हाई और लो ब्‍लड प्रेशर में क्‍या खाएं और क्‍या न खाएं, जानें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 17, 2018
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Quick Bites

  • सेहतमंद रहने के लिए रक्‍तचाप सामान्य रहना बहुत जरूरी है।
  • ज्‍यादातर लोग हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या से ग्रस्‍त हैं।
  • उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या में धमनियों में रक्‍त का दबाव बढ़ जाता है।

हाई ब्‍लड प्रेशर आधुनिक जीवनशैली में आम स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या बन गई है। सेहतमंद रहने के लिए रक्‍तचाप सामान्य रहना बहुत जरूरी है। ज्‍यादातर लोग हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या से ग्रस्‍त हैं। उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या में धमनियों में रक्‍त का दबाव बढ़ जाता है। दबाव की इस वृद्धि के कारण धमनियों में रक्‍त प्रवाह सुचारू बनाये रखने के लिये दिल को अधिक काम करने की आवश्यकता पड़ती है। जो कि स्‍वास्‍थ्‍य के लिए सही नहीं है। वहीं जब किसी के शरीर में रक्त-प्रवाह सामान्य से कम हो जाता है तो उसे निम्न रक्तचाप या लो ब्लड प्रेशर कहते है। सामान्‍य ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। थोड़ा बहुत ऊपर-नीचे होने से कोई फर्क नही पड़ता। लेकिन, यदि ब्‍लड प्रेशर 90 से कम हो जाए तो उसे लो ब्लड प्रेशर कहते हैं। इस तरह की समस्‍याओं को अनदेखा न करें, इसमें तुरंत डॉक्‍टर की सलाह लें। अक्सर लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते।

जबकि लो ब्लड प्रेशर में शरीर में ब्लड का दबाव कम होने से आवश्यक अंगों तक पूरा ब्लड नही पहुंच पाता जिससे उनके कार्यो में बाधा पहुंचती है। ऐसे में दिल, किडनी, फेफड़े और दिमाग आंशिक रूप से या पूरी तरह से काम करना भी बंद कर सकते हैं। अगर आप हाई या लो ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या से परेशान हैं तो आप अपने डाइट के माध्‍यम से इसमें सुधार कर सकते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे आहार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके माध्‍यम से आप अपना ब्‍लड प्रेशर लेवल सामान्‍य रख सकते हैं।

1: जब ब्‍लड प्रेशर हो हाई

सफेद सेम

सफेद सेम का एक कप 13 प्रतिशत कैल्शियम 30 प्रतिशत मैग्नीशियम और 24 पोटेशियम प्रदान करता है। आप इन्हें कई प्रकार जैसे सब्जी बनाकर, सूप के रूप में या सलाद में खा सकते हैं। एसिटाइलकोलाइन के उत्पादन के लिए विटामिन बी 1 महत्वपूर्ण है जो एक न्यूरोट्रांसमीटर है जो तंत्रिकाओं से मांसपेशियों तक संदेश पहुंचाता है। दिल इन संकेतों पर निर्भर करता है। ऊर्जा का समुचित उपयोग तंत्रिकाओं और मांसपेशियों के बीच संकेत प्रदान करने में मदद करता है। अध्ययनों से पता चलता है कि सेम में मौजूद विटामिन बी 1 दिल की बीमारी का सामना करने में मदद और दिल की विफलता का भी इलाज करता है।

कद्दू के बीज

कद्दू का बीजों में जिंक प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो तनाव को कम करने में मदद करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। गौरतलब है कि यदि शरीर में जिंक की कमी हो तो आप डिप्रेशन और चिड़चिडेपन के शिकार हो सकते हैं।

पोटेशियम खाएं

पोटेशियम एक ऐसा खनिज होता है जो रक्तचाप कम करने में मददगार है। पोटेशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों में सेम व मटर, गिरियां, पालक, बंदगोभी जैसी सब्जियां, केला, पपीता व खजूर आदि प्रमुखता से शामिल होते हैं।

किशमिश

अमेरिकन कॉलेज आफ कार्डियोलॉजी कांफ्रेंस में पेश एक अध्ययन में बताया गया कि दिन में तीन बार मुट्ठी भर किशमिश खाने से बढ़े रक्तचाप में कमी होती है। इस शोध के पहले परीक्षण में 46 लोगों को शामिल किया गया, जिनका रक्तचाप सामान्य से कुछ अधिक था और जिन्हें उच्च रक्तचाप होने का खतरा भी था। इन लोगों का रक्तचाप 120-80 से 139-89 मापा गया, जो सामान्य से कुछ ज्यादा था। इन लोगों ने जब आहार में नियमित रूप से किशमिश को शामिल किया तो इनके रक्तचाप में 12 हफ्ते में कमी दर्ज हुई और रक्तचाप सामान्य हो गया।

सोयाबीन

एक और अध्ययन के मुताबिक सोयाबीन को अपने आहार में नियमित रूप से शामिल करने से भी रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है। 18 से 30 वर्ष की आयु के 5100 श्वेत और अफ्रीकी अमेरिकी लोगों पर किए अध्ययन के अनुसार प्रतिदिन सोयाबीन, पनीर, मूंगफली और ग्रीन टी को अपने भोजन में शामिल करने वाले लोगों के रक्तचाप में कमी दर्ज की गई।

