दिल के लिए दांतों का रखे खयाल यह बात सुनने में अटपटी लग सकती है कि दांतों से दिल का भी गहरा रिश्ता है, लेकिन अब तक किए गए शोधों से यह प्रमाणित हो चुका है कि दांतों में होने वाली कोई भी तकलीफ दिल की बीमारी का संकेत हो सकती है। 111 अपने दिल को बीमारियों से बचाने के लिए हम तमाम तरह की कोशिशें करते हैं। रोज सुबह उठकर एक्सरसाइज, योग, वॉकिंग-जॉगिंग, खाने में घी-तेल का कम से कम इस्तेमाल, हरी सब्जियों का सेवन आदि। लेकिन यह बात बहुत कम लोगों को मालूम है कि अगर दांतों की सही देखभाल की जाए तो इस समस्या से बहुत आसानी से बचा जा सकता है।
क्या है वजह
दरअसल शरीर के किसी भी हिस्से में लंबे समय तक इन्फेक्शन हो तो वह हमारे दिल को भी नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन दांतों का दिल की बीमारियों से गहरा रिश्ता इसलिए भी होता है क्योंकि दांत हमारे शरीर का वह हिस्सा है, जिसका खाने से निरंतर संपर्क रहता है और इस वजह से यहां इन्फेक्शन की आशंका सबसे अधिक होती है। हाल ही में किए गए शोध से यह प्रमाणित हो चुका है कि अगर मसूडे में बैक्टीरिया की वजह से जिंजिवाइटिस का इन्फेक्शन हो जाए तो इससे बैक्टीरिया खून के जरिये दिल तक पहुंच जाता है। यह दिल की नसों को नुकसान पहुंचाता है और इससे हार्टअटैक का खतरा बढ जाता है। इन्फेक्शन की वजह से दांतों में कुछ ऐसे हानिकारक तत्व बनते हैं, जो ब्लड के जरिये हार्ट तक पहुंचकर उसे नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार इससे हार्ट के वॉल्व या आर्टरीज की दीवारों पर ब्लड क्लॉट की समस्या भी हो जाती है।
कैसे करें बचाव
- सबसे पहले बचपन की वही पुरानी सीख हमेशा याद रखें कि रोजाना सुबह और रात को सोने पहले अच्छी तरह ब्रश करना चाहिए। ह्नऐसे ताजे फल जिन्हें चबाने में दांतों को थोडी मेहनत करती पडती है, जैसे-गाजर, मूली, चुकंदर और सेब का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें। इससे मसूडों की एक्सरसाइज होती हैं और दांत मजबूत होते हैं।
- अपने खानपान में हाईकार्ब फूड जैसे-चॉकलेट्स और मिठाइयों की मात्रा कम करें। ऐसी चीजें बहुत तेजी से नुकसानदेह बैक्टीरिया को जन्म देती हैं, जो दांतों में कैविटी बनाती है। अगर कभी ऐसी चीजें खाते भी हैं तो इसके बाद दांतों को साफ करना न भूलें।
- अगर दांतों में कैविटी हो तो उसे नजरअंदाज न करें। आगे चलकर यह हार्ट के भीतरी हिस्से को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
- अगर आपको पहले से हार्ट की कोई भी समस्या हो तो साल में नियमित रूप से दो बार डेंटल चेकअप जरूर करवाएं। साथ ही अपने डेंटिस्ट को हार्ट की समस्या के बारे में बताना न भूलें। अगर दांतों में किसी तरह का इन्फेक्शन हो तो उसे दिल तक पहुंचने से रोकना बहुत जरूरी होता है और इसके लिए डेंटिस्ट मरीज को खास तरह की एंटीबायोक्टिस देते हैं। अगर दांत में दर्द हो तो बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर खाने से बचें, यह दांतों और दिल दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
- एक टूथब्रश का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा दो महीने तक ही करें। इसके बाद उसे बदल दें। साथ ही अपने लिए ऐसे डेंटल क्लिनिक का चुनाव करें, जहां स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता हो क्योंकि
- कई बार डेंटल इक्विप्मेंट की वजह से भी दांतों में इन्फेक्शन हो जाता है।
(एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर दिल्ली, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. अतुल माथुर से बातचीत पर आधारित)

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