डायबिटीज की दवा से प्रभावित हो सकता है थायराइड

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 03, 2015
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • मधुमेह की दवा मेटफॉरमिन से शरीर को नुकसान।  
  • मेटफॉरमिन के सेवन से हो सकता है थाइराइड।
  • इससे लीवर में शुगर का उत्‍पादन कम होता है।
  • इससे प्रयोग से दिल की बीमारी भी हो सकती है।

मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो एक बार हो जाये तो जिंदगी भर जाती नहीं है, इस बीमारी में सबसे बड़ी समस्‍या देखरेख और खानपान की है। क्‍योंकि इसके लिए प्रयोग की जाने वाली दवाओं में भी अगर अनियिमतता बरती जाये तो इसके कारण दूसरी बीमारियां भी होने लगती हैं। इस लेख में विस्‍तार से जानिये डायबिटीज की दवा थॉयराइड के लिए कैसे होती है जिम्‍मेदार।

शोध के अनुसार

एक नए शोध के अनुसार सामान्यतया मधुमेह के इलाज में उपयोग आने वाली दवा मेटफॉरमिन अंडरएक्टिव थॉयराइड सहित टीएसएच के निम्न स्तर के लिए खतरा हो सकती है। शोधकर्ताओं ने निम्न टीएसएच स्तर के मरीजों को सावधान करते हुए कहा कि इससे हृ्दय रोग या हड्डियों के टूटने की समस्या हो सकती है। यद्पि इस शोध में इसके कारण और प्रभाव शामिल नहीं है।

सीएमएजे की 22 सितंबर की रिर्पोट के अनुसार इस शोध में सामान्य थायराइड समूह के 322 की तुलना में अंडरएक्टिव थॉइराइड (हाइपोथॉइराडिज्म) में 495 टीएसएच का निम्न स्तर पाया गया। इनमें से जो मरीज मधुमेह के लिए सुलफोनिलुयरा दवाई लेने वालों की तुलना मे मेटफॉरमिन लेने वाले मरीजों मे टीएसएच का निम्न स्तर का खतरा 55 फीसदी ज्यादा है।

 

Diabeteas

 

 

 

इस प्रेस रिलीज में, मॉन्ट्रेल के मैकगिल विश्वविद्यालय के कैंसर विभाग के डॉ. लॉरेंट एजुओले ने बताया कि, "इस लंबवत शोध में इस बात की पुष्टि की है कि मेटाफॉरमिन का उपयोग करने वाले हाइपोथॉइराडिज्म के मरीजों में टीएसएच का निम्न स्तर का खतरा ज्यादा होता है। एजुओले का कहना है," मेटफॉरमिन लेनें वाले मरीजों में टीएसएच के निम्न स्तर को उच्च देखते हुए, ऐसा कहा जा कहता है कि भविष्य की शोध में इसके प्रभावों के क्लीनिकल परिणामों को पता लगाने में मदद मिलेगी।

दूसरे शोध में भी यह हुआ प्रमाणित

दो विशेषज्ञ इस बात से सहमति रखते हैं। न्यूयार्क शहर के मांउट सिनाई बेथ इजराइल के फ्राइडमैन डायबिटीज इंस्टीट्यूट के निर्देशक डॉ. गिर्लाड बर्नस्टेन के कहा," इस शोध में सवाल इस प्रकार है: क्या निम्न टीएसएच का कोई क्लीनिकल महत्व है?"

इसके जवाब में बर्नस्टेन ने कहा, "लाखों लोग जिन्हें टाइप2 डाइबटीज है और लाखों लोग जिन्हें निम्न थॉइराइड है और वो थॉइराइड की दवा लेते है। और दोनों दवाई लेने वाले कई लाखों लोगों को दिया जिनमें थॉयराइड का निदान नहीं हुआ था। इसके अलावा, इस शोध में खून में शामिल होने वाले दो तरह के थॉयराइड की कोई माप नहीं की गई है। जिससे शायद ये जानने में मदद हो कि टीएसएच का स्तर क्यों निम्न हो जाता है।

Diabeteas

 

मेटफॉरमिन का प्रयोग खून में शुगर की मात्रा को कम करने के लिए किया जाता है। ये लिवर में शुगर के उत्पादन को कम करता है। टीएसएच पर इस दवा के प्रभाव को जानने के लिए शोधकर्ताओं में 25 साल तक मेटाफॉरमिन और मधुमेह की एक अन्य दवा सुलफोनिलुयरा लेनें वाले 74000 लोगों का परीक्षण किया है|

इसलिए अगर आप डायबिटीज जैसी बीमारी से पीडि़त हैं तो इसके उपचार के लिए किसी प्रकार की दवा का सेवन करने से पहले विशेषज्ञों से सलाह जरूर लीजिए।

ImageCourtesy@GettyImages

Read more Article on Diabeteas In Hindi

 

Write a Review Feedback
Is it Helpful Article?YES16 Votes 1780 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर