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आयुर्वेद
हर त्यौहार के अपने रीति रिवाज़ हैं, जिन्हें निभाने का अपना मज़ा है। गर्भावस्था के समय आपको आधिक आराम की आवश्यकता होती है, ऐसे में आप व्रत-पूजा तो कर ही सकते हैं। अगर आप गर्भवती हैं और डायबिटिक भी हैं, तो आपको खास ख्याल रखने की ज़रूरत है।
डायबिटिक्स होना और गर्भवती होना दोनों ही स्थितियों में अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता होती है। हर एक घंटे पर कुछ खायें और खाली पेट बिलकुल ना रहें। लेकिन ऐसे आहार लें जिनसे शरीर में ग्लूककोज़ का स्त र या एसिडिटी ना बढ़े ।
फिट रहने के टिप्स:
व्यायाम:
प्रतिदिन थोड़ा बहुत हल्का व्यायाम करें। व्रत रखने का अर्थ यह नहीं है कि आप पूरा दिन आराम करें। पूजा-अर्चना के साथ ही व्यायाम के लिए भी समय निकालें, जिससे आपके शरीर में इन्सुलिन का स्तर ठीक रहे।
आहार :
सुबह नाश्ता ज़रूर करें और पानी खूब पीयें। आप लौकी का रायता, सेब, केले, पपीते जैसे फल, कद्दू की सब्ज़ी या फलों के जूस का सेवन कर सकते हैं।
जांच:
स्वस्थ, आहार के सेवन का अर्थ यह नहीं है कि आप स्वस्थ हैं। डायबिटीज़ या गर्भावस्था दोनों ही स्थि तियों में चिकित्सक से मिलते रहें। डायबिटिक्स ग्लूकोज़मीटर के प्रयोग से घर बैठे ही रक्त जांच कर सकते हैं।
दवा:
कुछ लोग व्रत में दवा नहीं लेते। अगर आप डायबिटिक हैं या गर्भवती हैं, तो अपनी दवाएं लेते रहें। दवाएं ना लेने से आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ध्यान रखें यह समय स्वयं की देखभाल करने का है। आपका आहार ही आपका स्वास्थ्य निर्धारित करता है इसलिए अपने आहार पर ध्यान दें। आहार के साथ में व्यायाम भी बहुत महत्विपूर्ण है। अगर आपको व्यायाम करना कठिन लग रहा है, तो आप टहल भी सकती हैं।

