हार्टबर्न और जीईआरडी में क्‍या है अंतर

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 16, 2014
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Quick Bites

  • जीईआरडी और हार्टबर्न में है अंतर।
  • हार्टबर्न का दिल की कार्यप्रणाली से संबंध नहीं।
  • जीईआरडी का लंबे समय तक बने रहना खतरनाक।
  • समस्‍या बढ़ने पर फौरन करें डॉक्‍टर से संपर्क।

आमतौर पर 'हार्टबर्न' और 'जीईआरडी' को अकसर एक दूसरे के विकल्‍प के तौर पर इस्‍तेमाल किया जाता है। लेकिन, वास्‍तव में ये दोनों अलग हैं। इनकी गंभीरता और र्इलाज भी एक दूसरे से मुख्‍‍तलिफ है।

हार्ट बर्न

हार्ट बर्न भोजन के बाद सीने में होने वाला हल्‍का और मद्धम दर्द है। इसमें सीने में जलन और अकड़न होती है। लेटने या झुकने से यह समस्‍या और बढ़ जाती है। असल में देखा जाए तो इसे हार्ट बर्न कहना वास्‍तव में संशय उत्‍पन्‍न करता है। हकीकत में इस दर्द का दिल से कोई लेना-देना नहीं होता। हार्ट बर्न वास्‍तव में पाचन क्रिया खासतौर पर भोजन नली में होने वाली समस्‍या होती है।

पेट और भोजन नली के बीच एक वृत्‍ताकार मांसपेशी होती है, जिसे लोअर एसोफेगल स्फिन्‍क्‍टर (LES) कहा जाता है। जब भोजन पेट में जाता है, तो यही मांसपेशी भोजन नली को बंद करने का काम करती है। अगर यह मांसपेशी कमजोर हो जाए या फिर यह सही प्रकार बंद न हो पाये, तो पेट में मौजूद अम्‍ल भोजन नली में प्रवेश कर जाता है। यही एसिड सीने में जलन पैदा करता है। कई बार लोग गलती से इस दर्द को हार्ट अटैक से जोड़कर देखने लगते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि हमारी भोजन नली और घेंघे की परत पेट की लाइनिंग की तुलना में कमजोर होती है।

heartburn in hindi

 

हार्ट बर्न काफी सामान्‍य समस्‍या है। अधिकतर लोगों को अपने जीवन में कभी न कभी इसका सामना करना ही पड़ता है। आमतौर पर भोजन के बाद अथवा रात को सोते समय यह समस्‍या अधिक होती है। अगर आप नियमित रूप से इससे परेशान होते हैं, तो आपको जरूरी दवा लेनी चाहिये।

इसके अलावा जीवनशैली में बदलाव कर भी हार्टबर्न की समस्‍या से बचा जा सकता है। अपने आहार में अम्‍लीय और तेज मसालेदार खाद्य पदार्थ शामिल न करें। हार्टबर्न किसी भी उम्र में हो सकता है। गर्भवती महिलाओं में यह सामान्‍य रूप से देखा जाता है।

जीईआरडी

जीईआरडी अथवा गैस्‍ट्रोइनटेस्‍टिनल रिफ्लक्‍स, अपेक्षाकृत अधिक गंभीर बीमारी है। हार्टबर्न की तरह जीईआरडी भी पाचन क्रिया से जुड़ी समस्‍या है। इसमें भी LES के कार्यक्षमता में कमी के कारण पेट से भोजन नली में फ्लो बैक होता है। हार्टबर्न से अलग, यह समस्‍या अधिक सामान्‍य है। आमतौर पर यह सप्‍ताह में दो तीन बार हो जाती है। लेकिन, एंटीएसिड और अन्‍य किसी दवा से यह दूर भी नहीं होती।

जीईआरडी के लक्षण :

  • सीने में जलन
  • ऐसा लगता है कि पेट में भरा भोजन पलटकर गले या मुंह तक आ गया है।
  • सीने में दर्द
  • सूखी खांसी
  • अस्‍थमा की तरह अहसास होना
  • भोजन निगलने में परेशान होना


जीईआरडी रोजमर्रा के जीवन को अव्‍यवस्थित करने की हद तक परेशानी उत्‍पन्‍न कर सकता है। इस समस्‍या के हल के लिए अधिक स्‍ट्रॉन्‍ग दवायें और जीवनशैली में व्‍यापक स्‍तर के बदलावों की जरूरत पड़ती है। इसके लिए जरूरी है कि आप अतिरिक्‍त वजन से निजात पायें। धूम्रपान न करें और साथ ही सक्रिय जीवनशैली अपनायें। इस बीमारी के ईलाज के लिए मिलने वाली अधिकतर दवायें पेट में एसिड बनने की मात्रा को कम कर देती हैं। कई बार LES को मजबूत करने के लिए सर्जरी करने की जरूरत भी पड़ सकती है।

heartburn in hindi

अगर जीईआरडी का ईलाज न किया जाए तो पेट से निकलने वाला एसिड भोजन नली की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे रक्‍तस्राव, अल्‍सर और जख्‍म भी हो सकता है, जिसके कारण कई बार भोजन निगलने में भी परेशानी हो सकती है। समय के साथ-साथ यह एसिड भोजन नली की कोशिकाओं में भी परिवर्तन कर देता है। इससे बैरेट एसोफेगस भी कहा जाता है। और अगर इस समस्‍या को यूं ही छोड़ दिया जाए तो यह आगे चलकर भोजन नली के कैंसर का रूप भी ले सकती है।

हार्टबर्न और जीईआरडी के अंतर को समझना जरूरी है। इसके बिना सही ईलाज संभव नहीं। अगर आपको सप्‍ताह में दो से अधिक बार हार्टबर्न हो और सामान्‍य दवाओं से यह दूर न हो, तो बेहतर है कि आप किसी डॉक्‍टर से संपर्क कर लें। अगर आपको सांस लेने में परेशानी हो या फिर छाती में दर्द के साथ-साथ बाजुओं अथवा जबड़े में भी दर्द हो, तो फौरन नजदीकी चिकित्‍सा केंद्र से संपर्क करें। यह हृदय संबधी समस्‍या हो सकती है।

 

Image Courtesy- Getty Images

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