डायपर से हो गए हैं बच्चे को रैशेज, तो इन 5 उपायों से पाएं छुटकारा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 26, 2018
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Quick Bites

  • बच्चों का जब रैशेज होते हैं तो वो अपने साथ लालीपन भी लाते हैं।
  • हर 2 से 3 घंटे बाद बच्चे को डायपर बदल दें।
  • डायपर पहनने से बड़ों की तरह ही रैशेज की समस्या हो जाती है।

छोटे बच्चे कभी भी पेशाब कर अपने कपड़े गीले कर देते हैं। बच्चे बीमार न पड़े और उनकी सुरक्षा के लिहाज से बच्चों को डायपर पहनाएं जाते हैं। ताकि बार बार उनके कपड़े बदलने न पड़ें। लेकिन छोटे बच्‍चों की त्‍वचा इतनी कोमल होती है कि उस पर किसी भी चीज से जल्‍दी इंफेक्‍शन हो जाता है। अक्सर देखा जाता है कि बच्चों को डायपर पहनने से बड़ों की तरह ही रैशेज की समस्या हो जाती है। बच्चों का जब रैशेज होते हैं तो वो अपने साथ लालीपन, दर्द और सूजन भी साथ लाते हैं, जिससे बच्चे को बहुत परेशानी होती है। आज हम आपको कुछ ऐसी घरेलू और आसान टिप्स बता रहे हैं जिनके प्रयोग से आप इस समस्या से आसानी से निजात पा सकते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वो नुस्खे।

बेकिंग सोडा के फायदे

डायपर से हुए बच्चों को रैशेज से छुटकारा दिलाने में बेकिंग सोडा बहुत कारगार है। बैकिंग सोडे के इस्तेमाल से भी डायपर रैशेज की प्रॉबल्म दूर हो सकती है। इस मिश्रण को बनाने के लिए आप 2 चम्मच बैकिंग सोडे को गुनगुने पानी में मिलाएं और बच्चे के रैशेज वाली जगह पर लगा दें। आप देखेंगे कि बच्चे के रैशेज सही होने के साथ ही लालपन और जलन भी दूर हो गए हैं। 

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एलोवेरा करता है कमाल

बच्चों में रैशेज और जलन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए एलोवेरा बहुत अच्छा विकल्प है। इसका सबसे अच्छा फायदा यह है कि ये बहुत जल्दी अपना असर दिखाता है। एलोवेरा जैल को बच्चे की डायपर वाली जगह पर लगाएं। इससे रैशेज से होने वाली जलन दूर होती है। आप चाहें तो इसके लिए डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं।

नारियल तेल है फायदेमंद

नारियल तेल के इतने लाभ है कि अगर आप गिनेंगे तो शायद आप थक जाएं लेकिन इसके फायदे खत्म नहीं होंगे। बच्चों को भी यह नारियल तेल बहुत फायदा करता है। जब डायपर से बच्चों को रैशेज हो जाएं तो उस जगह पर नारियल का तेल लगाने से बहुत आराम मिलता है। साथ ही लालीपन और जलन भी दूर होती है।

टी ट्री तेल 

ये तेल भी बहुत प्रभावशाली माना जाता है। यह तेल ना सिर्फ बड़ों की बल्कि बच्चों की भी स्किन से जुड़ी हर समस्या को दूर करता है। टी ट्री ऑयल में थोड़ा सा पानी मिलाकर बच्चें की रैशेज वाली स्किन पर लगाएं। इससे बच्चे को काफी आराम मिलता है। इसके अलावा आप पैट्रोलियम जैली का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हल्के हाथों से बच्चे के रैशेज पर पैट्रोलियम जैली लगाएं। इससे दर्द और रैशेज की प्रॉबल्म गायब हो जाएगी। 

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डायपर पहनाते वक्त इन गलतियों से बचें

 

  • नवजात को साफ कॉटन या रूई और गर्म पानी से नमी वाले भाग को अच्छी तरह से साफ करें और पानी को पूरी तरह से सूखने दीजिए।
  • उसके बाद नवजात के दोनों पैर ऊपर करें और एक हाथ से उसके गंदे डायपर को बाहर निकालें।
  • डायपर पहनाते समय इसे पास ही रखें लेकिन बच्चे की पहुंच से दूर हो।
  • नवजात की सफाई करते वक्त यह ध्यान रखें कि उसका सिर आगे से पीछे की तरफ हो।
  • डायपर बदलते समय बच्चे का ध्यान दूसरी बातों में लगाने की कोशिश करें।
  • डायपर बदलते समय हमेशा अपना एक हाथ नवजात के पेट पर रखें।
  • डाइपर को शरीर पर थोड़ा ढीला कर बांधें, ताकि उसकी त्वचा पर निशान न बनें।
  • गंदा डायपर निकालने के बाद नवजात को कम से कम 10 मिनट तक वैसे ही रहने दीजिए, जिससे उसका शरीर पूरी तरह से सूख जाए।
  • जब आप बच्चे का डायपर बदल रहे हो तो उसे खेलने के लिए खिलौने दें।

 

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