डायबिटीज रोगियों को इस तरह नुकसान पहुंचा रहा है बढ़ता प्रदूषण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 14, 2017
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Quick Bites

  • इस रोग के अधिकतर होने की संभावना मोटे लोगों को होती है।
  • भोजन में ज्यादा मात्रा में मीठे का सेवन ना करें।
  • लाइफस्टाइल में बदलाव भी है जरूरी।

डायबिटीज या मधुमेह को अगर हम चलती फिरती मौत कहें तो कुछ नहीं होगा। ये एक ऐसा रोग जिसकी चपेट में आने के बाद व्यक्ति का इसकी चंगुल से निकल पाना लगभग नामुमकिन ही होता है। क्योंकि यह लाइफस्टाइल से संबंधित रोग है। इसलिए अपने लाइफस्टाइल में सुधार कर डायबिटीज को मात दी जा सकती है। इसे कंट्रोल करने के लिए नियमित दिनचर्या और पोषणयुक्‍त आहार की जरूरत होती है। डायबिटीज होने का कारण असंयमित खानपान, मानसिक तनाव, मोटापा, व्यायाम आदि की कमी होना है। 

आजकल जिस तरह प्रदूषण बढ़ रहा है यह डायबिटीज के रोगियों के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। जी हां, डायबिटीज रोग में वायु प्रदूषण व रासायनिक प्रदूषण पीड़ित को काफी प्रभावित करती हैं। पिछले दिनों हुए एक शोध में भी इस बात पर मुहर लगी है। 13 यूरोपीय देशों के तीन लाख लोगों के बीच कराये गये अध्ययन में साफ हुआ है कि वायु प्रदूषण पांच माइक्रो ग्राम प्रति वर्ग मीटर बढ़ने पर मृत्युदर सात फीसद तक बढ़ जाती है। जिसके चलते वायु प्रदूषण 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर बढ़ने पर डायबिटीज के रोगियों की दिक्कते बढ़ने लगती हैं।

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क्यों होता है ऐसा

जब हवा में काफी प्रदूषण होता है तो सांस लेने पर कई छोटे कण सांस के माध्यम से मानव शरीर में घुस जाते हैं। जिसके चलते धमनी के अंदर की लेयर की कार्यप्रणाली धीरे धीरे खराब होने लगती है। ऐसे में वहां से ऐसे पदार्थ निकलते हैं जिनके खून के जमने की संभावना रहती है। बहुत बारीक कण नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) को प्रभावित करते हैं जिसका असर सीधे तौर पर सांस लेने पर पड़ता है। 

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ऐसे करें खुद का बचाव

  • डायबिटीज के रोगी को अपने खाने के समय का ध्‍यान रखना चाहिए। ताजे और संतुलित आहार लेने के साथ ही भोजन का एक नियमित समय भी होना चाहिए।
  • डायबिटीज से बचने के लिए नियमित एक्‍सरसाइज करें। इससे शरीर में इन्‍सुलिन की सही मात्रा बनी रहती है। डॉक्टर की सलाह पर आप अपने लिए एक्‍सरसाइज प्‍लान कर सकते हैं। 
  • डायबिटीज होने पर चिकित्‍सक द्वारा बतायी गई दवाओं का सही समय पर सेवन करें। किसी समस्‍या के होने पर अपने डॉक्‍टर से परामर्श करें। 
  • बीमार होने पर आपको डायबिटीज की दवाओं का सेवन बंद नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही कोशिश करें कि आपकी खाने की दिनचर्या में कोई बदलाव न हो। लेकिन दवा बंद करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • डायबिटीज के रोगी को अल्‍कोहल का सेवन कम से कम करना चाहिए। अल्‍कोहल के सेवन से शरीर में ब्‍लड शुगर लेवल कम हो जाता है। डायबिटीज में अल्‍कोहल से आंखों संबंधी परेशानी होने का खतरा भी रहता है।
  • यदि आप तनाव में हैं तो इससे आपकी दिनचर्या पर असर पड़ेगा। तनाव से आपके ब्‍लड शुगर लेवल पर भी असर पड़ सकता है। तनाव से छुटकारा पाने के लिए मेडिटेशन आदि का सहारा लें।

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