डायबिटीज रोगियों की देखभाल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 22, 2013
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diabetes rogiyo ki dekhbahal

डायबिटीज रोगियों को अपने खानपान पर बेहद ध्यान रखना पड़ता है। खानपान को लेकर बरती गयी जरा सी लापरवाही उन्हें बहुत भारी पड़ सकती है। डायबिटीज यूं तो एक सामान्य रोग है, लेकिन इसके बेहद खतरनाक दुष्प्रभाव होते हैं। डायबिटीज के मरीजों को चाहिए कि वे अपने डॉक्टर की दी हुई सलाह का पालन जरूर करें। समय पर दवाएं लें और अपने खानपान पर नियंत्रण रखें। इसके साथ उन्हें संयमित जीवनशैली भी अपनानी चाहिए।

डायबिटीज पर नियत्रंण रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • आहार-योजना के मुताबिक खानपान करना चाहिए।
  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहें।
  • नियमित रूप से दवाएं लें।
  • समय-समय पर  जरूरी जांच करवानी चाहिए।   
  • रक्त शुगर का नियमित रिकार्ड रखें।


डॉक्टरों के मुताबिक डायबिटीज के रोगियों को अपना ब्लड-शुगर लेवल सामान्य रखने की कोशिश करनी चाहिए। ब्लड शुगर का लेवल जितना सामान्य के करीब होगा आप उतना ही ज्यादा गंभीर रोगों से बचे रहेंगे।

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आहार पर दें ध्यान
डायबिटिक व्यक्ति को प्रोटीन की अधिक मात्रा का सेवन करना चाहिए। दूध, दही, पनीर, अण्‍डा, मछली, सोयाबीन आदि का सेवन करना चाहिए। इंसुलिन ले रहे डायबिटिक व्यक्ति एवं गोलियां ले रहे डायबिटिक व्यक्ति को खाना सही समय पर लेना चाहिए। तले हुए पदार्थ, मिठाइयां, बेकरी पदार्थों से दूर ही रहें तो बेहतर। डबल टोन्ड अथवा स्किम्ड मिल्क का इस्तेममाल आपके लिए अच्छा रहेगा।

व्यायाम को महत्व दें
शारीरिक रूप से सक्रिय रहकर आप कई संभावित खतरों से बचे रह सकते हैं। इससे आपका वजन तो नियंत्रित रहता ही है, साथ ही ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है। जॉगिंग, मार्निंग वॉक,  डासिंग, एरोबिक्स या रस्सी कूदना, आदि जैसे व्यायाम आपको फिट रहने में मदद करते हैं। घर की सफाई या बागवानी जैसे कामों से भी आप स्वियं को मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताजा रख सकते हैं।

 

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दवाएं समय पर लें
ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप दवाओं के सेवन में कोई कोताही न बरतें। डॉक्टर आपको तीन प्रकार की दवाएं सुझा सकता है। गोलियां, इंसुलिन और अन्य इंजेक्शन द्वारा दी जाने वाली दवाइयां। टाइप -2  डायबिटीज वाले ज्यादातर रोगी वांछित ब्लड शुगर लेवल पाने के लिए गोलियों की मदद लेते हैं। दवाइयों की मात्रा स्वयं कम ज्यादा न करें। यह काम डॉक्टर का है और उसे ही करने दें। कभी भी स्वेच्छा से गोलियां लेना बन्द न करे। कभी कभी वे व्यक्ति जो  डायबिटीज में गोलियों का सेवन करते हैं उनको इंसुलिन लेने की जरूरत पड़ती है।

जरूरी जांच करवाएं  

कीटोन्स के लिए जांच

अगर आपको बुखार है या आपका ब्लड ग्लूकोज 240 से ऊपर है तो आपको कीटोन्स के लिए रक्त या मूत्र की जांच करवानी चाहिए। कीटोन्स तब बनते है जब ऊर्जा के लिए आपका शरीर ग्लुकोज की बजाय चर्बी का इस्तमाल करता है । कीटोन्स आपको ज्यादा बीमार कर देते है। अगर आपके शरीर में कीटोन्स है तो आपको कीटोसाइडोसिस नामक गम्भीर स्थिति का खतरा हो जाता है। किटोसाइडोसिस उन व्यक्तियो में पनपता है जिन्हें प्रकार 1 का मधुमेह है।


हीमोग्लोबिन A1C परीक्षण

ब्लड ग्लूकोज का पता लगाने के लिए हीमोग्लोबिन A1C अथवा HbA1C  जांच है। इससे यह पता चल जाता है कि पिछले 2 से 3 माह में आपका औसत ब्लड ग्लूकोज क्या था। यह जांच साल में कम से कम 2 बार अवश्य करवानी चाहिए। जांच में परिणाम 7 से नीचे होने से स्पष्ट होता है कि आपका उपचार सही चल रहा है और ब्लड ग्लूकोज नियंत्रित है। अगर आपके A1C का स्तर ज्यादा है तो ब्लड ग्लूकोज बहुत ज्यादा हो सकता है। इस वजह से आपके मधुमेह से होने वाले खतरे जैसे किडनी खराब होने का अंदेशा रहता है इस स्थति में आपका भोजन, शारीरिक क्रियाशीलता एवं मधुमेह की दवा में बदलाव की जरूरत होती है।

 

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