स्‍टैटिन से कीजिए इरेक्‍टाइल डिस्‍फंक्‍शन का उपचार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 12, 2014
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Quick Bites

  • इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन एक प्रकार की यौन समस्‍या है।
  • इसकी वजह से व्‍यक्ति अवसाद ग्रस्‍त हो सकता है।
  • स्‍टैटिन के प्रयोग से इसका उपचार कर सकते हैं।
  • इसके प्रयोग से बैड कोलेस्‍ट्रॉल नियंत्रित करते हैं।

इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन यानी स्‍तंभन दोष एक प्रकार की यौन समस्‍या है और इसके कारण आपकी सेक्‍स लाइफ बदतर हो सकती है। अगर इस बीमारी का उपचार न किया जाये तो संबंध भी टूट सकते हैं। यह तनाव और अवसाद का भी कारण बन सकता है। क्‍योंकि इस कारण बेडरूम में घुसने के साथ ही आप तनावग्रस्‍त हो जाते हैं, क्‍योंकि आपकी लाख कोशिशों के बावजूद भी आप अपने पार्टनर को यौन सुख नहीं दे सकते है। स्‍टैटिन (यह कई प्रकार की दवाओं का समूह है) के जरिये इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन का उपचार किया जा सकता है।

Erectile Dysfunction in Hindi
क्‍या है इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन

संतोषजनक यौन संबंध बनाने के लिए लगातार पर्याप्त इरेक्शन न होने की स्थिति को ही इरेक्‍टाइल डिस्फंक्शन कहा जाता है। इसके कुछ प्रमुख कारण हैं, जैसे पेनिस में रक्त का कम प्रवाह, नर्व क्षतिग्रस्‍त होना, तनाव, मधुमेह, कार्डियोवस्‍कुलर बीमारियां, ड्रग्स या हार्मोन डिसॉर्डर आदि। इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन से ग्रस्‍त होने के बाद आप अपने पार्टनर को खुश नहीं रख सकते और इसके कारण आपकी सेक्‍स लाइफ लगभग समाप्‍त ही हो जाती है। हालांकि इस सेक्‍स समस्‍या का उपचार किया जा सकता है।

स्‍टैटिन क्‍या है

स्‍टैटिन कई प्रकार की दवायें होती हैं जिनकी खोज बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने के लिए किया गया था। लेकिन वर्तमान में इसका प्रयोग सेक्‍स समस्‍याओं खासकर इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन के लिए भी किया जा रहा है। दरअसल कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए इस दवा का इस्‍तेमाल किया जाता है। हालांकि इस दवा के अधिक इस्‍तेमाल करने से ब्‍लड प्रेशर बढ़ सकता है। लेकिन यह कोलेस्‍ट्रॉल कम करने के अलावा कार्डियोवस्‍कुलर बीमारियों से बचाव में भी सहायक है।
Cure Erectile Dysfunction in Hindi

स्‍टैटिन कैसे करती है काम

स्‍टैटिन का प्रयोग करने से श्रोणि के क्षेत्र में रक्‍त का संचार बढ़ता है जिसके कारण पेनिस में रक्‍त का प्रवाह होता है और इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन नहीं होता। यौन संबंध के लिए संवेदना उत्‍पन्‍न करने वाली अन्‍य दवायें जैसे वियाग्रा, सियालिस और लेविट्रा का जब बेअसर हो जाती हैं तब टैटिन का प्रयोग काम का हो सकता है।

इजिप्‍ट के टांटा यूनिवर्सिटी द्वारा किये गये एक शोध में यह बात सामने आयी, शोध के अनुसार टैटिन का प्रयोग करने से नाइट्रिक ऑक्‍साइड का उत्‍पादन बढ़ जाता है, यह रक्‍त की धमनियों को आराम देने के साथ ही रक्‍त के संचार (श्रोणि के आसपास अधिक) को बढ़ा देता है। जब इस क्षेत्र में रक्‍त का संचार अच्‍छे से होता है तब यौन संबंध बनाने के दौरान इरेक्‍शन तुरंत नहीं होता।

हालांकि स्‍टैटिन का अधिक प्रयोग करने के कारण ब्‍लड प्रेशर अधिक हो जाता है जिसकी वजह से दिल की बीमारियों के होने की संभावना भी अधिक होती है, इसलिए चिकित्‍सक की सलाह के बाद ही इन दवाओं का प्रयोग करें।

image source - getty images

 

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