उच्च कोलेस्ट्रोल का पूर्वानुमान व निदान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 19, 2013
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Quick Bites

  • गुड और बैड दो प्रकार का होता है कोलेस्‍ट्रॉल।
  • उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल से बढ़ जाता है हृदय रोग का खतरा।
  • आहार और व्‍यायाम के जरिये किया जा सकता है नियंत्रित।
  • कई प्रकार से की जा सकती है कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर की जांच।

 

high कोलेस्‍ट्रॉल हमारे शरीर के लिए जरूरी होता है। लेकिन, हमें इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए कि यह किस प्रकार का कोलेस्‍ट्रॉल है। कोलेस्‍ट्रॉल का अधिक स्‍तर हमारे शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे दूर रहने के‍ लिए सही समय पर इसका निदान किया जाना जरूरी होता है।

उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल क्‍या होता है

कोलेस्‍ट्रॉल एक प्रकार की वसा होती है। यह रक्‍त में समाहित होता है। आपकी रक्‍त कोशिकाओं को कोलेस्‍ट्रॉल की जरूरत होती है। और आपका शरीर इसका निर्माण भी करता है। लेकिन, आहार के माध्‍यम से भी हमारे शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल का निर्माण होता है।

अगर आप बहुत अधिक कोलेस्‍ट्रॉल का सेवन करें, तो यह आपकी धमनियों में जमने लगता है। धमनियां उन रक्‍तवाहिनियों को कहते हैं जो हृदय से रक्‍त लेकर जाती हैं। इससे धमनियां सख्‍त हो जाती हैं। हालांकि, आमतौर पर यह प्रक्रिया काफी धीमी चलती है। लेकिन, जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है आपके लिए यह समस्‍या और बढ़ती जाती है।


अगर आप इस पूरी प्रक्रिया को अच्‍छी तरह समझना चाहते हैं, तो‍ किचन सिंक की पाइप के बारे में विचार कीजिये। जैसे पाइप में ग्रीस धीरे-धीरे उसे संकरा कर देती है उसी तरह कोलेस्‍ट्रॉल भी हमारी रक्‍तवाहिनियों का मार्ग बाधित कर देता है। इससे उन धमनियों से रक्‍त प्रवाह सुचारू रूप से नहीं हो पाता। इससे, हृदय सहित शरीर के अन्‍य अंगों, अवयवों और कोशिकाओं को पर्याप्‍त मात्रा में रक्‍त नहीं मिल पाता। इससे कई गम्‍भीर समस्‍यायें हो सकती हैं, जिनमें हृदयाघात और स्‍ट्रोक भी शामिल हैं।

रक्‍त में कितना कोलेस्‍ट्रोल है सही

अगर आपके रक्‍त में कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा 240 से अधिक है, तो आप उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल के शिकार हैं। ऐसे में आपको अपनी दिनचर्या और आहार में बदलाव करने की जरूरत है। आप अपनी सेहत के प्रति गम्‍भीर खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं। वहीं अगर यह स्‍तर 200 से 239 के बीच है, तो आप खतरे के बेहद करीब हैं, अब भी संभल जाइये। व्‍यायाम कीजिये और वसायुक्‍त आहारों का सेवन कम करें। सबसे अच्‍छा तो यही है कि आपके रक्‍त में कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर 200 से कम ही हो। इसके लिए सक्रिय जीवनशैली अपनाने की जरूरत होती है। साथ ही अपने आहार व्‍यवहार पर भी पूरा ध्‍यान देने की जरूरत होती है। अगर किसी व्‍यक्ति का हृदय रोगों का पारिवारिक इतिहास हो, तो उसे और अधिक संभल कर रहना चाहिये।

कैसे होता है उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल का निदान


क्‍या आप वाकई उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल के शिकार हैं, इस बात की जांच करने के लिए सबसे पहले आपको रक्‍त जांच करवानी होगी। इसके‍ लिए कई प्रकार के टेस्‍ट होते हैं। 


आपका डॉक्‍टर आपसे यह भी पूछ सकता है कि क्‍या आपके परिवार में से किसी को हृदय रोग, उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल अथवा मधुमेह की शिकायत हुई है अथवा है। डॉक्‍टर यह भी जानना चाहेगा कि आखिर आप किस प्रकार का आहार लेते हैं। क्‍या आप धूम्रपान करते हैं। अधिक पुष्टि के लिए डॉक्‍टर आपके रक्‍तचाप की भी जांच करेगा।

खाली पेट जांच

कोलेस्‍ट्रॉल की खाली पेट जांच करना सबसे सही रहता है। इसे सम्‍पूर्ण जांच माना जाता है। इसमें गुड कोलेस्‍ट्रॉल, बेड कोलेस्‍ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच की जाती है। यह टेस्‍ट कराने से 9 से 12 घंटे पहले तक कुछ नहीं खा सकते।


बैड कोलेस्‍ट्रॉल जांच

इसमें सीधे तौर पर एलडीएल यानी बैड कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर की जांच की जाती है। इस जांच में केवल इस बात का पताल लगाया जाता है कि कहीं आपके रक्‍त में बैड कोलेस्‍ट्रॉल खतरे के ऊपर या करीब तो नहीं है। यह जांच किसी भी समय करवायी जा सकती है। इसके लिए खाली पेट होना जरूरी नहीं है। अगर आपने अभी भोजन अथवा स्‍नैक्‍स खाया हो, तो भी आप इसकी जांच करवा सकते हैं।


सामान्‍य कोलेस्‍ट्रॉल जांच

इस जांच के जरिये सम्‍पूर्ण कोलेस्‍ट्रॉल और एचडीएल यानी गुड कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर देखा जाता है। आप जांच से पहले भोजन कर सकते हैं। कई बार डॉक्‍टर इस जांच को सबसे पहले करते हैं।


कोलेस्‍ट्रोल दो प्रकार का होता है गुड और बैड। एक कोलेस्‍ट्रॉल हमारे शारीरिक संरचना और क्रिया-प्रणाली के लिए बेहद जरूरी होता है और दूसरा हमें कई रोग दे सकता है। हमें अपने शरीर को सही प्रकार से चलाने के लिए गुड कोलेस्‍ट्रॉल की जरूरत होती है। इसके‍ लिए सही आहार और जीवनशैली अपनाने चाहिये

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