अवसादग्रस्‍त मरीजों की आवाज में आता है बदलाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 04, 2014
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depression in hindi नाराज या दुखी लोगों के बोलने का अंदाज अलग होता है और अब इसी बात को आधार बनाकर चिकित्‍सक ने अवसादग्रस्‍त मरीजों की पहचान करनी शुरू कर दी है।


शोध में यह बात सामने आयी थी कि जब अवसाद की स्थिति गंभीर हो जाती है उस समय वोकल कोड अधिक गंभीर और कठोर हो जाता है। इससे आवाज की लय में बदलाव आ जाता है।


शोधकर्ताओं को उम्‍मीद है कि इस बात के सामने आने से डॉक्‍टर और मनोचिकित्‍सकों को उन लोगों का इलाज करने में मदद मिलेगी जो दुखी महसूस कर रहे हैं या फिर जो खुश होने का दावा तो करते हैं, लेकिन वास्‍तव में वे अवसाद से ग्रस्‍त होते हैं।


शोधकर्ता जल्‍द ही एक मोबाइल एप्‍लीकेश बनाने की तैयारी भी कर रहे हैं जो मरीज की आवाज के पैटर्न को कॉपी कर सकती है। इससे डिप्रेशन के दौरान उसकी आवाज की जांच भी की जा सकेगी।


मैरीलैंड युनिवर्सिटी के ध्‍वनि विज्ञानी डॉक्‍टर केरोल एस्‍पी-विल्‍सन का कहना है कि यह तकनीक उन किशोरों और युवाओं के लिए काफी मददगार होगी जो वास्‍तव में अवसाद से ग्रस्‍त हैं, और उन्‍हें चिकित्‍सीय सहायता की सही मायनों में जरूरत है।


उनका कहना है कि ऐसे किशोरों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं होता, और ऐसे समय में उन्‍हें अवसाद होने का खतरा सबसे ज्‍यादा होता है। ऐसे बच्‍चों को सही समय पर सही सलाह और मदद दिये जाने की बहुत जरूरत होती है।

 

Image Courtesy- Getty Images

 

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