नमक की मात्रा घटाइये, दिल को स्‍वस्‍थ बनाइये

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 04, 2014
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Quick Bites

  • नमक का ज्यादा सेवन हृदय के लिए खतरा हो सकता है।
  • खाने में नमक की मात्रा का संतुलन जरूरी है।
  • नमक की जगह कुछ खास मसालों का प्रयोग करें।
  • शारिरीक गतिविधि बढ़ा कर नमक के असर को कम कर सकते हैं।

नमक के बिना न खाने का मजा है और ही जीने का। वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो नमक सोडियम और क्लोराइड के संयोजन से बनता है। दिल को सेहतमंद रखने के लिए अकसर डॉक्‍टर नमक की मात्रा घटाने की ही सलाह देते हैं। बेशक नमक भोजन का अहम हिस्‍सा है, लेकिन इसकी अधिकता दिल के लिए बेहद नुकसानदेह होती है।

हमारे यहां लगभग हर खाने में नमक का प्रयोग होता ही है। और आश्चर्य की बात है कि लोग इस बात से अनजान होते हैं कि हमारे शरीर को नमक की कितनी जरूरत है। वो तो बस स्वाद के अनुसार खाने में नमक डालते हैं। यूं तो हम सभी को खाने में नमक की जरूरत होती है। नमक से रक्तचाप को सामान्य, कोशिकाओं को स्वस्थ रखा जा सकता है। एक और जिसे हम अकसर अनदेखा कर देते हैं वह यह कि नमक हमें कई स्रोतों से मिलता है।
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क्या कहते हैं शोध

न्यू इंग्लैण्ड जर्नल ऑफ मेडिसिन (एनईजेएम) के अनुसार विश्‍व में औसतन प्रतिदिन 3.95 ग्राम ‌नमक का उपयोग किया जाता है, जबकि विश्व स्वास्‍थ्य संगठन द्वारा निर्धारित नमक के प्रयोग की मानक मात्रा सिर्फ 2 ग्राम है। कुछ दिनों पहले अकेले भारत में हुए एक शोध में इंडियन काउंसिल आफ मेडिसिन रिसर्च ने पाया कि शहरी भारत में प्रति दिन 7.6 ग्राम नमक प्रयोग किया जाता है जो कि पूरे व‌िश्‍व के मानकों से कहीं ज्यादा है।

सोडियम या नमक को ज्यादा मात्रा में खाने में प्रयोग किया जाना हृदय रोग और दौरा पड़ने जैसी जानलेवा बीमारियों का अहम कारण है। हर चार में से एक युवा उच्च रक्त चाप का शिकार है। भारत मे प्रत्येक हृदय रोग का कारण खाने में प्रयोग किये जाने वाला नमक है।
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कैसे कम करें नमक की मात्रा

ज्यादा नमक यानी हाइपरटेंशन और कम नमक यानी हाइपोनेट्रिमिया। पूरी तरह नमक कम कर देना कतई सही नहीं है। इससे कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है। सोडियम व पोटैशियम दिमाग चलाने के लिए जरूरी हैं। लिवर की समस्या और हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में 2 ग्राम से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। यहां यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि नमक के अलावा गेहूं और सब्जियों से भी शरीर को सोडियम मिलता है। इसके अलावा डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों और फ्रोजन फूड में प्रिजर्वेटिव के तौर पर नमक व चीनी की अधिक मात्रा इस्तेमाल की जाती है। बेहतर होगा कि खाने में नमक की मात्रा धीरे-धीरे कम करें, ताकि स्वाद से तालमेल बनाने में आसानी रहे।

  • अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के 2011 के साइंटिफिक सेशन में खोजकर्ताओं ने बताया कि शारीरिक तौर पर क्रियाशील रह कर अधिक नमक वाले आहार के प्रभाव को कम किया जा सकता है। ब्लड प्रेशर को रोकने का यह बेहतरीन तरीका है।
  • अपनी डाइट में ताजे खाद्य पदार्थों व ताजे फल व सब्जियों को शामिल करें।
  • लो सोडियम पदार्थों का सेवन करें
  • खाना पकाने के बाद या सिर्फ खाने से पहले डालें। इस तरह से कम नमक ही पर्याप्त होगा क्योंकि भोजन में नमक के अन्दर जाने का समय कम होगा।
  • जंक फूड का सेवन कम करें। जंक फूड में सोडियम की मात्रा काफी अधिक होती है। लेकिन, इस तथ्‍य को हम नजरअंदाज कर देते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप जंक फूड का सेवन न करें।
  • खाने में अगर कम नमक से तालमेल बिठाने में परेशानी हो तो सूखे मसाले जैसे दालचीनी, इलायची आदि का प्रयोग करें।

 

इन जानकारियों की मदद से आप खाने में नमक की मात्रा को संतुलित कर हृदय की समस्याओं से बच सकते हैं।

 

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