

कैसे होती है सुरक्षा

क्‍या आपको गट इम्‍यून सिस्‍टम के बारे में जानकारी है। आपका पूरे शरीर और इम्‍यून सिस्‍टम को टॉक्सिक तत्‍वों से बचाने के लिए केवल एक मोटी लेयर मौजूद होती है। अगर इस परत को बिछा दिया जाए तो यह एक टेनिस कोर्ट के बराबर होती है। और यह पूरा सिस्‍टम एक पोषक नाले से कवर होता है।

अगर किसी वजह से यह सुरक्षा कवच हट जाए तो आप उस भोजन से भी एलर्जिक हो सकते हैं, जो सामान्‍य तौर पर आप आसानी से पचा सकते हैं।  इससे आप बीमार हो सकते हैं। इसके साथ ही आपका इम्‍यून सिस्‍टम भी अतिसक्रिय होकर आपके शरीर को ही नुकसान पहुंचाने लगता है। और अच्‍छे व बुरे तत्‍वों को अलग रखना भी सेहत के लिए जरूरी है।


दूसरा दिमाग

क्‍या आप इस बात से वाकिफ हैं कि आपके पाचन तंत्र में एक दूसरा मस्तिष्‍क होता है। इस मस्तिष्‍क में आपके सिर में स्थित मस्तिष्‍क से अधिक न्‍यूरोट्रांसमीटर होते हैं। दरअसल, आपके पाचन तंत्र में अपना अलग मस्तिष्‍क होता है जिसे 'इंटेरनिक नर्वस सिस्‍टम कहा जाता है। यह नाजुक तंत्र बड़े ही पेचीदा तरीके से आपके मस्तिष्‍क से संवाद करता है। दोनों मस्तिष्‍कों के बीच लगातार संदेशों का आवागमन होता रहता है और अगर किसी वजह से इसमें कोई गड़बड़ी आ जाए तो आपकी सेहत बिगड़ सकती है।

digestive problem balance

टॉक्सिक से दूरी

हमारा लिवर मेटाबॉलिज्‍म के बायप्रोडक्‍ट के रूप में कई विषैले तत्‍वों को पित्‍त में छोड़ देता है। और अगर यह चीज उलटा असर दिखाये तो आप कब्‍ज के शिकार हो सकते हैं, और कब्‍ज के कारण आपके शरीर में विषैले तत्‍व बढ़ जाते हैं।

सब पोषक तत्‍व जरूरी

और अंत में अच्‍छा पाचन तंत्र वही है जिसमें भोजन से सभी जरूरी पोषक तत्‍व हासिल किये जा सकें। यह पाचन तंत्र विटामिन और मिनरल को अलग कर सके और उन्‍हें उस मोटी कोशिकीय परत के इर्द-गिर्द फैला सके ताकि वहां से यह रक्‍तप्रवाह में शामिल होकर शरीर और मस्तिष्‍क को पोषण दे सके।


अपनी पाचन क्रिया को संतुलित करने के लिए इसके खराब होने की वजह तलाशनी जरूरी है।

  • अगर आपके भोजन में फाइबर की मात्रा कम है और शर्करा की मात्रा अधिक तो आपको पाचन संबंधी समस्‍यायें हो सकती हैं। पोषक तत्‍वों की कमी और उच्‍च कैलोरी युक्‍त आहार के कारण आपके शरीर में बुरे बैक्‍टीरिया का स्‍तर बढ़ सकता है जिससे आंत्रों का पारिस्थितिक तंत्र बिगड़ सकता है।
  • अगर आप ऐसी दवाओं का अधिक उपयोग करते हैं जो सामान्‍य पाचन तंत्र में बाधक बन सकती हैं, तो  यह अच्‍छा नहीं है। एस्प्रिन और प्रिलोसेक आदि दवाओं का अधिक सेवन पाचन तंत्र को बिगाड़ सकता है।
  • पारा और मोल्‍ड टॉक्सिन के स्‍तर में इजाफा आपकी पाचन क्रिया को बिगाड़ सकता है।
  • तनाव के कारण भी आपका नर्वस सिस्‍टम बिगड़ सकता है, इससे पाचन क्रिया खराब हो सकती है और साथ ही आंत में बैक्‍टीरिया का संतुलन बिगड़ सकता है।

 

Image Courtesy- Getty Images

 

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