दही

दही में प्रोटीन, कैल्‍शियम, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी 6 और विटामिन बी 12 काफी मात्रा में होते हैं, जो कि उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या को कम करते हैं और शरीर को कई प्रकार को लाभकारी अवयव मिलते हैं। दही में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह हड्डियों के विकास में सहायक होता है। साथ ही, दांतों और नाखूनों को भी मजबूत बनाता है। इससे मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में मदद मिलती है।

कीवी फ्रूट

एक कीवीफ्रूट में 2 प्रतिशत कैल्शियम, 7 प्रतिशत मैग्नीशियम और 9 प्रतिशत पोटेशियम होता है। इसका नियमित सेवन करने से आपको उच्च रक्तचाप की समस्या से निजात मिल सकती है। अनुसंधान में पाया गया है कि मधुमेह के कारण पैर अल्सर के उपचार में कीवी बहुत लाभदायक है। अनुसंधान में यह देखा गया कि कीवी में मौजूद प्राकृतिक यौगिकों ने घाव भरने की प्रक्रिया में सुधार किया और घाव संक्रमण की शुरुआत में देरी हुई। इसके अलावा किवी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम है जो मधुमेह रोगियों के लिए लाभदायक होता है। कीवी डायबिटीज मैलिटस वाले व्यक्तियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है और आसानी से उपलब्ध भी है।

अंडा

अंडे में विटामिन, मिनरल और कई अन्य पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं, जो एंडोर्फिन नामक एक रसायन का उत्‍पाद करते है। यह रसायन हमारे दिमाग में भी पाया जाता है। जो अवसाद व दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। अंडे को कई प्रकार, उबाल कर, सब्जी बनाकर या कच्चा भी खाया जा सकता है।

2: लो ब्‍लड प्रेशर में खाएं लें ये आहार

हरी पत्तेदार सब्जियां

पत्तेदार सब्जियों में आयरन प्रचुर मात्रा में होता है,  साथ ही इनमें में प्रोटीन और विटामिन होते हैं। जो एक महत्वपूर्ण खनिज पदार्थ है। ब्लड प्रेशर के कम हो जाने पर ये उसे सामान्य बनाने में महत्वपूर्ण होती हैं। बल्डप्रेशर को सामान्य बनाये रखने के लिए परोज हरी सब्जियां खानी चाहिये।

मौसमी फल

ऐसे फल खाएं जिनमें प्रोटीन प्रचुर मात्रा में हो। आप मौसम के हिसाब से भी फल चुन सकते हैं या सदाबहार फलों को भी खा सकते हैं। फलों का नियमित सेवन ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बहुत अच्छा होता है।

गहरे रंग के खाद्य पदार्थ

काले अंगूर, काले खजूर व आलू बुखारा आदि में आयरन प्रचुर मात्रा में होता है। इन सभी का सेवन लो ब्लडप्रेशर को समान्य बनाने में काफी मददगार साबित होता है। इन्हें आहार में शामिल करने से ब्लड प्रेशर तो सामान्य होता ही है साथ ही ये हृदय को भी स्वस्थ रहते हैं। आप चॉकलेट का सेवन भी कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: इन कारणों से युवाओं में बढ़ रही है हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या, जानें लक्षण और उपचार

ड्राई फ्रूट्स

नट्स आपकी ऊर्जा और प्रतिरोधन क्षमता दोनों को बढ़ाते हैं। साथ ही इनके सेवन से ब्लड प्रेशर भी नियमित बना रहता है, इसलिये अपने दैनिक आहार में इन्हें अवश्य शामिल करें।

लो फैट मीट

ऐसे मांस का सेवन करें जिसमें चर्बी कम से कम मात्रा में ही हो। जिन लोगों को लो ब्लडप्रेशर की समस्या होती है उनके लिए टर्की और मछली जैसे मांस उपयोगी होते हैं। यह लो ब्लड प्रेशर के लिए सर्वोत्तम आहार माने जाते हैं।

साबुत अनाज

लो ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाने के लिए साबुत अनाज का सेवन करें। इनमें फाइबर काफी मात्रा में होता है और ये स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे होते हैं। इन्हें नियमित आहार में अवश्य शामिल करना चाहिए।

लहसुन

लहसुन को अपने आहार में शामिल करें। यह ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाने में सहायक होता है। अपने भोजन में कटी हुई लहसुन डालें। यह लो ब्लड प्रेशर के लिए एक अच्छा खाद्य पदार्थ है।

चुकंदर

चुकंदर अर्थात बीटरूट में भी आयरन प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है। अच्छे स्वास्थ्य तथा सामान्य ब्लड प्रेशर के लिए यह एक लाभदायक आहार होता है। लो ब्लड प्रशर की समस्या से बचने के लिये इसका भी सेवन करें।

फल व सब्जियों का जूस

सब्जियों व खट्टे फलों के जूस का सेवन करें। इनमें चाहें तो शहद भी मिलाया जा सकता है। ब्लड प्रेशर लो होने की स्थिति में इन दूस का सेवन लाभदायक होता है।

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