गर्भावस्‍था के दौरान वजन बढ़ने की समस्‍या

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 27, 2013
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • गर्भवती महिला को नियमित रूप से 2500-300 कैलोरी की जरूरत होती है।
  • ज्‍यादा वसा और उच्‍च कार्बोहाइड्रेटयुक्‍त खाद्य-पदार्थ खाने से वजन बढ़ता है।
  • ज्‍यादा आराम करने के कारण वजन बढ़ने की समस्‍या होती है।
  • प्रेग्‍नेंट होने के बाद नियमित जांच करायें और चिकित्‍सक से सलाह लेती रहें।

गर्भावस्‍था के दौरान वजन बढ़ना एक सामान्‍य प्रक्रिया है। गर्भधारण करने के बाद महिला का वजन सामान्‍यतया 8-15 किलो बढ़ता है, जिसमें बच्‍चे का वजन लगभग 3 किलो तक ही होता है। लेकिन क्‍या आपको पता है गर्भावस्‍था के दौरान मां का वजन 90 क्रिगा से ज्‍यादा नही होना चाहिए।

weight gain problem during pregnancy
ब्रिस्टल विश्वविद्यालय द्वारा किये गये एक शोध में यह बात सामने आयी कि जिन महिलाओं का वजन 'इंस्टीट्यूट ऑफ मेडीसिन' द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों में बताए गए वजन से ज्यादा था उनके बच्चों में अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में कमी देखी गई और भविष्‍य में दिल की बीमारियों के होने का खतरा बढ़ने की संभावना ज्‍यादा थी। गर्भधारण के बाद वजन बढ़ने की समस्‍या क्‍यों होती है आइए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।


गर्भावस्‍था के दौरान वजन बढ़ने के कारण


अधिक कैलोरी की आवश्‍यकता

गर्भवती महिला को नियमित रूप से 2500-300 कैलोरी की जरूरत होती है। जिसकी पूर्ति 10 प्रतिशत प्रोटीन से, 35 प्रतिशत वसा यानी तेल, घी और मक्खन से तथा 55 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट से आती है। अगर मां का वजन ज्यादा है तो उसे प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ाने से बचना चाहिए। वैसे प्रेग्नेंसी के शुरूआत में बच्चे की ग्रोथ कम रहती है, तीसरे ट्राइमेस्‍टर में बच्‍चा तेजी से बढ़ता है। उस वक्त मां को ज्यादा कैलरी की जरूरत पड़ती है, इसलिए दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर में खाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।


खान-पान में बदलाव

गर्भावती होने के बाद यदि खान-पान में कोताही बरती जाये तो कई प्रकार की जटिलतायें हो सकती हैं। महिला को सभी जरूरी पोषक तत्‍व, मिनरल्‍स, विटामिन और प्रोटीन खाद्य-पदार्थों से ही मिलते हैं। ऐसे में महिला खान-पान पर विशेष ध्‍यान देती है जिसके कारण वजन बढ़ता है। ज्‍यादा वसा और उच्‍च कार्बोहाइड्रेटयुक्‍त खाद्य-पदार्थ खाने से वजन बढ़ने की समस्‍या होती है।


भ्रूण का वजन

गर्भवती होने के बाद महिला के अंदर अतिरिक्‍त वजन होता है और वह है होने वाले बच्‍चे का। प्रेग्‍नेंसी के बाद महिला के बढ़े हुए वजन में तीस प्रतिशत वजन भ्रूण का भी होता है। बच्‍चे के वजन के अलावा स्‍तनों का वजन, एम्‍नीओटिक द्रवों का वजन, ओवल का वजन, अतिरिक्‍त रक्‍त का वजन भी होता है। 12-15 किलो बढ़े वजन में भ्रूण का वजन लगभग तीन किलो तक ही होता है।


शारीरिक गतिविधि न करना

गर्भवती होने के बाद महिला शारीरिक गतिविधि करने की बजाय ज्‍यादा आराम करती है। प्रेग्‍नेंट होने के बाद योग और एक्‍सरसाइज के अलावा महिला घरेलू काम करना बंद कर देती है। ज्‍यादा आराम करने के कारण वजन बढ़ने की समस्‍या होती है।



गर्भधारण करने के बाद पहले ट्राइमेस्‍टर में महिला का वजन ज्‍यादा नही बढ़ना चाहिए, दूसरे ट्राइमेस्‍टर में लगभग 30 प्रतिशत और तीसरे ट्राइमेस्‍टर में 70 प्रतिशत तक वजन बढ़ना चाहिए। प्रेग्‍नेंट होने के बाद नियमित रूप से जांच करायें और चिकित्‍सक से सलाह लेती रहें।

 

 

Read More Articles on Pregnancy Symptoms In Hindi

Write a Review Feedback
Is it Helpful Article?YES16 Votes 5498 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर