डायबिटीज़ के 8 प्रमुख लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 10, 2015
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Quick Bites

  • खराब खान-पान और दिनचर्या डायबिटीज के प्रमुख कारण हैं।
  • इसमें कई बार खाने के तुरंत बाद फिर से भूख लग जाती है।
  • वज़न जरूरत से ज्यादा कम हो जाना भी है डायबिटीज का लक्षण।
  • अपना वजन नियंत्रण में रख कर इस समस्या से बच सकते हैं।

शरीर में हार्मोंस के असंतुलन के कारण डायबिटीज होती है। शरीर में ऊर्जा का स्रोत शुगर होता है। और जब शुगर स्टार्च को ऊर्जा में परिवर्तित करने  वाले इंसुलिन की मात्रा शरीर में कम हो जाती है तो डायबिटीज के लक्षण शुरू दिखने शुरू हो जाते हैं। शरीर में शर्करा का स्तर बढ़ने से आंखें और  किडनी पर भी प्रभाव पड़ता है। अक्सर देखा जाता है कि कई लोगों में यह बीमारी शुरु हो जाती है, और उन्हें पता ही नहीं चलता। अगर आप समय  पर ही इसे पहचान लें तो इस बीमारी पर काबू पाने में आसानी होगी। इसलिए मधुमेह का पता लगाने के लिए यह जरूरी है कि आप इसके लक्षणों को जाने।

तेज भूख- प्यास लगना

मधुमेह के शुरूआती लक्षणों में अक्सर आपको ज़ोरों की भूख लगती है। कई बार खाने के तुरंत बाद फिर से भूख लग जाती है। इस तरह की भूख  असामान्य है और यह मधुमेह का सबसे बड़ा लक्षण है।इस बीमारी की शुरूआत में व्यक्ति को बहुत प्या‍स लगती है। बार-बार पानी पीने का दिल  करता है, और प्यास नहीं बुझती। ऐसे में अक्सवर लोग समझ ही नहीं पाते कि उनकी बीमारी की शुरुआत अब हो चुकी है।

थकान महसूस होना

मधुमेह के शुरुआती दौर में सारे दिन थकान महसूस होती है। सुबह उठते ही आपको शरीर में थकान सी महसूस होगी और ऐसा लगेगा कि आपकी नींद पूरी नहीं हुई है। ऐसा तब होता है जब खून में शुगर का लेवल लगातार बढ़ रहा होता है।शुरूआती लक्षणों में इस बीमारी में व्यक्ति को बार-बार  पेशाब लगती है। अक्सर लोग इस चक्र को हल्के में ले लेते हैं और समझ ही नहीं पाते कि उनको मधुमेह हो गया है।

वजन घटना व घाव ना भरना

मधुमेह होने पर आंखों पर काफी बुरा असर पड़ता है, जिसमें रोगी को धुंधला दिखाई पड़ने लगता है, और किसी भी वस्तु को देखने के लिए उसे अपने आंखों पर अधिक ज़ोर डालना पड़ता है।मधुमेह के शुरूआती लक्षणों में आपका वज़न जरूरत से ज्यादा कम हो जाता है। यह वज़न अचानक और अपने आप ही कम होता है।अगर आपके शरीर में चोट या कहीं घाव लग जाती है, तो यह जल्दी  से नहीं ठीक नहीं होती। चाहे कोई छोटा सी खरोंच ही क्यों ना हो, वह धीरे-धीरे बडे़ घाव में बदल जाता है, और उसमें संक्रमण के लक्षण साफ-साफ दिखाई देने लगते हैं।

तबियत खराब रहना

शरीर में किसी भी तरह का संक्रमण होने पर यह जल्दी से ठीक नहीं होता। यानी की अगर आपको वायरल, खॉसी-जुखाम या कोई भी बैक्टी्रियल  इंफेक्श न हो गया हो तो आपको राहत नहीं मिलेगी। कान का संक्रमण जो आमतौर पर खुद ही ठीक हो जाता है, उसमें भी आपको एंटीबायोटिक दवाएं लेनी पड़ेगी। मधुमेह की बीमारी आनुवंशिक होती है। इसलिए अगर आपके परिवार में पहले किसी सदस्य को मधुमेह रहा होगा या किसी सदस्य को  मधुमेह है। तो आप में मधुमेह होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में आपको सावधान रहना चाहिए।


इसके अलावा डायबिटीज से बचने के लिए अपना वजन नियंत्रण में रखें, रोजाना एक्सरसाइज व योगा करें, तनाव व चिंता से दूर रहें, धूम्रपान न करें,  नियमित शुगर लेवल की जांच कराएं, हेल्दी डाइट लें, फल, सब्जियों का सेवन करें तथा ज्यादा देर तक भूखे न रहें और मीठे से परहेज करें।

 

Image Source-Getty

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